प्रत्यायोजित विधान

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

प्रत्यायोजित विधान (delegated legislation) उन कानूनों को कहते हैं जो कार्यपालिका द्वारा बनाये जाते हैं। इन्हें 'द्वितीयक विधान' भी कहते हैं। इसके विपरीत, विधायिका द्वारा बनाये विधानों को प्राथमिक विधान (primary legislation) कहते हैं।

प्राथमिक विधान एक विस्तृत रूपरेखा या सिद्धान्त पेश करते हैं और कार्यपालिका को अधिकार देते हैं कि वह अपनी आवश्यकता के अनुसार नियम बना सके। इसी के आधार पर कार्यपालिका अपने लिये उपयुक्त विधान बनाती है जिन्हें 'प्रत्यायोजित विधान' कहते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]