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पारिजात (उपन्यास)

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पारिजात नासिरा शर्मा का हिंदी उपन्यास है। वर्ष २०१६ में इस रचना पर लेखिका को साहित्य अकादमी पुरस्कार[1] दिया गया था।

उपन्यास के आरंभ से पूर्व सफ़ी लखनवी की पंक्तियाँ हैं-

"न ख़ामोश रहना, मेरे हमसफ़ीरों
जब आवाज़ दूँ तुम भी आवाज़ देना"[2]

पारिजात का कथानक इलाहाबाद[3] के इर्द-गिर्द घूमता है।

  • रोहन
  • निखिल
  • बाबूजी
  • मोनिस
  • सलमा
  • नगीना
  • काज़िम
  • सुमित्रा
  • ज़ोहरा बी
  • प्रो॰ प्रहलाद दत्त

सन्दर्भ

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  1. पारिजात के लिए नासिरा शर्मा को साहित्य अकादमी पुरस्कार
  2. नासिरा, शर्मा (2017). पारिजात. नई दिल्‍ली: किताबघर प्रकाशन. p. 6. ISBN 978-93-80146-18-8.
  3. नासिरा, शर्मा (2017). पारिजात. नई दिल्‍ली: किताबघर प्रकाशन. p. 7. ISBN 978-93-80146-18-8.