प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) भारत सरकार की एक योजना है जिसे जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं।

इस योजना में तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है।

का मुख्‍य उद्देश्‍य देश में सभी युवा वर्ग को संगठित करके उनके कौशल को निखार कर उनकी योग्‍तानुसार रोजगार देना है। इस योजना के अंतर्गत पहले वर्ष में 24 लाख युवाओं को शामिल किया जाएगा। इसके बाद 2022 तक यह संख्‍या 40.2 करोड़ ले जाने की योजना है। इसके अलावा इस योजना से लोग अधिक से अधिक जुड़ सकें, इसके लिए युवाओं को ऋण प्राप्‍त करने की भी सुविधा है।

इस काम के लिए और लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए सरकार ने कई टेलिकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिए अपने साथ जोड़ रखा है। यह मोबाइल कंपनियां मैसेज के द्वारा इस योजना को सभी लोगों तक पहुंचाने का कार्य करती हैं। इस योजना के तहत मोबाइल कंपनियां योजना से जुड़े लोगों को मैसेज करके एक फ्री ट्रोल नंबर देंगी जिस पर कैंडिडेट को मिस कॉल देना होता है। मिस कॉल के तुरंत बाद आपके पास एक नंबर से फोन आएगा जिसके बाद आप आईवीआर सुविधा से जुड़ जाएंगे। इसके बाद कैंडिंडेट को अपनी जानकारी निर्देशानुसार भेजनी होगी। आपके द्वारा भेजी गई जानकारी कौशल विकास योजना के सिस्‍टम में सुरक्षित रख ली जाएगी। यह जानकारी मिलने के बाद आवेदनकर्ता को उसी के क्षेत्र में यानी कि उसके निवास स्‍थान के आस-पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ा जाएगा।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]