पोलिकार्प कुश
| पोलिकार्प कुश | |
|---|---|
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1955 में कुश | |
| जन्म |
26 जनवरी 1911 ब्लैंकेनबर्ग, ब्रंसविक की रियासत, जर्मन साम्राज्य |
| मौत |
मार्च 20, 1993 (उम्र 82 वर्ष) डैलस, टेक्सस, संयुक्त राज्य अमेरिका |
| शिक्षा की जगह |
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| प्रसिद्धि का कारण | इलेक्ट्रॉन के चुम्बकीय आघूर्ण को मापना |
| पुरस्कार | भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (1955) |
पोलिकार्प कुश (26 जनवरी 1911 – 20 मार्च 1993) एक जर्मन-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी थे, जिन्होंने परमाणु और कण भौतिकी के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। वे विशेष रूप से इलेक्ट्रॉन के चुंबकीय आघूर्ण के अत्यंत सटीक मापन के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके प्रयोगों से यह सिद्ध हुआ कि इलेक्ट्रॉन का वास्तविक चुंबकीय आघूर्ण उस मान से थोड़ा अधिक है, जिसकी भविष्यवाणी तत्कालीन सिद्धांतों द्वारा की गई थी।[1]
इस खोज ने भौतिकी जगत में व्यापक प्रभाव डाला, क्योंकि इससे यह स्पष्ट हुआ कि मौजूदा सैद्धांतिक व्याख्याओं में संशोधन की आवश्यकता है। परिणामस्वरूप क्वांटम विद्युतगतिकी के क्षेत्र में नए अनुसंधानों और सैद्धांतिक नवाचारों को प्रोत्साहन मिला, जिसने आगे चलकर आधुनिक कण भौतिकी के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पोलिकार्प कुश को वर्ष 1955 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।[2] यह सम्मान उन्होंने अमेरिकी भौतिक विज्ञानी विलिस यूजीन लैम्ब के साथ संयुक्त रूप से प्राप्त किया, जिनके अनुसंधान ने भी परमाणु संरचना और क्वांटम सिद्धांत की समझ को नई दिशा प्रदान की। पोलिकार्प कुश का कार्य आज भी आधुनिक भौतिकी के आधारभूत प्रयोगात्मक योगदानों में गिना जाता है।
जीवनी
[संपादित करें]पॉलीकार्प कुश्च का जन्म 26 जनवरी 1911 को जर्मनी के ब्लैंकेनबर्ग नगर में हुआ था। वे लूथरन मिशनरी जॉन मैथियास कुश्च और हेनरिटा वान डेर हास के पुत्र थे। 1912 में उनका परिवार संयुक्त राज्य अमेरिका में आकर बस गया और बाद में 1922 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता प्राप्त हुई।[3]
मध्य-पश्चिमी अमेरिका में अपनी प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद कुश्च ने ओहायो राज्य के क्लीवलैंड स्थित केस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रवेश लिया। यहीं से उन्होंने भौतिकी में स्नातक शिक्षा प्राप्त की और 1931 में विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त हुई। इसके पश्चात उन्होंने इलिनॉय विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा ग्रहण की, जहाँ से 1933 में उन्होंने विज्ञान परास्नातक की उपाधि प्राप्त हुई।
कुश्च ने अपनी आगे की शिक्षा भी इलिनॉय विश्वविद्यालय में जारी रखी और प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी फ्रांसिस व्हीलर लूमिस के निर्देशन में अनुसंधान कार्य किया। उनका शोध मुख्यतः प्रकाशीय आणविक वर्णक्रमिकी के क्षेत्र से संबंधित था। इसी विषय में किए गए उनके उत्कृष्ट अनुसंधान के आधार पर उन्हें 1936 में भौतिकी में डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई।[4] यह शोध कार्य उनके वैज्ञानिक जीवन की प्रारम्भिक आधारशिला बना और आगे चलकर उन्हें परमाणु तथा कण भौतिकी के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध हुआ।
वर्ष 1937 में पॉलीकार्प कुश्च कोलंबिया विश्वविद्यालय से जुड़ गए, जहाँ उन्होंने अपने वैज्ञानिक और शैक्षणिक जीवन का अधिकांश समय व्यतीत किया। वे वहाँ भौतिकी के प्राध्यापक रहे और 1970–1971 के दौरान एक वर्ष के लिए विश्वविद्यालय के प्रोवोस्ट के पद पर भी कार्यरत रहे। कोलंबिया में उन्होंने प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी इसिडोर ऐज़क रबि के निर्देशन में आणविक किरण अनुनाद से संबंधित अनुसंधान कार्य आरम्भ किया।[2]
इसी अवधि में उन्होंने इलेक्ट्रॉन के असामान्य चुंबकीय आघूर्ण की खोज की, जिसने आधुनिक क्वांटम सिद्धांत के विकास में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस खोज के बाद उन्होंने चुंबकीय आघूर्णों तथा परमाणुओं की अतिसूक्ष्म संरचना से संबंधित अनेक सटीक मापन किए, जिनसे परमाणु भौतिकी की समझ और अधिक परिष्कृत हुई।
बाद के वर्षों में उनका अनुसंधान क्षेत्र रासायनिक भौतिकी तक विस्तृत हुआ और उन्होंने आणविक किरणों से संबंधित अनेक शोधपत्र प्रकाशित किए। उनकी वैज्ञानिक जिज्ञासा और प्रयोगात्मक कौशल ने उन्हें अपने समय के अग्रणी भौतिक वैज्ञानिकों में स्थान दिलाया।
वर्ष 1972 में उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय छोड़ दिया और डलास स्थित टेक्सास विश्वविद्यालय में प्राध्यापक के रूप में नियुक्त हुए। उन्होंने वहाँ एक दशक तक अध्यापन और अनुसंधान कार्य जारी रखा तथा 1982 में औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त हुए।[3] उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियाँ आज भी परमाणु और कण भौतिकी के इतिहास में महत्त्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Nobel Prize in Physics 1955". नोबेल संस्थान. 2008-12-01 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 2008-10-09.
- 1 2 ब्राउन, मैल्कम डब्ल्यू. (1993). "Polykarp Kusch, Nobel Laureate In Physics in 1955, Is Dead at 82". द न्यूयॉर्क टाइम्स.
- 1 2 रैमसे, नॉर्मन एफ. (2008). "Polykarp Kusch" (PDF). राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी.
- ↑ "Polykarp Kusch – Biographical". नोबेल संस्थान. 2026-03-07 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 2026-05-07.
बाहरी कड़ियाँ
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विकिमीडिया कॉमन्स पर Polykarp Kusch से सम्बन्धित मीडिया- ब्राउन, मैल्कम डब्ल्यू (मार्च 23, 1993). "Polykarp Kusch, Nobel Laureate In Physics in 1955, Is Dead at 82". दि न्यू यॉर्क टाइम्स.
संबंधित अभिलेखीय संग्रह
[संपादित करें]- Haskell A. Reich collection of student notes, circa 1945-1954, Niels Bohr Library & Archives (इसमें कोलंबिया विश्वविद्यालय में पॉलीकार्प कुश के पाठ्यक्रमों के व्याख्यान नोट्स शामिल हैं)