पादप ऊतक संवर्धन

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ऊतक संवर्धन से विकसित गुलाब

पादप ऊतक संवर्धन (प्लाण्ट टिस्सू कल्चर) में विभिन्न तकनीको का उपयोग करते हुए पादप अंगों को निर्जर्मित अवस्था में पोषक माध्यम पर उगाया जाता है ।

इसमें विशेष रूप से अच्छे फूल, फल उत्पादन, या अन्य वांछनीय लक्षण के पौधों के क्लोन का उत्पादन किया जाता है।

बीज रहित फल , बिना बीज के उत्तम गुणवत्ता वाले फल, बीज के उत्पादन के लिए आवश्यक परागण के अभाव में पौधों के गुणकों का उत्पादन किया जाता है । इस तकनीक द्वरा पादपों में आनुवंशिक रूप से संशोधन किया जा साकता है ।

एकल कोशिका से पूरे पौधे का निर्माण किया जा सकता है ।

इस तकनीक द्वारा रोग,प्रतिरोधी कीट रोधी तथा सुखा प्रतिरोधी किस्मो को उत्पादित किया जा सकता है ।

पादप उत्तक संवर्धन तकनीक इस बात पर निर्भर करती है की पादप की कोशिकाओं में सम्पूर्ण पादप को पुनरुत्पादित करने की क्षमता होती है इसे पूर्णशक्तता (totipotency) तथा कोशिका को पूर्णशक्त कोशिका कहते है।


पादप उत्तक संवर्धन की आवश्यकताएं:-

                          पादप उत्तक संवर्धन टिकरिया को संपादित करने हेतु निम्न आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकता होती है

1. प्रयोगशाला -

            उत्तक संवर्धन या सूक्ष्म संवर्धन हेतु  स्वच्छ कमरे की आवश्यकता होती है जहां किसी बाहरी संक्रमण की संभावना ना हो|

2. उपकरण- पादप ऊतक संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चिमटी चाकू नीडल संवर्धन क्लास संवर्धन परखनली पेट्री डिश ऑटोक्लेव पराबैंगनी प्रकाश व्यवस्था उपकरण लैमिनार एयर फ्लो माइक्रोस्कोप पीएच मीटर आदि की आवश्यकता होती हैl

3. पोषण माध्यम-

             कार्बन नाइट्रोजन के पदार्थों के ज्ञात स्रोत को माध्यम कहते हैं कोशिकांग अपने संवर्धन के क्रम में इन्हीं से उपयुक्त मात्रा में पोषक पदार्थों को प्राप्त करते हैंl

4. अजर्मीकरण - पादप आम का verified या बांधी करण हेतु सर्वप्रथम टीपोल नामा डिटर्जेंट द्वारा धोया जाता है तत्पश्चात सोडियम हाइपोक्लोराइट 2% या हाइड्रोजन 10 से 12% या ब्रोमीन जल एक से 2% या मरक्यूरिक क्लोराइड 0.1 से 1% या एथेनाल 70 से 95% या सिल्वर नाइट्रेट 4% या कैलशियम हाइपोक्लोराइट 9 से 10% द्वारा उपचारित किया जाता है 5. light- संबंधित हो रहे पादप अंगों को 2000 से 3000 लक्ष्य तीव्रता वाली प्रकाश की आवश्यकता होती है लेकिन जब पौधे में प्रकाश संश्लेषण की क्षमता आ जाती है तो उस समय 3000 से 5000 लक्स तीव्रता वाली प्रकाश सुलभ कराया जाता है इस समय प्रक्रिया हेतु ट्यूबलाइट का प्रयोग किया जाता है 6. Temperature- उष्ण जलवायु वाले पौधे को अधिक तापमान तथा सीटों में जलवायु वाले पौधे को अपेक्षा व्रत कम तापक्रम की आवश्यकता होती है सामान्यतः 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान उचित रहता है 7. Air system प्रयोगशाला में उत्तक संवर्धन के क्रम में ऊतकों को भी उपयुक्त बायु प्राप्त होती है भाई उपलब्धता हेतु किया गया प्रबंधन एयर सिस्टम कहलाता है संवर्धन ट्यूब या संबंधित क्लास की के ऊपर रुई अर्थात कॉटन प्लग का आवरण चयनित वायु उपलब्ध कराता है

तकनीक[संपादित करें]

इसके द्वारा जब कटा हुआ पौधा परिपक्व हो जाता है तो उसे मिट्टी में गाड़ देते है, जिससे वह सामान्य पौधों के जैसा ही कार्य करता है।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Bhojwani, S. S.; Razdan, M. K. (1996). Plant tissue culture: theory and practice (Revised संस्करण). Elsevier. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-444-81623-2.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]