पल्लु वाली माता

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

माताजी  के द्वारपाल सादूलाजी का मंदिर 

पल्लू  में  श्री  ब्रहमाणी  माताजी  के मंदिर  के पहले माता  जी के द्वारपाल  श्री  सादूला  जी  का  मंदिर  बना हुआ है ! इस मंदिर में  सादूलाजी  की एक सफेद  मारबल  की मुर्ति  लगी हुई  है !

धार्मिक  मान्यताओ  के अनुसार  श्री  सादूला जी  को  माँ  ब्रहमाणी ने  एक श्रेष्ठ  पद  दिया  है!

 श्री  सादूला  जी  को  माँ  ब्रहमाणी  से एक वरदान  मीला  है  की जो भी भक्त जन  माता  जी मंदिर  के धोक लगाने  और  दर्शन  करने  आते  है  उनको  माता  जी  दर्शन  करने से  पहले  माता  जी  के द्वारपाल  श्री  सादूला जी  के मंदिर  में धोक  लगानी  होती और परसाद  चढ़ाना     होता  है !

अगर  कोई  भी  भक्त जन  ऐसा  नहीं  करता है  तो उसकी  यात्रा  सफल  नहीं  होती है !इसके अलावा  यदि कोई  भी  यात्री  जान बूझकर  इस  नियम  को  भंग  करता  है  उसको  श्री  ब्रहमाणी  माता  जी  दण्डित भी  कर सकती  है !

माता  जी  मंदिर पुजारीयों   को भी  इस  नियम पालन  करना  होता  है!

 माता के सभी भगतजनों से निवेदन है कि माता के मंदिर दर्शन से  पहले श्री सादूला जी के मंदिर के धोक जरुर लगायें !       जय  माता दी !

आरती का समय :---

सुबह
6:00 बजे : सादुल महाराज जी (श्री ब्रह्माणी माता के द्वारपाल) की आरती
6:30 बजे : श्री ब्रह्माणी माता, श्री काली माता और श्री भैंरो जी की आरती 
शाम
7:30 बजे : सादुल महाराज जी (श्री ब्रह्माणी माता के द्वारपाल) की आरती
8:00 बजे : श्री ब्रह्माणी माता, श्री काली माता और श्री भैंरो जी की आरती 

ब्रह्माणीऔर माँ काली का भी मन्दिर है जिसका निर्माण काबा भदुस और सरस्व भदुस ने करवाया था।

सन्दर्भ[संपादित करें]