पार्वती बाउल

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पार्वती बाउल
Parvathy Baul at Kolkata concert 2015 2.jpg
पार्वती बाउल रुहानियत मिस्टिक संगीत उत्सव, पुराना किला, दिल्ली में
जन्म १९७६
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय बाउल नर्तक, लोक गायिका, संगीतज्ञ एवं मौखिक कथावाचक
प्रसिद्धि कारण बाउल नृत्य एवं गायन

पार्वती बाउल (जन्म १९७६) बंगाल से एक बाउल लोक गायिका, संगीतज्ञ एवं मौखिक कथावाचक हैं। ये भारत की अग्रणी बाउल संगीतज्ञ भी हैं।[1] बाउल गुरु, सनातन दास बाउल, शशांको घोष बाउल की देखरेख में, ये भारत एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बाउल कार्यक्रम १९९५ से करती आ रही हैं।[2] इनका विवाह रवि गोपालन नायर, जो एक जाने माने पाव कथकली दस्ताने वाली कठपुतलीकार हैं, से हुआ। अब पार्वती १९९७ से तिरुवनंतपुरम, केरल में रहती हैं। यहां वे एकतारा बाउल संगीत कलारी नामक बाउल संगीत विद्यालय भी चलाती हैं। संगीत के अलावा पार्वती पेंटिंग, प्रिंट मेकिंग , नाटक, नृत्य और चित्रों की सहायता से किस्सागोई की विधा में भी महारत रखती हैं।[3]

बाउल में पार्वती[संपादित करें]

दिल्ली के पुराना किला में रुहानियत

मंच पर पार्वती हाथ में इकतारा, कंधे पर डुग्गी एवं अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्र टांगे बाउल नृत्य करती दिखायी देती हैं। गर्दन में पुष्पमाला एवं पैरों में खनकती पायल के साथ कुमकुम आलता लगाए गेरुई वेषभूषा में वे भक्ति गीत का प्रदर्शन करती हैं। ये बाउल नृत्य में प्रायः राधा या कृष्ण की रासलीला दिखाती हैं, जिनमें प्रायः राधा बनकर सूफी संगीत पर अपना नृत्य प्रस्तुत करती हैं। बाउल नृत्य शैली में गायन, नृत्य और संकीर्तन सभी एक सामंजस्य बनाये हुए एक ही समय में उपकरणों के प्रयोग की तरह किया जाता है।[2] बाउल के के बारे में कहते हैं कि यह गति में ध्यान की साधना है।

रचनात्मक, प्रेम, भक्ति और शांति की महिमा बताती बाउल को संगीत से अधिक उपयुक्त माध्यम बताते हैं। इस ऐतिहासिक लोक परंपरा में प्रायः विशेष प्रकारकी भूषा एवं संगीत के वाद्ययंत्र ही होते हैं। ये शैली बंगाली परिवेष से निकल ही रही है, तथा चैतन्य महाप्रभु से प्रेरित है। बाउल में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कविता और संगीत का काफी प्रभाव देखा जाता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Bengal folk meets Kerala's spirituality in Parvathy Baul's music". CNN-IBN. 9 November 2012. अभिगमन तिथि 30 May 2014.
  2. "पार्वती बाउल के संकीर्तन पर झूमेगी प्रकृति". दैनिक जागरण. ३. नामालूम प्राचल |month= की उपेक्षा की गयी (मदद); |date=, |year= / |date= mismatch में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  3. सुर-ताल-संगीत की सरताज (भाग-7)।बीबीसी-हिन्दी। २६-११-२०१५।अभिगमन तिथि: १७-०२-२०१७

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]