प्रतिविंध्य

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प्रतिविंध्य का उल्लेख महाभारत में आता है।

”स तेन सहितोराजन स्वयसाची:, विजिग्ये शाकलं द्वीपं प्रतिविंध्यं च पार्थिवम्”[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |पृष्ठ संख्या: ५८१|
  2. महाभारत, आदिपर्व, २६/५