प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना
| प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) | |
|---|---|
| देश | भारत |
| प्रधानमन्त्री | नरेंद्र मोदी |
| मन्त्रालय | मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय |
| प्रमुख लोग | निर्मला सीतारामन् |
| आरम्भ | 5 जुलाई 2019 |
| जालस्थल |
pmmsy |
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) भारत सरकार द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में तेजी से सुधार लाना है। इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री द्वारा 5 जुलाई 2019 को बजट 2019-20 के दौरान किया गया था। इसके लिए ₹804.75 करोड़ का बजट दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की कमाई को 2022-23 तक दो गुना करना था। इसके अलावा सरकार का उद्देश्य इस योजना के द्वारा भारत को मछली उत्पादन के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाना था।
इस योजना का संचालन मतस्य विभाग द्वारा किया जाता है एवं इसके तहत मछुआरों को विभिन्न प्रकार से आर्थिक सहायता, जानकारी प्रदान करना एवं उपकरण आदि हेतु लोन उपलब्ध कराना है। यह योजना भारत के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है।
इतिहास
[संपादित करें]5 जुलाई 2019 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन् द्वारा इस योजना को लागू किया गया। विभाग द्वारा जानकारी डाली गई है की इस योजना द्वारा मछली का उत्पादन 1.02 करोड़ (2014-15) से 1.37 करोड़ मेट्रिक टन (2018-19) हो गया। इसके अलावा उत्पादन में 2.3 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़ कर 3.3 टन प्रति हेक्टेयर हो गया। निर्यात भी ₹33,442 करोड़ से बढ़ कर ₹46,589 करोड़ हो गया।[1][2]
उद्देश्य
[संपादित करें]- अगले पाँच वर्षों में ₹20,000 करोड़ से अधिक का निवेश
- मछली उत्पादन को 220 एलएमटी तक बढ़ाना
- मछुआरों और मछली पालन की आय दोगुनी और रोजगार सृजन करना
- तटीय मछुआरे गावों में 3477 सागर मित्रों का पंजीकरण
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "The Tides of Change: From Blue Revolution to PMMSY". PMMSY. मूल से से 22 मई 2025 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 20 मई 2025.
- ↑ "What is Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana?". कृषि जागरण. 2020. अभिगमन तिथि: 20 मई 2025.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- आधिकारिक वेबसाइट Archived 2025-05-22 at the वेबैक मशीन