प्रकाशानुवर्तन

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खिड़की में रखा हुआ यह पौधा प्रकाशानुवर्तन के कारण सूर्य की दिशा में बढ़ रहा है

प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) किसी जीव की ऐसी वृद्धि होती है जो प्रकाश उद्दीपन से प्रभावित हो। यह सबसे अधिक पौधों में देखा जाता है जो अक्सर सूर्य जैसे प्रकाश स्रोतों की दिशा में बढ़ते हैं। यही कारण है कि वनस्पति ऊपर की ओर बढ़ते हुए पाए जाते हैं। पौधों के अलावा यह फफूंद (फ़ंगस) में भी देखा जाता है।[1][2] प्रकाश की ओर बढ़ने को धन-प्रकाशानुवर्तन (positive phototropism) और उस से दूसरी दिशा में बढ़ने को ऋण-प्रकाशानुवर्तन (negative phototropism) कहते हैं। पौधों के ऊपरी तनों में धन-प्रकाशानुवर्तन पाया जाता है - उनमें ऑक्सिन (auxin) नामक एक रसायन होता है जो प्रकाश की उपस्थिति में अभिक्रिया करता है और कोशिकाओं को लम्बा कर देता है, जिसे से पौधा प्रकाश की ओर बढ़ने लगता है। पौधों की जड़ों में ऋण-प्रकाशानुवर्तन और गुरुत्वानुवर्तन होता है, जिस से वे अंधेरे की ओर और नीचली दिशा में बढ़ती हैं।[3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Goyal, A., Szarzynska, B., Fankhauser C. (2012). Phototropism: at the crossroads of light-signaling pathways. Cell 1-9.
  2. Sakai, T., Kagawa, T., Kasahara, M., Swartz, T.E., Christie, J.M., Briggs, W.R., Wada, M., Okada, K. (2001). Arabidopsis nph1 and npl1: Blue light receptors that mediate both phototropism and chloroplast relocation. PNAS 98(12), 6969-6974.
  3. Liscum, E. (2002). Phototropism: Mechanisms and Outcomes. Arabidopsis Book 1-21.