परिधीय दृष्टि

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मानव आँख की परिधीय दृष्टि

परिधीय दृष्टि (peripheral vision) दृश्य बोध का वह भाग है जो आँखों के सीधा आगे नहीं बल्कि वे जहाँ ताक रहीं हों उसके किनारों पर प्रयोग होता है। इसे अक्सर "समीपी परिधीय" (near-peripheral), "मध्य परिधीय" (mid-peripheral) और "दूर परिधीय" (far peripheral) में बांटा जाता है।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Sardegna, Jill; Shelly, Susan; Rutzen, Allan Richard; Scott M Steidl (2002). The Encyclopedia of Blindness and Vision Impairment. Infobase Publishing. पृ॰ 253. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-8160-6623-0. अभिगमन तिथि 30 November 2014.
  2. Strasburger, Hans; Rentschler, Ingo; Jüttner, Martin (2011). "Peripheral vision and pattern recognition: A review". Journal of Vision. 11 (5): 13–13. आइ॰एस॰एस॰एन॰ 1534-7362. डीओआइ:10.1167/11.5.13.