पाञ्चजन्य

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

पाञ्चचजन्य हिन्दू भगवान विष्णु के शंख है। कृष्ण, विष्णु के अवतार, पाञ्चचजन्य नामक एक शंख रखने में वर्णित है। शंख कुरुक्षेत्र युद्ध के दौरान इस्तेमाल किया गया था।

भागवत पुराण के अनुसार संदीपन ऋषि आश्रम में कृष्ण की शिक्षा पूरी होने पर उन्हे गुरू दक्षिणा लेने का आग्रह किया। तब ऋषि ने कहा समुद्र में डूबे हुये मेरे पुत्र को ले आओ। श्री कृष्ण ने समुद्र तट पर जाकर शंखासुर को मारने से उसका खोल (शंख) शेष रह गया था। मान्यता है उसी से शंख की उतपत्ति हुयी। शायद उसी शंख का नाम पांचजन्य था।

पाञ्चजन्य विभिन्न अर्थों में प्रयुक्त होता है। इसके कुछ अर्थ इस प्रकार हैं:

1. श्रीकृष्ण के शंख का नाम

2. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का राष्ट्रवादी साप्ताहिक हिन्दी पत्र : पाञ्चजन्य (पत्र)

3. पाँच सर्वाधिक प्राचीन क्षत्रिय जातियाँ

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]