पांढुरना ज़िला
पांढुरना ज़िला | |
|---|---|
| ज़िला | |
1. कुकड़ी खापा जलप्रपात 2. जामसावली हनुमान मंदिर 3. साईं मंदिर, पांढुरना | |
| निर्देशांक: 21°59′N 78°52′E / 21.983°N 78.867°Eनिर्देशांक: 21°59′N 78°52′E / 21.983°N 78.867°E | |
| देश | |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
| संभाग | जबलपुर संभाग |
| गठन | 5 अक्टूबर 2023 |
| मुख्यालय | पांढुरना |
| तहसील |
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| शासन | |
| • ज़िलाधिकारी | अजय देव शर्मा (आईएएस) |
| • लोक सभा क्षेत्र | 1. छिंदवाड़ा (छिंदवाड़ा ज़िले के साथ साझा) |
| • विधानसभा क्षेत्र | 2 (पांढुरना और सौंसर) |
| क्षेत्रफल | |
| • कुल | 1,522.22 kमी2 (587.73 वर्ग मील) |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | 3,74,310 |
| • घनत्व | 245.90/किमी2 (636.87/मील2) |
| जनसांख्यिकी | |
| • साक्षरता | 78% |
| • लिंग अनुपात | 948 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष |
| भाषाएँ | |
| • आधिकारिक | हिंदी और अंग्रेज़ी |
| • क्षेत्रीय | मराठी, हिंदी और गोंडी |
| समय मण्डल | भामस (UTC+05:30) |
| वेबसाइट | आधिकरिक वेबसाइड |
पांढुरना ज़िला मध्य प्रदेश राज्य का 54वाँ ज़िला है, जिसका गठन 5 अक्टूबर 2023 को छिंदवाड़ा ज़िला से अलग कर किया गया। यह जबलपुर संभाग के अंतर्गत आता है। जनसंख्या की दृष्टि से यह राज्य के कम जनसंख्या वाले ज़िलों में से एक है। ज़िले का मुख्यालय पांढुरना नगर में स्थित है।[1]
इतिहास
[संपादित करें]पांढुरना पूर्व में छिंदवाड़ा ज़िला का हिस्सा था। प्रशासनिक सुविधा और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए इसे अलग ज़िला बनाने की माँग लंबे समय से की जा रही थी। वर्ष 2023 में राज्य सरकार द्वारा इसे आधिकारिक रूप से ज़िला घोषित किया गया।
भौगोलिक स्थिति
[संपादित करें]पांढुरना ज़िले का कुल क्षेत्रफल लगभग 1522.22 वर्ग किलोमीटर है। यह ज़िला मध्य प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित है और महाराष्ट्र की सीमा से सटा हुआ है।
यह निम्न ज़िलों से घिरा हुआ है:
- उत्तर में – छिंदवाड़ा ज़िला
- दक्षिण-पूर्व में – नागपुर ज़िला (महाराष्ट्र)
- पश्चिम में – बैतूल ज़िला एवं अमरावती ज़िला (महाराष्ट्र)
ज़िले की प्रमुख नदियाँ जाम नदी और कन्हान नदी हैं।[2]
प्रशासन
[संपादित करें]ज़िले में निम्न तहसीलें हैं:
- पांढुरना
- सौंसर
- नांदनवाड़ी (उप-तहसील)
ज़िले में दो विधानसभा क्षेत्र हैं:
- पांढुरना
- सौंसर
ये दोनों छिंदवाड़ा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
जनसांख्यिकी
[संपादित करें]2011 की जनगणना के अनुसार (जब यह क्षेत्र छिंदवाड़ा ज़िले का हिस्सा था), वर्तमान पांढुरना ज़िले की कुल अनुमानित जनसंख्या 3,74,310 थी।[3]
पांढुरना ज़िले की भाषाएँ (2011)
अर्थव्यवस्था
[संपादित करें]ज़िले की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। यहाँ संतरे का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है, जिसके कारण यह क्षेत्र संतरा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।[5] इसके अतिरिक्त ज़िले में कुछ प्रमुख औद्योगिक इकाइयाँ जैसे– सुपर पैक (बजाज), भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स, पी. बी. एम. पॉलीटेक्स लिमिटेड, सूर्यवंशी स्पिनिंग मिल्स स्थित हैं।
संस्कृति
[संपादित करें]पांढुरना की संस्कृति पर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों का प्रभाव देखा जाता है।
प्रमुख पर्यटन स्थल
[संपादित करें]- जामसावली हनुमान मंदिर (हनुमान लोक)
- साईं टेकड़ी, पांढुरना
- अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग, मोहगाँव
- हज़रत गुनचा शाह वली दरगाह
- घोघरा जलप्रपात (सौंसर के निकट)[6]
गोटमार मेला
[संपादित करें]पांढुरना का प्रसिद्ध गोटमार मेला भाद्रपद अमावस्या के दिन आयोजित किया जाता है। यह मेला जाम नदी के तट पर लगता है और अपनी विशिष्ट परंपरा के लिए जाना जाता है।[7]
यातायात व परिवहन
[संपादित करें]पांढुरना ज़िला सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग
[संपादित करें]यह ज़िला राष्ट्रीय राजमार्ग 47 पर स्थित है।
रेल मार्ग
[संपादित करें]- पांढुरना रेलवे स्टेशन – नागपुर-इटारसी रेल मार्ग
- सौंसर रेलवे स्टेशन – छिंदवाड़ा-नागपुर रेल लाइन
वायु मार्ग
[संपादित करें]निकटतम विमानक्षेत्र नागपुर में है। इसके अलावा भोपाल तथा जबलपुर भी निकटवर्ती विकल्प हैं।
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "मध्य प्रदेश का 54वाँ जिला बना पांढुरना". Patrika. 2023.
- ↑ "ज़िले की आधिकरिक वेबसाइड".[मृत कड़ियाँ]
- ↑ "District Census Handbook: Chhindwara".
- ↑ "Table C-01 Population By Religion: Madhya Pradesh". census.gov.in. Registrar General and Census Commissioner of India.
- ↑ "उत्पादन". मूल से से 9 दिसंबर 2025 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 मार्च 2026.
- ↑ "धार्मिक स्थल". मूल से से 13 दिसंबर 2024 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 मार्च 2026.
- ↑ "संस्कृति और विरासत". मूल से से 10 मई 2026 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 28 मार्च 2026.