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पोल वॉल्ट

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पोल वॉल्ट
विशेषताएँ
दल के सदस्य व्यक्तिगत स्पर्धा
उपकरण वॉल्टिंग पोल (फाइबरग्लास या कार्बन फाइबर), क्रॉसबार, लैंडिंग मैट
ओलंपिक 1896 (पुरुष), 2000 (महिला)

पोल वॉल्ट, जिसे हिंदी में कभी-कभी बांस कूद भी कहा जाता है, एक प्रमुख ट्रैक और फील्ड एथलेटिक्स स्पर्धा है। इसमें एक एथलीट एक लंबे और लचीले पोल (खंभे या बांस) का उपयोग करके एक ऊंचे क्रॉसबार (क्षैतिज पट्टी) के ऊपर से छलांग लगाने का प्रयास करता है।[1] ऐतिहासिक रूप से, लंबी और बाधाओं वाली जगहों, जैसे कि दलदलों, नहरों या छोटी नदियों को पार करने के लिए डंडों का उपयोग प्राचीन काल से ही किया जाता रहा है। विशेष रूप से नीदरलैंड और ग्रेट ब्रिटेन के दलदली क्षेत्रों में इसका व्यावहारिक उपयोग होता था, लेकिन एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में इसका विकास 19वीं शताब्दी के मध्य में यूरोप में हुआ।

पोल वॉल्ट 1896 में एथेंस में आयोजित पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत से ही पुरुषों की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का एक अनिवार्य हिस्सा रहा है। महिलाओं के लिए इस स्पर्धा को पहली बार सिडनी में आयोजित 2000 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में शामिल किया गया था।[2] खेल के शुरुआती दौर में एथलीट लकड़ी या बांस के कड़े डंडों का उपयोग करते थे, जो बहुत अधिक लचीले नहीं होते थे। 1950 के दशक में इस खेल में एक बड़ी तकनीकी क्रांति आई जब फाइबरग्लास और बाद में कार्बन फाइबर से बने पोल्स का उपयोग शुरू हुआ। इन आधुनिक पोल्स के लचीलेपन और गतिज ऊर्जा को संग्रहीत करने की क्षमता ने एथलीटों को पहले से कहीं अधिक ऊंचाई तक पहुंचने में सक्षम बनाया, जिससे खेल के विश्व रिकॉर्ड्स में भारी उछाल देखने को मिला।

इस स्पर्धा में सफलता केवल शारीरिक शक्ति पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके लिए उत्कृष्ट जिम्नास्टिक कौशल, दौड़ने की गति (स्पीड) और चपलता की भी आवश्यकता होती है। खेल की प्रक्रिया को कई महत्वपूर्ण चरणों में बांटा जाता है: रन-अप (तेजी से दौड़ना), पोल प्लांट (डंडे को बॉक्स में सटीक रूप से फंसाना), टेक-ऑफ, स्विंग (शरीर को ऊपर की ओर धकेलना), और अंत में क्रॉसबार को पार करते हुए गद्दे (लैंडिंग मैट) पर सुरक्षित गिरना।[3] नियमों के अनुसार, प्रत्येक ऊंचाई (क्रॉसबार) को पार करने के लिए एथलीट को तीन प्रयास दिए जाते हैं। यदि कोई खिलाड़ी लगातार तीन बार क्रॉसबार को गिरा देता है या उसे पार करने में विफल रहता है, तो वह प्रतियोगिता से बाहर (एलिमिनेट) हो जाता है। जो एथलीट सबसे अधिक ऊंचाई को सफलतापूर्वक पार करता है, उसे विजेता घोषित किया जाता है।

सन्दर्भ

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  1. "Pole vault". Encyclopedia Britannica.
  2. "Athletics - Pole Vault Equipment, History and Rules". International Olympic Committee.
  3. "Pole Vault - Rules, Records and Information". World Athletics.

बाहरी कड़ियाँ

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