पैराग्वे का इतिहास
इतिहास
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आधुनिक पैराग्वे के पहले निवासी विभिन्न अमेरिकी आदिवासी थे, जो सेमिनोमैडिक थे जिनकी योद्धा संस्कृति थी। 16वीं शताब्दी की शुरुआत तक यूरोपीय लोगों का आगमन होने लगा जिसमें सबसे पहले स्पेनिश विजयविद जुआन दे सलाज़र दे एस्पिनोज़ा के नेतृत्व में पहुंचे और 15 अगस्त, 1537 को असुन्सियोन उपनिवेशिक बस्ती की स्थापना की। जोकि जल्दी ही एक शहर और स्पेनिश औपनिवेशिक प्राधिकरण का केंद्र बन गया। यह ईसाइ बस्तियों और मिशन का मुख्य स्थल भी था, जो 150 वर्षों तक चला, जब तक स्पेनिश अधिकारियों ने 1767 में देश से धार्मिक आदेश निष्कासित नहीं कर दिय। 14 मई, 1811 को स्पेनिश औपनिवेशिक प्रशासन को हटाकर देश स्वतंत्र हो गया।
पैराग्वे कई वर्षों तक अपने पड़ोसियों, अर्जेंटीना, ब्राजील और उरुग्वे के बीच चली लड़ाई की श्रृंखला में शामिल रहा। तीन गठबंधन के युद्ध में जो पांच सालों तक चलता रहा, पैराग्वे अपने तीन पड़ोसी देशों के हाथों 1870 में पराजित हो गया। पैराग्वे अर्जेंटीना और ब्राजील के हाथों, अपनी आधी से ज्यादा आबादी और क्षेत्रफल खो बैठा। 1930 के दशक में यह बोलीविया के खिलाफ चाको युद्धों लड़ा जहां वह विजयी रहा। पैराग्वे चाको क्षेत्र में अपना अधिकार को फिर से स्थापित करने में सक्षम रहा, लेकिन शांति समझौते के हिस्से के रूप में अतिरिक्त क्षेत्र को त्यागना पड़ा। 1904 से 1954 तक देश के 31 राष्ट्रपति हुए, जिनका औसत सेवाकाल डेढ़ वर्ष रहा। अधिकांशो ने अपना कार्यकाल तक पूरा नहीं किया।
2008 में पूर्व बिशप फर्नांडो लूगो ने भारी बहुमत से राष्ट्रपति चुनाव जीत कर, देश में रूढ़िवादी पार्टी के लगातार 60 वर्षों से अधिक का शासन समाप्त कर दिया।