प्रेम कौर
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| प्रेम कौर वड़ैच | |
|---|---|
| सिख साम्राज्य की महारानी महारानी साहिबा पटरानी | |
| महारानी सिख साम्राज्य की पत्नी | |
| शासनावधि | 18 जनवरी 1841 – 15 सितंबर 1843 |
| पूर्ववर्ती | नानकी कौर अटारीवाला |
| उत्तरवर्ती | बाम्बा म्यूलर (शीर्षक) |
| जन्म | 1809 गुजरांवाला, पंजाब, सिख साम्राज्य |
| निधन | 1874 लाहौर, पंजाब, ब्रिटिश भारत |
| जीवनसंगी | शेर सिंह |
| संतान | युवराज प्रताप सिंह |
| घराना | सुकेरचकिया (विवाह द्वारा) |
| पिता | हरि सिंह वरैच |
महारानी प्रेम कौर सिख साम्राज्य के चौथे महाराजा महाराजा शेर सिंह की रानी थीं। वह पंजाब के गुजरांवाला जिले के लाधेवाला वरैच गाँव की रहने वाली थीं और एक जाट सिख परिवार से थीं। उनके पिता का नाम लंबरदार हरि सिंह वड़ैच था।
उनका विवाह वर्ष 1822 में राजकुमार शेर सिंह से हुआ था, जो उस समय के सिख साम्राज्य के संस्थापक महाराजा रणजीत सिंह और उनकी रानी महारानी मेहताब कौर के पुत्र थे। महाराजा शेर सिंह महाराजा रणजीत सिंह के उन दो जुड़वा पुत्रों में से एक थे, जिनमें वे बड़े थे।[1]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Christopher Campbell (2000). The Maharajah's box: an imperial story of conspiracy, love and a guru's prophecy. HarperCollinsPublishers. p. 17.