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गौरेला

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गौरेला
Gaurela
पेण्ड्रा रोड
गौरेला is located in छत्तीसगढ़
गौरेला
गौरेला
छत्तीसगढ़ में स्थिति
निर्देशांक: 22°46′01″N 81°52′01″E / 22.767°N 81.867°E / 22.767; 81.867निर्देशांक: 22°46′01″N 81°52′01″E / 22.767°N 81.867°E / 22.767; 81.867
ज़िलागौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िला
प्रान्तछत्तीसगढ़
देश भारत
जनसंख्या (2011)
  कुल18,165
भाषाएँ
  प्रचलितहिन्दी, छत्तीसगढ़ी

गौरेला (Gaurela), जिसे पेण्ड्रा रोड (Pendra road) भी कहा जाता है, भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले में स्थित नगर पालिका है। साथ ही गौरेला जीपीएम ज़िले का मुख्यालय भी है।

गौरेला छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले का एक नगर है और यह जिला मुख्यालय भी है। गौरेला का टेलीफोन कोड 07751 और आरटीओ पंजीकरण कोड सीजी 31 है। रेलवे स्टेशन पेंड्रा रोड के नाम से जाना जाता है, गौरेला शहर का रेलवे स्टेशन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर - कटनी रेल मार्ग पर है। गौरेला की समुद्र तल से ऊंचाई 618.4 मीटर है, जो एसईसी रेलवे का सबसे ऊंचा स्टेशन है। यह पवित्र तीर्थ अमरकंटक का सबसे नजदीकी स्टेशन है। अरपा, जोहिला, सोन, तिपान सहित अनेक नदियां इस क्षेत्र में हैं। साथ ही देश की प्रमुख और पवित्र नदी "नर्मदा" का उद्गम भी गौरेला से मात्र 30 किलोमीटर दूर स्थित "अमरकंटक" से होता है। "अमरकंटक" यात्रा और दर्शन के लिए पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन पर उतरें। गौरेला से निकटतम हवाई अड्डे बिलासपुर 100 किमी, रायपुर 226 किमी और जबलपुर 270 किमी की दूरी पर हैं। यहाँ बिलासपुर, शहडोल, अंबिकापुर, कटनी और जबलपुर से सड़क मार्ग द्वारा भी आसानी से पहुंचा जा सकता है।

"अरपा नदी" छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख नदी है। सरकारी रिकॉर्ड और दृश्य रूप में अरपा नदी का उद्गम गौरेला ब्लॉक के खोडरी गांव से होता है। लेकिन कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि अरपा का उद्गम पेंड्रा नगर के निकट ग्राम अमरपुर से हुआ है। "सोन नदी" का उद्गम पौराणिक दृष्टि से मध्यप्रदेश के अमरकंटक स्थित सोनमूड़ा से माना जाता है, जहाँ से यह नदी एक जलप्रपात के रूप में नीचे गिर कर विलुप्तप्राय हो भी जाती है, फिर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्राम सोनबचरवार स्थित सोन कुंड से इसका प्रवाह निरंतर होता है। धरातल पर सोन बचरवार ही सोन नदी का उद्गम माना जाता है। "जुहिला नदी" का उद्गम भी गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्राम तवाडबरा में स्थित स्वयंभू शिव मंदिर ज्वालेश्वर महादेव मंदिर के समीप है।

गौरेला यह एक शांत शीतल और आनंद लेने और रहवास के लिए सुंदर स्थान है और यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन नक्शे पर तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है।

जलवायु

गौरेला का मानसून सीज़न जुलाई, अगस्त और सितंबर में होता है। यहाँ दिसंबर और जनवरी में अच्छी ठंड पड़ती है। यह नगर मैकल पर्वत श्रेणी की छांव में बसा है और इस क्षेत्र लगभग पूरे साल छिटपुट बारिश होती रहती है। जलवायु की दृष्टि से गौरेला एक सुपरिचित क्षेत्र है, ब्रिटिश शासन काल में और उसके बाद भी यह क्षेत्र "सेनेटोरियम अस्पताल" के लिए पूरे एशिया में जाना जाता रहा है।

इन्हें भी देखें

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सन्दर्भ

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