पोस्टमार्टम अंतराल

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पोस्टमार्टम अंतराल समय है किसी भी मानव की मृत्यु के बाद का। पोस्टमार्टम अंतराल से मृत्यु कब हुए उसका पता लगाया जाता है। मृत्यु के करण और समय पता लगाने के लिए अलग अलग तरीके और तकनीको का इस्तेमाल किया जाता है। पोस्टमार्टम अंतराल को शरीर का गलना भी कहा जा सकता है।

मृत्यु के बाद परिवर्तन के प्रकार[संपादित करें]

मृत्यु के बाद शरीर मे कई प्रकार के बदलाव आते है। यह बदलाव पता लगाते है पोस्टमार्टम अंतराल का।

  • अल्ग्र मोर्तिस- शरीर का ठण्डा पड़ना.
  • लिवोर मोर्तिस- शरीर का खून गुरुत्वाकर्षण के करण निचे शरीर के हिस्सों मे जमा हो जाना।
  • कठोरता के क्षण या रियागर मोर्तिस- शरीर के अंगो का अकड़ना।
  • फोरेंसिक कीटविज्ञान- जो जिव और कीटानु शरीर पर आते है।
  • शरीर का गलना- शरीर मे पाए जीवाणु के करण शरीर गलने लगता है।

पारंपरिक अपघटन चरणों[संपादित करें]

पोस्टमार्टम अंतराल का पता लगाने के लिए अपघटन एक सरल पांच चरण की प्रक्रिया का उल्लेख कर सकते है।

  • चरण १- प्रारंभिक क्षय
  • चरण २- सड़न
  • चरण ३- काले सड़न
  • चरण ४- बुत्य्रिक किण्वन
  • चरण ५- मुम्मिफ़्कशान

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • Lin, X; Yin, YS; Ji, Q (2011). "Progress on DNA quantification in estimation of postmortem interval". Fa yi xue za zhi. 27 (1): 47–9, 53. PMID 21542228.
  • Davla, M; Moore, TR; Kalacska, M; LeBlanc, G; Costopoulos, A (2015). "Nitrous oxide, methane and carbon dioxide dynamics from experimental pig graves". Forensic Science International. 247: 41–47. डीओआइ:10.1016/j.forsciint.2014.12.002.