परिहासपुर

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
परिहासपुर / परसपुर
Parihaspore / Paraspore
پرہاسپور / پرس پور
पुरातत्व स्थल
परिहासपुर / परसपुर की जम्मू और कश्मीर के मानचित्र पर अवस्थिति
परिहासपुर / परसपुर
परिहासपुर / परसपुर
निर्देशांक: 34°08′N 74°38′E / 34.133°N 74.633°E / 34.133; 74.633निर्देशांक: 34°08′N 74°38′E / 34.133°N 74.633°E / 34.133; 74.633
देशFlag of India.svg भारत
राज्यजम्मू और कश्मीर
ज़िलाबारामूला ज़िला
तहसीलपत्तन
स्थापना~700 ईसवी
संस्थापकललितादित्य मुक्तपीड
नाम स्रोतहँसी की नगरी
समय मण्डलभामस (यूटीसी+5:30)
परिहासपुर का स्तूप

परिहासपुर, जिसे आम स्थानीय भाषा में अब परसपुर कहा जाता है, भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के बारामूला ज़िले में स्थित एक पुरातत्व स्थल है। यह झेलम नदी से ऊपर एक पठार पर ललितादित्य मुक्तपीड द्वारा लगभग 700 ईसवी काल में बनाया गया था। ललितादित्य कर्कोटा वंश के एक प्रसिद्ध राजा थे, जिन्होंने अपनी राजधानी श्रीनगर से हटाकर परिहासपुर में स्थित करी थी। कल्हण की राजतरंगिनी में परिहासपुर के निर्माण का वर्णन मिलता है।[1][2][3][4]

मंदिर[संपादित करें]

कल्हण के अनुसार ललितादित्य ने यहाँ अपना निवास और चार मंदिरों का निर्माण करा। इसमें से एक विष्णु (मुक्तकेशव) को समर्पित था, जिसमें 84,000 तोले सोने की प्रतिमा स्थापित करी गई। इसी तरह के एक मंदिर में चांदी की एक प्रतिमा थी। उन्होंने एक भगवान बुद्ध की तांबे की प्रतिमा बनवाई जो "आकाश को छूती थी"। मुख्य मंदिर ललितादित्य द्वारा बनाए गए मार्तंड के मंदिर से अधिक बड़ा था।[5]

राजा ललितादित्य के देहांत के बाद उनके पुत्र ने अपना निवास बदल दिया और परिहासपुर राजधानी का दर्जा खो बैठा। झेलम नदी परिहासपुर से पूर्वोत्तर में बहती है जहाँ सिन्द नदी शादपुर संगम में उसमें विलय होती है। पहले ज़माने में यह संगम परिहासपुर के पास होता था। नदी के मार्ग में यह बदलाव प्राकृतिक नहीं, बल्कि राजा अवंतिवर्मन के काल (855–883 ईसवी) में सुय्या पंडित द्वारा करा गया, जो राजा के विख्यात वास्तुशास्त्री थे और जिनके नाम पर आधुनिक सोपोर (सुय्यापुर) का नाम पड़ा है। नदीमार्ग के बदलते ही परिहासपुर का महत्व घट गया।

नामार्थ[संपादित करें]

"परिहासपुर" का अर्थ "परिहास (हँसने) की नगरी" है।[6]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Jammu, Kashmir, Ladakh: Ringside Views," Onkar Kachru and Shyam Kaul, Atlantic Publishers, 1998, ISBN 9788185495514
  2. "District Census Handbook, Jammu & Kashmir," M. H. Kamili, Superintendent of Census Operations, Jammu and Kashmir, Government of India
  3. "Restoration of Panchayats in Jammu and Kashmir," Joya Roy (Editor), Institute of Social Sciences, New Delhi, India, 1999
  4. "Land Reforms in India: Computerisation of Land Records," Wajahat Habibullah and Manoj Ahuja (Editors), SAGE Publications, India, 2005, ISBN 9788132103493
  5. Stein, Mark Aurel (1879). Kalhana's Rajtarangini: A chronicle of the kings of Kaśmīr (reprint 1979 संस्करण). Delhi: Motilal Banarsidass. OCLC 611093094. online version of Kalhana's Rajatarangini in English
  6. Jasrotia, Sonia. "New Discovered Buddhist Heritage of Baramulla District (Kashmir)". मूल से 28 August 2015 को पुरालेखित.