पुनीता अरोड़ा

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लेफ्टिनेंट जनरल पुनीता अरोड़ा भारतीय सशस्त्र बलों के लेफ्टिनेंट बनने वाली भारत में पहली महिला और भारतीय नौसेना के पहले वाइस एडमिरल है। [1]

प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

वह लाहौर की निवासी है और एक पंजाबी परिवार में पैदा हुई थी। वह 12 साल की थी जब उनके परिवार ने विभाजन के दौरान भारत के लिए चले आए और सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में बस गए।[2]

शिक्षा[संपादित करें]

वह 8 वीं कक्षा तक सहारनपुर में सोफिया स्कूल में अध्ययन कि। उसके बाद वह गुरु नानक गर्ल्स इंटर कालेज में गई। 11 वीं स्टैंडर्ड में वह एक कैरियर के रूप में विज्ञान लेने का फैसला किया। वह 1963 में पुणे के, आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया। वह एएफएमसी के दूसरे बैच था और वे उस बैच की टॉपर हुआ करती थी।[3]

पुरस्कार और पदक[संपादित करें]

वह भारतीय सशस्त्र बल के करियर में उन्हें 36 साल में 15 पदक के साथ सम्मानित किया गया है।

  • 2002 में विशिष्ट सेवा पदक, कालूचक नरसंहार के पीड़ितों को कुशल और समय पर सहायता प्रदान करने के लिए। [4]
  • सैन्य अस्पतालों में बांझ और निःसंतान जोड़ों के लिए प्रजनन तकनीकों स्त्री रोग-एंडोस्कोपी और ऑन्कोलॉजी सुविधाएं प्रदान करने और Invitro निषेचन अग्रणी और सहायता प्रदान करने के लिए सेना मेडल।
  • 2006 में परम विशिष्ट सेवा पदक।

सन्दर्भ[संपादित करें]

 

  1. "Navy gets its 1st lady vice-admiral". The Times Of India. 16 June 2005. http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2005-06-16/india/27866865_1_arora-armed-forces-medical-college-afmc. 
  2. http://www.indianexpress.com/oldStory/57011/
  3. http://www.thesundayindian.com/26082007/storyd.asp?sid=2438&pageno=1
  4. http://www.thesundayindian.com/26082007/section.asp?sname='Cover%20Feature'&idate='26/08/2007'