पश्चिमी ज्योतिष

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

२७ नक्षत्रों,१२ राशियों एवं ९ ग्रहों के सम्मिलन का गणितीय ढांचा तैयार होने पर भारतीय ज्योतिष गणन प्रारंभ होता है जिसका वास्तविक आधार चन्द्रमा को माना गया है कि जिस तरह से चन्द्रमा का हर पन्द्रह दिनों में बदलना होता है उसी के आधार पर ग्रहों के प्रभाव में भी बदलाव होता है एसा माना गया है, किन्तु इसके विपरीत पश्चिमी देशों में ९ के स्थान पैर १२ ग्रहों का सम्मिलन किया गया है तथा पश्चिमी देशों के गणितीय समीकरणों में सूर्या को आधार माना गया है,