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पुरस्थ ग्रंथि शोथ

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पुरस्थ ग्रंथि शोथ
अन्य नामप्रोस्टेटाइटिस, प्रोस्टेटोसिस
पुरस्थ ग्रंथि शोथ का सूक्ष्मलेख
सूक्ष्मलेख जिसमें एक प्रदाहयुक्त पुरस्थ ग्रंथि दिखाई गई है, जो पुरस्थ ग्रंथि शोथ का ऊतकीय सहसंबंध है। बाईं ओर एक सामान्य, बिना प्रदाह वाली ग्रंथि देखी जा सकती है। एच और ई स्टेन।
विशेषज्ञता क्षेत्रमूत्रविज्ञान
लक्षणतीव्र: श्रोणि क्षेत्र में अचानक दर्द का उठना, बुखार[1]
जीर्ण: 3 महीने से अधिक समय तक रुक-रुक कर दर्द और मूत्र संबंधी लक्षण[1]
जटिलतातीव्र: मूत्र प्रतिधारण, पुरस्थ ग्रंथि विद्रधि[1]
जीर्ण: बार-बार होने वाला मूत्र मार्ग संक्रमण[2]
उद्भव30 से 50 वर्ष की आयु के बीच[1]
प्रकारतीव्र जीवाण्विक पुरस्थ ग्रंथि शोथ, जीर्ण जीवाण्विक पुरस्थ ग्रंथि शोथ, जीर्ण पुरस्थ ग्रंथि शोथ/जीर्ण श्रोणि शूल संलक्षण, स्पर्शोन्मुख प्रदाहक पुरस्थ ग्रंथि शोथ[2]
कारणतीव्र: जीवाणु संक्रमण[1]
जीर्ण: प्रायः अस्पष्ट[1]
निदानशारीरिक परीक्षण, मूत्र विश्लेषण, चिकित्सा प्रतिबिम्बन, पी॰एस॰ए॰ परीक्षण, वीर्य परीक्षण[2]
विभेदक निदानपुरस्थ ग्रंथि कैंसर, मूत्र मार्ग संक्रमण, सुदम्य पुरस्थ ग्रंथि अतिवृद्धि, गुर्दे की पथरी, मूत्राशय कैंसर[1][3]
चिकित्सातीव्र: प्रतिजैविक[1]
जीर्ण: अल्फा अवरोधक, गैर-स्टेरायडल प्रदाहरोधी औषधि, प्रतिजैविक[1][2]
आवृत्तिसामान्य[2]

पुरस्थ ग्रंथि शोथ (Prostatitis) पुरस्थ ग्रंथि में होने वाला एक प्रदाह है।[1] इसके दो मुख्य प्रकार हैं: तीव्र और जीर्ण।[1] तीव्र पुरस्थ ग्रंथि शोथ अचानक शुरू होता है, इसमें अत्यधिक पीड़ा होती है, और यह कम पाया जाता है।[1] जीर्ण पुरस्थ ग्रंथि शोथ कम से कम तीन महीने तक रहता है, इसके लक्षण आते-जाते रहते हैं, और यह अधिक सामान्य है।[1] तीव्र बीमारी की जटिलताओं में मूत्र प्रतिधारण या पुरस्थ ग्रंथि विद्रधि शामिल हो सकते हैं।[1] जीर्ण बीमारी के परिणामस्वरूप बार-बार मूत्र मार्ग संक्रमण हो सकता है।[2]

तीव्र बीमारी का कारण आमतौर पर एक जीवाणु संक्रमण होता है, जबकि जीर्ण बीमारी का कारण प्रायः कम स्पष्ट होता है।[1] जीर्ण बीमारी को जीर्ण जीवाण्विक पुरस्थ ग्रंथि शोथ और जीर्ण पुरस्थ ग्रंथि शोथ/जीर्ण श्रोणि शूल संलक्षण में विभाजित किया जा सकता है।[2] इसकी एक अन्य श्रेणी भी है जिसे स्पर्शोन्मुख प्रदाहक पुरस्थ ग्रंथि शोथ कहा जाता है।[2] इसके निदान में परीक्षण, मूत्र विश्लेषण, चिकित्सा प्रतिबिम्बन, पी॰एस॰ए॰ परीक्षण और वीर्य परीक्षण शामिल हो सकते हैं।[2]

इसका उपचार इसके प्रकार पर निर्भर करता है।[1] तीव्र पुरस्थ ग्रंथि शोथ का उपचार आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है, जबकि जीर्ण बीमारी के उपचार में एंटीबायोटिक के साथ-साथ अल्फा अवरोधक और गैर-स्टेरायडल प्रदाहरोधी औषधि का उपयोग किया जा सकता है।[1][2] विरले ही इसके लिए शल्यक्रिया की आवश्यकता होती है।[2] स्पर्शोन्मुख पुरस्थ ग्रंथि शोथ के लिए उपचार की आवश्यकता नहीं भी हो सकती है।[2]

पुरस्थ ग्रंथि शोथ जीवन में कभी न कभी लगभग आधे पुरुषों को प्रभावित करता है।[2] मूत्र संबंधी लक्षणों के लिए मूत्र रोग विशेषज्ञ के पास जाने वाले लगभग एक-चौथाई मरीजों का कारण यही बीमारी होती है।[2] यह बीमारी सबसे अधिक 30 से 50 वर्ष की आयु के पुरुषों में होती है।[1] पुरस्थ ग्रंथि शोथ का पहली बार वर्णन 1838 में वर्डीज़ द्वारा किया गया था, और इसके प्रारंभिक उपचारों में जोंक का उपयोग तथा पुरस्थ ग्रंथि मालिश शामिल थे।[4]

  1. 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 "Prostatitis" [पुरस्थ ग्रंथि शोथ]. nhs.uk (अंग्रेज़ी भाषा में). 19 अक्टूबर 2017. 17 अक्टूबर 2017 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 7 नवम्बर 2020. Archived 2017-10-17 at the वेबैक मशीन
  2. 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 Khan, FU; Ihsan, AU; Khan, HU; Jana, R; Wazir, J; Khongorzul, P; Waqar, M; Zhou, X (अक्टूबर 2017). "Comprehensive overview of prostatitis" [पुरस्थ ग्रंथि शोथ का व्यापक अवलोकन।]. Biomedicine & pharmacotherapy = Biomedecine & pharmacotherapie (अंग्रेज़ी भाषा में). 94: 1064–1076. डीओआई:10.1016/j.biopha.2017.08.016. पीएमआईडी 28813783.
  3. ↑ Sharp, VJ; Takacs, EB; Powell, CR (15 अगस्त 2010). "Prostatitis: diagnosis and treatment" [पुरस्थ ग्रंथि शोथ: निदान और उपचार।]. American family physician (अंग्रेज़ी भाषा में). 82 (4): 397–406. पीएमआईडी 20704171.
  4. ↑ Partin, Alan W.; Wein, Alan J.; Kavoussi, Louis R.; Peters, Craig A.; Dmochowski, Roger R. (2020). Campbell Walsh Wein Urology, E-Book (अंग्रेज़ी भाषा में). Elsevier Health Sciences. p. 1202. ISBN 978-0-323-67227-6. 27 अगस्त 2021 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 7 नवम्बर 2020. Archived 2021-08-27 at the वेबैक मशीन