पाकिस्तान में हिन्दू धर्म

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पाकिस्तानी हिन्दू
कुल जनसंख्या

25 – 45 लाख (2005)[1]
1.6–1.85% पाकिस्तान की जनसंख्या का[2]

ख़ास आवास क्षेत्र
मुख्य रूप से सिंध बलूचिस्तान, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में अल्पसंख्यकों के साथ
भाषाएँ
मुख्य रूप से छोटे अल्पसंख्यकों के साथ सिंधी  • पंजाबी और अंग्रेजी

पाकिस्तान में हिंदु धर्म का अनुसरण करने वाले कुल जनसंख्या के लगभग 2% है। पूर्वतन जनगणना के समय पाकिस्तानी हिंदुओं को जाति (1.6%) और अनुसूचित जाति (0.25%) में विभाजित किया गया। [3][4]

पाकिस्तान Hindustan se vibhajit 14 अगस्त, 1947 मिली उसके बाद 44 लाख हिंदुओं और सिखों ने आज के भारत की ओर स्थानान्तरण किया, जबकि भारत से 4.1 करोड़ मुसलमानों ने पाकिस्तान में रहने के लिये स्थानातरण किया।[5]

1951 की जनगणना के अनुसार पश्चिमी पाकिस्तान में 1.6% हिंदू जनसंख्या थी, जबकि पूर्वी पाकिस्तान (आधुनिक बांग्लादेश) में 22.05% थी। सैतालिस वर्षों के पश्चात् 1997 में पाकिस्तान की हिन्दू जनसंख्या में वृद्धि नहीं हुई, अतः 1.6% हिन्दु थे और बांगलादेश में हिन्दू-जनसंख्या भारी गिरावट आयी और केवल 10.2% हिन्दु ही बचे।

1998 की पाकिस्तान की जनगणना में अभिलिखित है कि, 2.5 लाख हिन्दु जनसंख्या पाकिस्तान में बची है।[3] अधिकतर हिंदु पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं।[6] पाकिस्तान में दशकों से अल्पसंख्यक हिन्दु और क्रिश्चन [7] आदि उत्पीड़न सह रहे हैं। जो 2014 तक अत्यन्त गम्भीर स्तर पर पहोंच गया था। [8][9][10][11]

इतिहास[संपादित करें]

हिंगलाज माता मंदिर

प्राचीन युग[संपादित करें]

पेशावर, पाकिस्तान
सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों का विस्तार

स्वस्तिक का प्रतीक, योग आसन में स्थित योगी का चित्र, जो "पशुपति" के समान दिखता है इत्यादि सिंध के मोहन जोदड़ो से प्राप्त हुआ है, जो हिन्दु धर्म के अस्तित्व को प्रभावित करने के संकेत कर रहा है। सिंधु घाटी के लोगों का धार्मिक विश्वास और लोकगीत हिन्दू धर्म का एक प्रमुख अंग है, जो कि दक्षिण एशिया के इस भाग में विकसित हुआ। सिंध राज्य और उसके शासकों ने एक महत्त्वपूर्ण भूमिका भारतीय महाकाव्य महाभारत की कथा में निभाई है। इसके अतिरिक्त, पौराणिक कथाओं के आधार पर ये माना जाता है कि, पाकिस्तानी का महानगर लाहौर की स्थापना लव के द्वारा और कसूर महानगर की स्थापना उसके यमल (twin) भाई कुश के द्वारा हुई थी; वे दोनों रामायण के नायक श्रीराम के पुत्र थे। गांधार राज्य जो उत्तरपश्चिमी भाग में स्थित है, जो पौराणिक काल से गांधार लोग भी हिन्दू साहित्य के रामायण और महाभारत ग्रन्थों का महत्त्वपूर्ण भाग रहा है। अधिकांश पाकिस्तानी नगरों के नाम (जैसे पेशावर[12] और मुल्तान[13]) का मूल संस्कृत से जुड़ता है।

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

पाकिस्तान को ब्रिटेन से स्वतन्त्रता 14 अगस्त, 1947 मिली। उसके बाद 44 लाख हिंदुओं और सिखों ने स्थानान्तरण कर लिया, जबकि भारत में से 4.1 करोड़ मुसलमानों ने पाकिस्तान में रहने के लिये स्थानातरण किया। 1998 की पाकीस्तानी जनगणना में  2.5 लाख से कम हिन्दूओं की उपस्थिति अभिलिखित (recorded) हुई। [3] अत्यधिक संख्या में हिंदु जनता पाकिस्तान के सिंध प्रांत में केन्द्रित हुई।

1951 में हिंदुओं का गठन किया 1.9% भारतीय आबादी ( पूर्वी पाकिस्तान, आधुनिक दिन बांग्लादेश) बनाया है, जो डोमिनियन पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े हिन्दू-जनसंख्या के बाद देश भारत है। [14]

1951 की जनगणना के अनुसार पश्चिमी पाकिस्तान में 1.6% हिंदू जनसंख्या थी, जबकि पूर्वी पाकिस्तान (आधुनिक बांग्लादेश) में 22.05% थी। सैतालिस वर्षों के पश्चात् 1997 में पाकिस्तान की हिन्दू जनसंख्या में वृद्धि नहीं हुई, अतः 1.6% हिन्दु थे और बांगलादेश में हिन्दू-जनसंख्या भारी गिरावट आई और केवल 10.2% हिन्दु ही बचे।  [15]  

1998 की जनगणना के अनुसार पाकिस्तान के हिंदुओं की 1.6 प्रतिशत जनसंख्या में से 6.6% हिन्दु पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं। पाकिस्तान की जनगणना में हिन्दुओं को  अलग अनुसूची जाति में भी विभक्त किया गया है, जो अन्य मुख्य हिन्दुओं के अतिरिक्त 0.25% हैं। [16]

2011 की जनगणना के अनुसार भी पाकिस्तान में हिन्दुओं की कुल जनसंख्या 1.6% अभिलिखित हुई। [17]

विस्थापन और उत्पीड़न[संपादित करें]

विस्थापन [18][संपादित करें]

शीर्ष दाएं कोने में वरुण देव मंदिर के साथ दृश्यमान मनोड़ा द्वीप समुद्र तट, कराची, पाकिस्तान

हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म की जनसंख्या का पाकिस्तान में ऐतिहासिक अधःपतन देखा गया है। ये होने की पृष्ठिभूमि में कई प्रकार के कारण हैं, फिर भी पाकिस्तान के पूर्वीय सीमा क्षेत्रों में इनका विकास अविरत चल रहा है।  भी इन धर्मों के लिए जारी रखा है पनपने से परे पूर्वी सीमाओं का पाकिस्तान है। दिल्ली सल्तनत और बाद में मुगल साम्राज्य के कालखण्ड में मिशनरी सूफी संतों के कारण ये धर्म मुख्य रूप से मुस्लिम बन गये, जिनकी दरगाह पाकिस्तान और अन्य दक्षिण एशिया में हैं। मुख्य रूप से मुस्लिम जनता ने मुस्लिम लीग और पाकिस्तान आंदोलन का समर्थन किया। 1947 में स्वतंत्रता के पश्चात् पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं और सिखों ने भारत की ओर स्थानान्तरण किया। जबकि मुसलमानों ने भारत को छोड़ कर पाकिस्तान को अपना लिया। लगभग 6 लाख हिंदुओं और सिखों ने स्थानान्तरण किया, जबकि लगभग समान संख्या में मुसलमान पाकिस्तान में चले गये। कुछ हिन्दूओं को पाकिस्तान में लगता कि उनके साथ द्वितीय श्रेणी के नागरिके समान व्यवहार होता है, अतः उन्होंने भारत की ओर स्थानान्तरण कर लिया। [19]

वे पाकिस्तानी हिंदुओं, जो पाकिस्तान से भारत स्थानान्तरित हो गये, उन्होंने अपना अनुभव बताया कि, पाकिस्तानी स्कूलों में हिन्दू लड़कियों का यौन उत्पीड़न होता है। उनका कहना है कि, हिन्दू छात्रों के लिये कुरान पढना अनिवार्य कर दिया गया है और उनकी धार्मिक प्रथाओं का उपहास किया जाता है।[20] भारत सरकार योजना बना रही है कि, पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों के लिये आधार पत्र और पैन कार्ड बनाये जाये, और भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल किया जायेगा। [21]

के अनुसार 1998 पाकिस्तान जनगणना जाति के हिंदुओं का गठन के बारे में 1.6 प्रतिशत की कुल जनसंख्या का पाकिस्तान और के बारे में 6.6% सिंध प्रांत में है। पाकिस्तान की जनगणना अलग अनुसूची जाति से मुख्य शरीर के हिंदुओं की है, जो एक और 0.25% के राष्ट्रीय जनसंख्या है। [16]

उत्पीड़न[संपादित करें]

पाकिस्तान में तालिबान उग्रवाद के उद्भव ने और धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध पाकिस्तान में भेदभाव ने हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों के विरुद्ध एक प्रभावशाली और उत्पीड़न के घटक में वृद्धि कर दी। [22] यह कहा जाता है कि, पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होता है। [23][24]

कृष्ण मंदिर, कल्लार, पाकिस्तान
मंदिर के स्तूप से दिखता दृश्य, कटास, पाकिस्तान

जुलाई 2010 में, कराची में लगभग 60 अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्यों पर आक्रमण किया गया और अपने उन्हें अपने घरों से निष्कासित किये गये।एक दलित हिंदू युवा इस्लामी मस्जिद के समीप स्थित नल से पानी पी रहा था अतः ये घटना हुई थी। [25][26] जनवरी 2014 में, एक हिंदू मंदिर के द्वार पर द्वारपाली करते हुए एक पुलिसकर्मी की पेशावर में हत्या कर दी गई थी।[27] पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायलय ने सरकार से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के मंदिरों के लिये किये गये प्रयत्नों का विवरण मांगा था - कराची क्षेत्र का सर्वोच्च न्यायलय अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को धर्मस्थान के उपयोग से वंचित रखे जाने वाले केस का संश्लेषण कर रही थी। [28][29][30]

हिन्दू धर्म के लोगो को एक राष्ट्रीय हास्य कार्यक्रम में "हिन्दू कुत्ता" कहा गया और उस टिप्पणी पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग ठहाके लगा कर हँस पडे़।[31] इस कृत्य की समाचार पत्रों में निन्दी भी हुई।[32] पाकिस्तान के ही हसन रजा नामक कोमेन्टेटर ने राष्ट्रिय कार्यक्रम में हिन्दुओँ को कुत्ता कहने पर ट्वीट करते हुए कहा -

"पाकिस्तान में लाखों हिन्दू रहते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि पहले से हिन्दूोँ को टेक्स्ट बुक के माध्यम से अपमानित किया जाता था और अब टि.वि चैनलों पर भी ऐसा किया जा रहा है। हिन्दू यहाँ हजारो सालो से रह रहे हैं, यहाँ जब मुस्लिम नहीं थे तभी से हिन्दू रह रहे हैं। पाकिस्तान का जन्म भी हिन्दूओं की धरती पर हुआ है। सार्वजनिक रूप से किसी भी धर्म को अपमानित करना किसी भी देश के लिये शर्मनाक है।"[33] [34]

"हिन्दू कुत्ता" नारे के सम्बन्ध में भारतीय राजदूत भी अपने को हिन्दू कुत्ता बोले जाने की बात करते हैं। [35] [36]

पाकिस्तान के अध्ययन पाठ्यक्रम के मुद्दे[संपादित करें]

प्राचीन हिंदू मंदिर के खंडहर (जोगिरन सोल्ट रेंज, पाकिस्तान)

सतत विकास नीति संस्थान (Sustainable Development Policy Institute) के रिपोर्ट अनुसार, "पाकिस्तान की विचारधारा का हठाग्रह ही भारत और हिंदुओं के विरुद्ध द्वेष का मुख्य कारण है। पाकिस्तान के अस्तित्व को पारिभाषित करने के लिये सर्वदा हिंदुओं के साथ ही उसका सम्बन्ध जोड़ा जाता है इसलिए हिंदुओं का जितना हो सके उतना नकारात्मक चित्रित करना ही चाहिये, ये पाकिस्तान की विचाराधारा के समर्थकों का कार्य है।".[37] मदरेसाओं के शिक्षकों द्वारा प्रेरित मुस्लिम विद्यार्थीओं की हिन्दु मन्दिरों पर आक्रमण की घटना शीघ्रता से बढ़ती जा रही है। [38][39]

न्याय और शांति के लिये राष्ट्रीय आयोग, (National Commission for Justice and Peace) जो पाकिस्तान स्थित एक सेवाभावी संगठन है, उसके 2005 के रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी नीति निर्माताओं ने पाकिस्तान की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग हिन्दुओं के विरुद्ध घृणा फेलाने के लिये करने का प्रयास किया है। "निन्दापूर्ण शत्रुता का वैध सैन्य और निरंकुश शासन एक घेराबंदी मानसिकता को पोषित करता है। पाकिस्तान की पाठ्यपुस्तकों में भारत को एक शत्रुतापूर्ण प्रतिवेशी के रूप में प्रदर्शित करने का सक्रिय प्रयास किया गया है।" विवरण (report) कहता है कि, ' पाकिस्तान के इतिहास की कथा को जानबूझकर भारत से उत्पन्न होने वाले इतिहास से विपरीत और भिन्न बताने के लिये लिखा गया। सरकार के द्वारा प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों में से छात्रों को पढाया जाता है कि, हिंदु पिछड़े और अंधविश्वासी होते हैं।' आगे रिपोर्ट में कहा गया है कि, "पाठ्यपुस्तकों में जानबूझकर घबराहट (इस्लाम के विनाश सम्बन्धित भय को) को प्रतिबिंबित किया गया है। पाकिस्तान के आज के छात्र, नागरिक और उसके नेतागण इन आंशिक सत्यों के आखेट बन रहे हैं"।  [40][41][42][43][44][45][46][47][48][49][50][51][52]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Population by religion
  2. Area, Population, Density and Urban/Rural Proportion by Administrative Units
  3. Population by religion
  4. Census of Pakistan
  5. Boyle, Paul; Halfacre, Keith H.; Robinson, Vaughan (2014).
  6. "Mashal not alone: the plight of Pakistani Hindus". 
  7. http://www.dawn.com/news/1166049
  8. https://www.sdpi.org/publications/files/MRG_Rep_Pak_ENGv2_PRESS.pdf, page - 5
  9. http://www.dawn.com/news/1189939
  10. http://www.dawn.com/news/1143524
  11. "पाकिस्तान में हिन्दू हो रहे हैं खत्म".
  12. Kumkum Roy.
  13. Jarred Scarboro.
  14. https://books.google.co.in/books?id=ivzKjY5LncIC&pg=PA100&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false
  15. "Census of Bangladesh".
  16. http://www.statpak.gov.pk/depts/pco/statistics/other_tables/pop_by_religion.pdf
  17. http://www.pbs.gov.pk/sites/default/files//tables/POPULATION%20BY%20RELIGION.pdf
  18. https://sdpi.org/nmpc/Final%20Minutes%20of%20NMPC.pdf 
  19. Sohail, Riaz (2 March 2007).
  20. "Why Pakistani Hindus leave their homes for India - BBC News".
  21. "Modi government to let Pakistani Hindus register as citizens for as low as Rs 100 | Latest News & Updates at Daily News & Analysis".
  22. Extremists Make Inroads in Pakistan’
  23. "Persecution of religious minorities in Pakistan".
  24. US Department of State International Religious Freedom Report 2006
  25. Press Trust of India (12 July 2010).
  26. "Hindus attacked in Pakistan".
  27. "Hindu temple guard gunned down in Peshawar".
  28. "Are Hindus in Pakistan being denied access to temples?". rediff.com.
  29. Sahoutara, Naeem (26 February 2014).
  30. "Pak SC seeks report on denial of access to Hindu temple".
  31. "पाकिस्तान के में टि.वि कार्यक्रम में "हिन्दू कुत्ता" बोलने पर जनता हँस पड़ी".
  32. "हिन्दूओं को बोल गया कुत्ता".
  33. "टेक्स्ट बुक के बाद टि.वि पर भी हिन्दूओं के अपमान अपमान में बोले पाकिस्तानी कोमेन्टेटर हसन रजा".
  34. https://nation.com.pk/16-Apr-2016/hindu-dog-fueling-anti-hindu-bigotry-in-the-garb-of-entertainment-on-national
  35. https://www.dawn.com/news/1065370
  36. https://www.dawn.com/news/1070872
  37. Nayyar, A.H. and Salim, A. (eds.)(2003).
  38. https://sdpi.org/nmpc/Final%20Minutes%20of%20NMPC.pdf, page. 6 
  39. http://www.dawn.com/news/672000
  40. https://www.youtube.com/watch?v=FpH37B2TeCs
  41. https://www.youtube.com/watch?v=wb5ZzcU5l10
  42. https://www.youtube.com/watch?v=702wnmPjsWg
  43. https://www.youtube.com/watch?v=wBbBy336iRo
  44. https://www.youtube.com/watch?v=SU269LjX8BA
  45. https://www.youtube.com/watch?v=n9lXZEDYA70
  46. https://www.youtube.com/watch?v=kWYr4yA3ukk
  47. Hate mongering worries minorities, Daily Times (Pakistan), 2006-04-25
  48. In Pakistan's Public Schools, Jihad Still Part of Lesson Plan - The Muslim nation's public school texts still promote hatred and jihad, reformers say.
  49. Primers Of Hate - History or biology, Pakistani students get anti-India lessons in all their textbooks; 'Hindu, Enemy Of Islam' - These are extracts from government-sponsored textbooks approved by the National Curriculum Wing of the Federal Ministry of Education.
  50. Noor's cure: A contrast in views; by Arindam Banerji; 16 July 2003; Rediff India Abroad Retrieved on 2 January 2010
  51. http://www.dawn.com/news/1225815
  52. http://www.dawn.com/news/1038961

आगे पढ़ने[संपादित करें]

  • "सफ़ाई की भूमि को शुद्ध: पाकिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों द्वारा" Farahnaz Ispahani, प्रकाशक: हार्पर कोलिन्स इंडिया
  • Yaqoob खान Bangash, हमारे लुप्त हिंदुओं, एक्सप्रेस ट्रिब्यून, 13 जून 2016 है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]