प्रताप सिंह

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मान्य जथेदार
ज्ञानी प्रताप सिंह
ਮਾਣਯੋਗ ਜਥੇਦਾਰ
ਗਿਆਨੀ ਪ੍ਰਤਾਪ ਸਿੰਘ
Jathedar Partap Singh.jpg

अकाल तख़्त के उप-जथेदार
पद बहाल
19 दिसंबर, 1937 – 1948
नियुक्त किया शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
पूर्वा धिकारी ओहदा स्थापित
उत्तरा धिकारी किरपाल सिंह

पद बहाल
1948–1952
नियुक्त किया शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी

अकाल तख़्त के 19वें जथेदार
पद बहाल
1952 – 15 फ़रवरी, 1955
नियुक्त किया शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
पूर्वा धिकारी मोहन सिंह नागोके
उत्तरा धिकारी अच्छार सिंह

जन्म ०३ जनवरी १९०४
नारा, रावलपिंडी, पंजाब क्षेत्र
मृत्यु मई 10, 1984(1984-05-10) (उम्र 80)
अमृतसर, पंजाब
जन्म का नाम प्रताप सिंह
राष्ट्रीयता भारतीय
जीवन संगी शांत कौर
बच्चे इंदर कौर
सतिंदर कौर
राजिंदर सिंह
महिंदर सिंह
परमजीत सिंह
जसपाल कौर
शैक्षिक सम्बद्धता ख़ालसा उपदेश कॉलेज, गुजरांवाला
धर्म सिख धर्म

ज्ञानी प्रताप सिंह (पंजाबी: ਗਿਆਨੀ ਪ੍ਰਤਾਪ ਸਿੰਘ; 3 जनवरी, 1904 – 10 मई, 1984) एक सिख पुजारी और पंजाबी लेखक थे। वे 19 दिसंबर, 1937 से 1948 तक अकाल तख़्त के उप-जथेदार थे और 1952 से 5 फ़रवरी, 1955 तक वे अकाल तख़्त के मुख्य जथेदार रहे।[1]

आरंभिक ज़िंदगी और व्यवसाय[संपादित करें]

प्रताप सिंह का जन्म 3 जनवरी 1904 को नारा गाँव, रावलपिंडी के नज़दीक हुआ था। उनका पिता मक्खन सिंह थे और उनकी माँ मथुरा देवी थी। अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने से पहले उन्होंने ख़ालसा में शामिल किया।[1]

कार्य[संपादित करें]

  • ज़ात पात ते छूत छात (पंजाबी: ਜ਼ਾਤ ਪਾਤ ਤੇ ਛੂਤ ਛਾਤ), 1933
  • गुरमति लैक्चर (पंजाबी: ਗੁਰਮਤਿ ਲੈਕਚਰ), 1944
  • ऐतिहासिक लैक्चर दो भाग (पंजाबी: ਇਤਿਹਾਸਕ ਲੈਕਚਰ ਦੋ ਭਾਗ), 1945
  • साडा देश ते उसदीयां समस्यावां (पंजाबी: ਸਾਡਾ ਦੇਸ਼ ਤੇ ਉਸਦੀਆਂ ਸਮਸਿਆਵਾਂ), 1945
  • भगत दर्शन (पंजाबी: ਭਗਤ ਦਰਸ਼ਨ), 1945
  • गुरमति फ़िलासफ़ी (पंजाबी: ਗੁਰਮਤਿ ਫਿਲਾਸਫੀ), 1946
  • संसार दा धार्मिक इतिहास (पंजाबी: ਸੰਸਾਰ ਦਾ ਧਾਰਮਿਕ ਇਤਿਹਾਸ), 1948
  • क़ुदरत दे चमतकार (पंजाबी: ਕੁਦਰਤ ਦੇ ਚਮਤਕਾਰ), 1947
  • पाकिस्तानी घलूघारा (पंजाबी: ਪਾਕਿਸਤਾਨੀ ਘਲੂਘਾਰਾ), 1948
  • अकाली लहर दा इतिहास (पंजाबी: ਅਕਾਲੀ ਲਹਿਰ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸ), 1951
  • बाबा ख़ु़दा सिंह (पंजाबी: ਬਾਬਾ ਖੁਦਾ ਸਿੰਘ), 1962
  • बाबा बीर सिंह नौरंगाबाद (पंजाबी: ਬਾਬਾ ਬੀਰ ਸਿੰਘ ਨੌਰੰਗਾਬਾਦ), 1962
  • तख़्तां बारे विचार (पंजाबी: ਤਖਤਾਂ ਬਾਰੇ ਵਿਚਾਰ), 1966
  • नक़ली निरंकारी (पंजाबी: ਨਕਲੀ ਨਿਰੰਕਾਰੀ), 1967
  • शहीद दर्शन सिंह फेरूमान (पंजाबी: ਸ਼ਹੀਦ ਸ:ਦਰਸ਼ਨ ਸਿੰਘ ਫੇਰੂਮਾਨ), 1968
  • राधा स्वामी मय दर्पण (पंजाबी: ਰਾਧਾ ਸਵਾਮੀ ਮਤ ਦਰਪਨ), 1969
  • गुरबाणी इस जग महि चानण (पंजाबी: ਗੁਰਬਾਣੀ ਇਸ ਜਗ ਮਹਿ ਚਾਨਣ), 1975
  • कूका गुरु डम (पंजाबी: ਕੂਕਾ ਗੁਰੂ ਡਮ), 1972
  • महाबलि गुरु गोबिंद सिंह (पंजाबी: ਮਹਾਬਲੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ), 1974
  • हिंद दी चादर गुरु तेग़ बहादुर (पंजाबी: ਹਿੰਦ ਦੀ ਚਾਦਰ ਗੁਰੂ ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ), 1975
  • अकाली लहर के महान नेता (पंजाबी: ਅਕਾਲੀ ਲਹਿਰ ਦੇ ਮਹਾਨ ਨੇਤਾ), 1976
  • अमृतसर सिफ्ती दा धर (पंजाबी: ਅਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਿਫਤੀ ਦਾ ਘਰ), 1977

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Nirankari, Dr Maan Singh (1900s). Giani Partap Singh Ji. Darbar Printing Press. पृ॰ 17.