परावर्तन (धर्म)

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बलपूर्वक किसी अन्य धर्म में दीक्षित हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाने को परावर्तन या परावर्तन संस्कार कहा जाता है। मध्ययुग में सर्वप्रथम स्वामी रामानन्दाचार्य ने परावर्तन कार्यक्रम चलाया था। आधुनिक काल में आर्य समाज ने इसे आगे बढ़ाया। वर्तमान समय में विश्व हिन्दू परिषद एवं अन्य हिन्दू संगठन परावर्तन के लिये प्रयास करते हैं जिनमें उन्हें उल्लेखनीय सफलता भी मिली है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]