पोलैंड और यूक्रेन के कार्पेथियन क्षेत्र के लकड़ी के चर्च
| यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल | |
|---|---|
सेंट जॉर्ज चर्च, ड्रोहोबिच का आंतरिक भाग | |
| स्थान | पोलैंड और यूक्रेन के कार्पेथियन क्षेत्र |
| शामिल | 16 लकड़ी के चर्च, दोनो देशों में आठ-आठ |
| मानदंड | सांस्कृतिक: iii, iv |
| सन्दर्भ | 1424 |
| शिलालेख | 2013 (37 सत्र) |
| क्षेत्र | 7.03 हे॰ (17.4 एकड़) |
| मध्यवर्ती क्षेत्र | 92.73 हे॰ (229.1 एकड़) |
पोलैंड और यूक्रेन के कार्पेथियन क्षेत्र के लकड़ी के चर्च (अंग्रेज़ी: Wooden Tserkvas of the Carpathian Region in Poland and Ukraine) एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।[1] यह पोलैंड और यूक्रेन में लकड़ी से बने पूर्वी रूढ़िवादी और ग्रीक कैथोलिक चर्चों (यूक्रेनी: Tserkvy) का एक समूह है। इन्हें 2013 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था, जिसके अनुसार :
इन्हें 16वीं और 19वीं सदी के बीच रूढ़िवादी और ग्रीक कैथोलिक समुदायों ने लकड़ी के क्षैतिज लट्ठों से बनाया था। ये चर्च एक खास निर्माण शैली की गवाही देते हैं, जो रूढ़िवादी धार्मिक अभिकल्पना पर आधारित है और जिसमें स्थानीय परंपराओं के तत्व तथा समुदायों की ब्रह्मांड-उत्पत्ति की धारणाओं के प्रतीकात्मक संदर्भ भी शामिल हैं। — विश्व धरोहर केंद्र।[1]
संक्षिप्त विवरण
[संपादित करें]कार्पेथियन क्षेत्र के लकड़ी के चर्च मध्य यूरोप में पोलैंड और यूक्रेन की सीमा पर स्थित पूजा-स्थलों का एक समूह हैं। इस समूह में 16 ऐतिहासिक इमारतें शामिल हैं,[2] जिनमें से 8 इमारतें पोलैंड[3] में तथा 8 इमारतें यूक्रेन में स्थित हैं।[4] ये इमारतें स्लाव देशों की पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला की उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इन चर्चों की बनावट तीन हिस्सों वाली होती है। इनमें एक पिरामिड के आकार का गुंबद और घंटे वाला मीनार होता है। इनकी वास्तुकला पूर्वी धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार है। पहाड़ी इलाका होने के कारण, यहाँ कई स्थानीय जनजातियों का प्रभाव है। ये चर्च लकड़ी और पत्थर की समतल नींव पर बने हैं। इनकी छत और दीवारें लकड़ी के टुकड़ों से ढकी होती हैं। चर्च के चारों ओर दीवारें (बाड़), कब्रिस्तान और पेड़ होते हैं।
सुरक्षा और प्रबंधन
[संपादित करें]कार्पेथियन क्षेत्र के लकड़ी के चर्च की जगहों को पोलैंड और यूक्रेन, दोनों देशों के राष्ट्रीय कानूनों के तहत सबसे ऊँचे स्तर की सुरक्षा दी गई है। इनकी देखरेख दोनों देशों के संस्कृति मंत्रालयों की एक संयुक्त संचालन समिति करती है। यह समिति स्थानीय अधिकारियों और धार्मिक समूहों के साथ मिलकर काम करती है। पर्यटकों के लिए सुविधाओं और कार पार्किंग की योजना इस तरह बनाई गई है कि ऐतिहासिक सुंदरता खराब न हो। आग और बाढ़ जैसे खतरों से बचाने के लिए यहाँ कड़े सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं।
नक्शा
[संपादित करें]इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- 1 2 "Wooden Tserkvas of the Carpathian Region in Poland and Ukraine" [पोलैंड और यूक्रेन के कार्पेथियन क्षेत्र के लकड़ी के चर्च]. यूनेस्को (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 26 अगस्त 2026.
- ↑ वलोडिमिर, हेरिच. "Wooden Tserkvas of the Carpathian Region in the UNESCO World Heritage List. Common Problems and Local Solutions" [यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में कार्पेथियन क्षेत्र के लकड़ी के चर्च। सामान्य समस्याएँ और स्थानीय समाधान]. रीसर्चगेट (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 26 अगस्त 2026.
- ↑ "Wooden Tserkvas of the Carpathian Region in Poland and Ukraine" [पोलैंड और यूक्रेन के कार्पेथियन क्षेत्र के लकड़ी के चर्च]. पोलिश पर्यटन संगठन (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 26 अगस्त 2026.
- ↑ "Wooden Churches of Ukraine" [यूक्रेन के लकड़ी के चर्च]. authenticukraine.com (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 26 अगस्त 2026.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]| पोलैंड और यूक्रेन के कार्पेथियन क्षेत्र के लकड़ी के चर्च से संबंधित मीडिया विकिमीडिया कॉमंस पर उपलब्ध है। |
