पुरस्थ
| पुरःस्थ | |
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| विवरण | |
| लातिनी | Prostata |
| अग्रगामी | Endodermic evaginations of the urethra |
| Internal pudendal artery, inferior vesical artery, and middle rectal artery | |
| Prostatic venous plexus, pudendal plexus, vesical plexus, internal iliac vein | |
| Inferior hypogastric plexus | |
| internal iliac lymph nodes | |
| अभिज्ञापक | |
| टी ए | A09.3.08.001 |
| एफ़ एम ए | 9600 |
| शरीररचना परिभाषिकी | |
पुरःस्थ या पौरुष ग्रंथि (प्रॉस्टेट) केवल पुरुषों में पाई जाने वाली एक छोटी ग्रंथि है, जो मूत्राशय के ठीक नीचे और मूत्रमार्ग (युरेथ्रा या पेशाब की नली ) के चारों ओर स्थित होती है। इसका मुख्य कार्य वीर्य (Semen) के लिए तरल पदार्थ बनाना है जो शुक्राणुओं को पोषण कर सके और उन्हें गति करने के लिये माध्यम प्रदान करे। यह मलाशय के सामने होती है, जिससे डॉक्टर इसे महसूस कर सकते हैं।
यह अखरोट के आकार की होती है और उम्र के साथ बढ़ सकती है, जिससे मूत्र संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। यह प्रोस्टेटाइटिस (सूजन) या प्रोस्टेट कैंसर जैसी समस्याओं से प्रभावित हो सकती है।
स्वस्थ प्रोस्टेट के लिए स्वस्थ आहार (कम वसा, ज़्यादा सब्जियां) लेनी चाहिये। कैफीन और शराब से परहेज करना चाहिये। नियमित व्यायाम और धूप (विटामिन डी के लिए) लेना चाहिये।
पुरस्थ से जुड़ी सामान्य समस्याएँ
[संपादित करें]सौम्य प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH) : उम्र के साथ प्रोस्टेट का सामान्य रूप से बढ़ना, जिससे पेशाब में रुकावट या कठिनाई होती है।
प्रोस्टेटाइटिस : प्रोस्टेट की सूजन (infection)
प्रोस्टेट कैंसर : प्रोस्टेट कोशिकाओं का अनियंत्रित विकास।
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- पौरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) की सूजन: प्रमुख जानकारी और निदान Archived 2021-01-17 at the वेबैक मशीन