पिंकी जांगड़ा

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पिंकी जांगड़ा
व्यक्तिगत जानकारी
पूरा नाम पिंकी रानी जांगड़ा
राष्ट्रीयता भारतीय
जन्म 28 अप्रैल 1990 (1990-04-28) (आयु 29)
निवास हिसार, हरियाणा, भारत
वज़न 51 किलोग्राम (112 पौंड)
खेल
खेल मुक्केबाज़ी (48किग्रा, 51किग्रा)

पिंकी रानी जांगड़ा (जन्म 28 अप्रैल 1990) हिसार, हरियाणा की एक फ्लाईवेट भारतीय मुक्केबाज हैं। उन्होंने 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने 2015 में दक्षिण सुमात्रा, इंडोनेशिया के पालमबांग में हुए राष्ट्रपति कप इंटरनेशनल बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीता, उन्होंने 2011 के नेशनल गेम्स ऑफ इंडिया और 2012 और 2014 में फ्लाईवेट (51किग्रा) प्रभाग में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते। वह एकमात्र भारतीय मुक्केबाज थीं, जिन्होंने अराफुरा खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। पिंकी ने स्पोर्टी बॉक्सिंग प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया, जो भारत में पेशेवर मुक्केबाजों को लाइसेंस प्रदान करने वाली संस्था भारतीय मुक्केबाजी परिषद (आईबीसी) का व्यावसायिक विभाग है।[1] पिंकी अभी राष्ट्रीय शिविर में अभ्याsस कर रही हैं लेकिन अब वह रोहतक में राष्ट्रीय मुक्केबाजी अकादमी में अभ्यािस करेंगी जहां आईबीसी ने महिला मुक्केबाजों के लिए शिविर लगा रखा है।

पिंकी, घरेलू प्रतियोगिताओं में कई प्रसिद्ध मुक्केबाजों को हराने के लिये जानी जाती है। उन्होंने लंदन ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता और 6 बार की विश्व विजेता मैरी कॉम को नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2009 और राष्ट्रमंडल खेल 2014 के योग्यता परीक्षण में हराया है, साथ ही 5 बार की एशियाई विजेता और विश्व विजेता लैशराम सरिता देवी को नेशनल गेम्स और नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2011 में हराया है।

पिंकी ने 51 किग्रा भार वर्ग में 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, वह अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की लिसा व्हाइटसाइड से हार गईं थीं।

प्रारम्भिक जीवन[संपादित करें]

पिंकी जांगड़ा का जन्म 28 अप्रैल, 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ था। उनकी माता प्रेम देवी एक गृहिणी और और पिता कृष्ण कुमार एक सरकारी अधिकारी है। उनके दो भाई अश्विनी व अमित भी है। अमित भी एक मुक्केबाज थे जिन्होंने कई राज्यस्तरीय मुकाबले में प्रदर्शन कर चुके थे, उन्हीं से प्रेरित होकर पिंकी ने मुक्केबाजी की शुरूआत की।

पिंकी ने सेंट सोफिया से दसवीं की पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ ही वे नृत्य, खेल और मुक्केबाजी शौकिया तौर पर करती रहीं। फिर गवर्नमेंट कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की।[2] शुरुआत में उन्हें राज सिंह द्वारा प्रशिक्षित किया गया था, और बाद में उन्हें अनूप कुमार से प्रशिक्षण मिला।

अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियां[संपादित करें]

वर्ष पदक भार प्रतियोगिता स्थान
2018 स्वर्ण 51 इंडिया ओपन बॉक्सिंग प्रतियोगिता[3] नई दिल्ली
2015 स्वर्ण 51 22वें राष्ट्रपति का कप ओपन इंटरनेशनल प्रतियोगिता[4] पालेमबांग, इंडोनेशिया
2014 क्वार्टर फाइनल 51 2014 एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप[5] दक्षिण कोरिया
2014 कांस्य 51 2014 राष्ट्रमण्डल खेल ग्लासगो, स्कॉटलैंड
2014 रजत 51 तीसरा राष्ट्रीय कप[6] सर्बिया
2012 रजत 48 2012 एशियाई महिला एमेच्योर मुक्केबाजी चैंपियनशिप[7][8] मंगोलिया
2011 स्वर्ण (सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज़) 51 अराफुरा खेल[9][10] डर्विन, ऑस्ट्रेलिया
2010 स्वर्ण (सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज़) 48 भारत-श्रीलंका द्वंद्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप श्रीलंका

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "पिंकी जांगड़ा बनीं पेशेवर मुक्के बाज". हिन्दी वेबदुनियाँ. अभिगमन तिथि 3 जनवरी 2017.
  2. "हरियाणा की इस बेटी के मुक्के से मात खा गई वर्ल्ड चैम्पियन". दैनिक भास्कर. अभिगमन तिथि 24 मई 2014.
  3. "Pinki Jangra enters final of India Open 2018".
  4. "Pinki strike gold for India at President's Cup".
  5. "AIBA WOMEN'S WORLD BOXING CHAMPIONSHIPS JEJU 2014". International Boxing Association.
  6. "Pinki wins silver medal for India at 3rd Nations Cup" (PDF).
  7. "Pinki wins silver medal at Asian Women Boxing Championship".
  8. "Pinki in semi-finals of Asian Women Boxing Championship".
  9. "Pinki strikes gold at the Arafura Games".
  10. "Pinki Gold at Arafura Games".