प्रकाशीय तन्तु

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प्रकाशीय तंतु
एक TOSLINK प्रकाश तंतु श्रव्य केबल एक सिरे से प्रदीप्त किया हुआ है

प्रकाशीय तंतु (या केवल तंतु) कांच या प्लास्टिक से निर्मित एक तंतु होता है जिसके लम्बाई की दिशा में प्रकाश का संचरण हो सकता है। आजकल इनका संचार में खूब प्रयोग हो रहा है क्योंकि इनकी सहायता से अधिक दूरी तक बिना संकेत को परिवर्धित किये लेजाया जा सकता है। ये किसी विद्युतचुम्बकीय इन्टरफेरेन्स से भी बहुत कम प्रभावित होते है।

उपयोग[संपादित करें]

संचार[संपादित करें]

संसूचक[संपादित करें]

अन्य उपयोग[संपादित करें]

  • प्रदीप्तीकरण अनुप्रयोगों में
  • चिकित्सीय उपयोग के लिये - किसी टेढे-मेढे रास्ते से शरीर के अन्दर किसी दुर्गम स्थान तक प्रकाश ले जाने के लिये
  • सजावट के लिये

कार्य करने का सिद्धान्त[संपादित करें]

प्रकाश का पूर्ण आन्तरिक परावर्तन

वस्तुतः प्रकाशीय तंतु एक बेलनाकार डाईएलेक्ट्रिक वेवगाइड है जो प्रकाश को अपनी लम्बाई की दिशा में संचरण कराता है। इस प्रक्रिया में प्रकाश का पूर्ण आन्तरिक परावर्तन होता है।

तंतुओं को आपस में या किसी उपकरण से जोडना[संपादित करें]

एक मल्टीमोड तंतु से जुड़ा ST फाइबर कनेक्टर

प्रकाशीय तंतु को अन्त में जब किसी उपकरण से जोड़ना होता है तो उसके लिये प्रकाशीय तन्तु कनेक्टर का प्रयोग करना पड़ता है। ये कनेक्टर प्रायः FC, SC, ST, LC, या MTRJ आदि मानक प्रकार के होते हैं।

प्रकाशीय तंतुओं के दो सिरोंको परस्पर जोड़ने के लिये या तो कनेक्टर प्रयोग में लाये जाते हैं या उन्हें स्प्लाइसिंग प्रक्रिया से जोड़कर एक सतत तरंग दिग्दर्शक (contineous waveguide) बना दिया जाता है। स्प्लाइसिंग का कार्य दो तरह से किया जा सकत है -

  • आर्क फ्यूजन
  • यांत्रिक स्प्लाइसर (यह जल्दी काम करने के लिये उपयुक्त है)

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

पूर्ण आन्तरिक परावर्तन

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]