प्रताप गौरव केंद्र

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प्रताप गौरव केंद्र का उद्घाटन
महाराणा प्रताप की प्रतिमा
भारतमाता की प्रतिमा

प्रताप गौरव केंद्र एक नया दर्शनीय स्थल है जो भारतीय राज्य राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित है। इसका आरम्भ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति ने की थी जिसका लक्ष्य यह रखा गया कि लोग महाराणा प्रताप के बारे में और मेवाड़ के बारे में ऐतिहासिक जानकारी पा सकें।[1][2][3]

यह केन्द्र विभिन्न प्रदर्शनियों के माध्यम से मेवाड़ के पूर्व साम्राज्य के प्रसिद्ध राजा महाराणा प्रताप के जीवन, वीरता और उपलब्धियों के बारे में जानकारी देता है। इसमें मेवाड़ के ऐतिहासिक इतिहास को आकृतियों और प्रतिमाओं के जरिए संजोया गया है। लगभग 20 एकड़ में फैली इस जगह का चप्पा-चप्पा मेवाड़ के गौरवमयी इतिहास की गाथा कहता है। इसमें मेवाड़ और राजस्थान के शूरवीर महाराणा प्रताप से जुड़ी करीब ६० चित्र और कलाकृतियां मौज़ूद है। अरावली के अत्यन्त सुरम्य पहाड़ों के बीच स्थित महाराणा प्रताप गौरव केंद्र में महाराणा प्रताप की ५७ फीट उंची प्रतिमा यहां की सबसे ज्यादा शान बढ़ाती है। साथ ही यहां भारत माता का मंदिर और अखण्ड भारत का नक्शा भी लगाया गया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक समिति इसका संचालन करती है। 100 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में अब तक 40 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। मेवाड़ दीर्घा में मेवाड़ के 29 महापुरुषों की मूर्तियां लगाई गई हैं। प्रमुख रूप से बप्पा रावल, महाराणा कुंभा, महाराणा सांगा, महारानी पद्मिनी, मीराबाई, पन्नाधाय, उदयसिंह, भीलू राणा पूंजा, भामाशाह, महाराणा प्रताप आदि शामिल हैं। केंद्र के एक हिस्से में लाइट एंड साउंड शो दिखाने की भी व्यवस्था है। देशभक्ति का भाव जगाने के लिए डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की गई है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Bhagwat inaugurates Maharana Pratap Gaurav Kendra in Udaipur". Thehitavada. Bharati Web Pvt. Ltd.
  2. "Foundation stone laid for Rana Pratap centre". Timesofindia.indiatimes.com/. Bennett, Coleman & Co. Ltd. अभिगमन तिथि 25 May 2016.
  3. "Bhagwat inaugurates Maharana Pratap Gaurav Kendra in Udaipur". Business-standard. Business Standard Private Ltd. अभिगमन तिथि 29 November 2016.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]