पामेला बोर्डस

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

पामेला चौधरी सिंह (जन्म 1961), इन को इन के पामेला बोर्ड्स इस विवाह पश्चात नाम से जाना जाता है। भारत में जन्मी पामेला एक फोटोग्राफर और पूर्व मिस इंडिया भी रह चुकी है, जो संयुक्त राष्ट्र में 1988 और 1989 में कई उल्लेखनीय व्यक्तियों की मिस्ट्रेस और एस्कोर्ट के रूप में सुर्ख़ियों में रहीं[1][2][3], जिनमें हथियारों के डीलर अदनान खाशोगी भी शामिल हैं।

वे अपने समय में सन्डे टाइम्स के संपादक, एंड्रयू नील के एक सामाजिक साथी के रूप में विख्यात रहीं; साथ ही द ओबसर्वर के तत्कालीन संपादक डोनाल्ड ट्रेल्फोर्ड और कनिष्ठ मंत्री कोलिन मोनिहान की भी साथी रहीं; तब यह पाया गया कि उनके पास हाउस ऑफ़ कॉमन्स का पास था जिसकी व्यवस्था एम पी डेविड शॉ और हेनरी बेलिंघम के द्वारा की गयी थी। द ईविनिंग स्टैंडर्ड और डेली मेल[4] ने आरोप प्रकाशित किये कि वे लीबिया के एक सुरक्षा अधिकारी अहमद गदफ अल दाइम से जुड़ी हुई थीं, इसमें 1960 के दशक के प्रोफुमो मामले से मिलते जुलते मुद्दे उठाये गये, या अधिक व्यापक रूप से कहा जाये तो ये मुद्दे प्रथम विश्व युद्ध की जासूस माता हारी से मेल खाते थे।

सिंह का जन्म नयी दिल्ली में हुआ, उनके पिता भारतीय सेना में एक अधिकारी थे। वे जयपुर के महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल में पढीं और बाद में साहित्य का अध्ययन करने के लिए दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज में आ गयीं। उन्होंने 1982 में मिस इंडिया का ताज जीता और उसी साल मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद वे यूरोप चलीं गयीं, जहां वे हेनरी बोर्डस से मिलीं और उनके साथ शादी कर ली। बाली में जब कुछ पत्रकार उनका पीछा कर रहे थे, तब वे एक मोटरसाइकल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गयीं। [5]

फोटोग्राफी[संपादित करें]

पामेला सिंह ने अमेरिका में न्यूयोर्क के पार्सन्स स्कूल ऑफ़ डिजाइन, फ़्रांस के पेरिस में स्थित अमेरिकन कॉलेज और अमेरिका के न्यूयोर्क में इंटरनेशनल सेंटर ऑफ़ फोटोग्राफी में अध्ययन किया।[6] उन्होंने 13 साल की उम्र में ही पुराने नेगेटिव्स के साथ डार्क रूम में काम करना शुरू कर दिया था।[7] बाद में उन्होंने तस्वीरें लेनी शुरू कीं और शुरूआत में अफ्रिका, दक्षिण पूर्व एशिया और भारत में एक छायाचित्र पत्रकार के रूप में काम किया। उनके काम का वितरण गामा प्रेस फ़ोटोज़ द्वारा किया गया और समाचार पत्रों तथा मेग्ज़ीन्स जैसे लन्दन का द इंडीपेंडेंट, द सन्डे टाइम्स, मेरी क्लेरी, द वाशिंगटन पोस्ट, न्यूज़ वीक, पेरिस मैच और फोटो इन में भी उन का काम प्रकाशित किया गया।

अफ्रीका में रहते हुए उन्होंने 16 mm की फिल्म पर वन्यजीवन वृत्तचित्र भी बनाया और बाद में महाद्वीप की नागरिक अशांति की तस्वीरें खींचीं. अफ्रीका छोड़ने के बाद वे न्यूयोर्क चलीं गयीं और कई सालों के लिए उन्हों ने केवल श्वेत-श्याम फोटोग्राफी (black and white photography) में ही काम किया। 1997 में अमेरिका के पेनसिल्वेनिया स्थित फिलाडेल्फिया म्यूजियम ऑफ़ आर्ट द्वारा आयोजित इंडिया: अ सेलीब्रेशन ऑफ़ इंडीपेंडेंस में उन का काम प्रकाशित किया गया जिस में विक्टर अनंत के द्वारा एक लिखा गया एक निबंध तथा एक कैटलोग भी समाविष्ट थे, जिसका प्रकाशन एपरचर, न्यूयोर्क, अमेरिका के द्वारा किया गया। इस प्रदर्शनी ने पूरी दुनिया में यात्रा की। उसी साल उनका काम ब्लैक एंड व्हाईट के शीर्षक के साथ एक ग्रुप शो में सामने आया। फोर्ड फाउंडेशन इसका प्रायोजक था।

2003 में उन्होंने काम की एक नयी शैली को अपनाया, जिसमें मिश्र माध्यमों का उपयोग किया गया था। इसके लिए फोटो खींच कर इसे पेंट किया जाता था, इसके बाद एक सोलो प्रदर्शनी में इसे प्रदर्शन के लिए रखा जाता था। साथ ही उन्होंने न्यूयोर्क में सेपिया इंटरनेश्नल गेलेरी खोली, जिसमें उन्हों ने कम्बोडिया के अंकोर वट के पोर्टफोलियो का प्रदर्शन किया गया। उनके काम के दोनों निकायों के लिए द न्यूयोर्क टाइम्स में सराहना की गयी। उन्होंने मैसाचुसेट्स के डक्सबरी स्थित द आर्ट कोम्प्लेक्स म्यूजियम, केरोलिना विश्वविद्यालय के ऑकलैंड म्यूजियम ऑफ़ आर्ट, द डेमलर कनटेम्परेरी, जर्मनी और नेचरमोर्टे, नयी दिल्ली में शो में अपने काम का प्रदर्शन किया।[8]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. समरस्किल, बिल. 764496,00.html "पेपर टाइगर", द ओबसर्वर, 28 जुलाई 2002, 14 नवम्बर 2006 को पुनः प्राप्त.
  2. राय, अमित. "अ ट्रिप डाउन मेमोरी लेन", द टेलीग्राफ, 9 अक्टूबर 2005, 14 नवम्बर 2006 को पुनः प्राप्त.
  3. "अरबपति हथियार डीलर ने इस दावे पर अपनी चुप्पी को तोड़ दिया कि उन्होंने हेथर मिल्स को एस्कोर्ट के रूप में काम पर रखा", थीसिसलन्दन, 11 नवम्बर 2006. 14 नवम्बर 2006 को पुनः प्राप्त.
  4. "पामेला बोर्डस डेली मेल प्रोमो एडवर्ट1989", यूट्यूब, 26 फ़रवरी 2008, 7 अक्टूबर 2008 को पुनः प्राप्त.
  5. खंबाटा, पर्सिस. "भारत की शान के कुछ अंश", rediff.com, 28 जुलाई 2009 को पुनः प्राप्त.
  6. खोसला, सुरभि. "शूटिंग जिसे वे प्यार करती हैं", the-south-asian.com, मई, 2004, 7 अक्टूबर 2008 को पुनः प्राप्त.
  7. थायल, जीत. "पामेला सिंह का नया जुनून: कला फोटोग्राफी", rediff.com, 8 अगस्त 2001, 7 अक्टूबर 2008 को पुनः प्राप्त.
  8. पामेला सिंह. "कलाकार", artfacts.net, 7 अक्टूबर 2008 को पुनः प्राप्त.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

पूर्वाधिकारी
रुचिता कुमार
फेमिना मिस इंडिया
1982
उत्तराधिकारी
रेखा हांडे