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पढ़े साम्राज्य

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पढ़े (बल्है) / बोहाई (पोहाई)

渤海 (कोरियाई) (हान्‌जा)
발해 (हान्‌गुल)
पढ़े, बल्है
渤海 (चीनी)
बोहाई
698–926
830 ईस्वी में पढ़े के नरेश, सोन (शुआन) के शासनकाल के अंतर्गत पढ़े का राज्य-क्षेत्र।
830 ईस्वी में पढ़े के नरेश, सोन (शुआन) के शासनकाल के अंतर्गत पढ़े का राज्य-क्षेत्र।[3][4]
राजधानीDongmo Mountain
(698–742)
Central capital
(742–756)
Upper capital
(756–785)
Eastern capital
(785–793)
Upper capital
(793–926)[a]
प्रचलित भाषा(एँ)Parhae
अन्य भाषा(एँ)Goguryeo (Koreanic),
Tungusic languages,
Classical Chinese (literary)
धर्म
Buddhism,[6][7]
Shamanism,[8]
Confucianism[उद्धरण चाहिए]
सरकारराजतंत्र
King 
• 698–719
Go (Gao) (first)
• 719–737
Mu (Wu)
• 737–793
Mun (Wen)
• 818–830
Sŏn (Xuan)
इतिहास 
• Tae Chungsang begins military campaigns
696
• Establishment in Tianmenling
698
• "Parhae" as a kingdom name
713
• Fall of Sang-gyeong
14 January 926
जनसंख्या
• 10th century
1.5–4 million
पूर्ववर्ती
परवर्ती
Goguryeo
Mohe Peoples
Liao dynasty
Dongdan
Goryeo
Later Parhae
Jurchens
अब जिस देश का हिस्सा हैChina
North Korea
Russia

पढ़े,[b] जिसे बोहाई [9] अथवा बल्है के रूप में भी व्यक्त किया जाता है तथा प्रारंभ में जिन[c] नाम से अभिहित किया गया था, 698 ईस्वी में ते चो-योंग (दा ज़ुओरोंग) द्वारा संस्थापित एक बहु-नृजातीय साम्राज्य था। 713 ईस्वी तक इसे मूलतः जिन साम्राज्य (震, झेन) नाम से अभिहित किया जाता था, तत्पश्चात् इसका नाम परिवर्तित करके "पढ़े" कर दिया गया। अपने विशालतम भौगोलिक विस्तार के समय यह वर्तमान पूर्वोत्तर चीन, कोरियाई प्रायद्वीप के उत्तरी अर्धभाग तथा दक्षिण-पूर्वी रूसी सुदूर पूर्व के क्षेत्रों में विस्तृत था।[10]

पढ़े के संस्थापन के संदर्भ में विविध आख्यान प्राप्त होते हैं, किन्तु उनमें से अधिकांश यह उल्लेख करते हैं कि 698 ईस्वी में जब ते चो-योंग द्वारा पढ़े की स्थापना की गई, तब इसमें कोकुर्यौ तथा मोहे जन-समुदाय सम्मिलित थे। पढ़े का प्रारम्भिक इतिहास तांग राजवंश के साथ वैमनस्यपूर्ण संबंधों से चिह्नित था, जिसकी प्रमुख विशेषता सैन्य एवं राजनीतिक संघर्ष थी; किन्तु अष्टम शताब्दी के अंत तक यह संबंध अत्यंत सौहार्दपूर्ण तथा मैत्रिपूर्ण हो गया। कालान्तर में तांग राजवंश ने पढ़े को "पूर्व के समृद्ध राष्ट्र" के रूप में मान्यता प्रदान की।[11][12][13]

पढ़े की संस्कृति को कोकुर्यौ, मोहे, ख़ितान एवं तांग सांस्कृतिक तत्वों के सदृश, उनसे व्युत्पन्न अथवा संबद्ध के रूप में वर्णित किया गया है। तथापि, इन संस्कृतियों के साथ पढ़े के संबंधों का यथार्थ स्वरूप विवादास्पद है। पढ़े ने तांग राजवंश की कतिपय प्रशासनिक व्यवस्थाओं, यथा 'त्रि-विभाग एवं षड्-मंत्रालय' (Three Departments and Six Ministries), को अंगीकार किया था। 926 ईस्वी में ख़ितान-नेतृत्व वाले लियाओ राजवंश ने पढ़े को विजित कर लिया। पढ़े की जनसंख्या का एक विशाल अंश गोर्यो की ओर पलायन कर गया, जबकि अन्य पढ़े में ही बने रहे अथवा लियाओ साम्राज्य के अन्य भूभागों में विस्थापित कर दिए गए। अन्य समुदायों में आत्मसात होने तथा मंगोल शासन के अधीन विलुप्त होने से पूर्व, पढ़े लियाओ एवं जिन राजवंशों के शासनकाल में आगामी तीन शताब्दियों तक एक पृथक् जन-समूह के रूप में अस्तित्व में रहा।

राज्य की उत्पत्ति से संबद्ध इतिहास, इसकी नृजातीय संरचना, शासक राजवंश की आधुनिक सांस्कृतिक सम्बद्धता, उनके नामों का वाचन तथा इसकी सीमाएँ; कोरिया, चीन एवं रूस के मध्य इतिहास-लेखन संबंधी (इतिहास-शास्त्रीय) विवाद का विषय हैं। चीन तथा कोरिया दोनों के ऐतिहासिक स्रोतों ने पढ़े के संस्थापक, ते चो-योंग, को मोहे जन-समुदाय एवं कोकुर्यौ से संबद्ध वर्णित किया है।

पढ़े की स्थापना 698 ई. में ते चोयोंग (दा ज़ुओरोंग) द्वारा 震 (진, जिन) नाम से की गई थी, जिसका मध्य चीनी भाषा में उच्चारण tsyinH था।[14] इस राज्य के नाम को चीनी लिपि में 振 के रूप में भी लिखा जाता था,[15] जिसका मध्य चीनी में उच्चारण 震 के समान ही था।[16] ऐसा माना जाता है कि यह नाम ई चिंग के 'जिन' (震) नामक त्रिग्राम से व्युत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ गर्जन, गति और परिवर्तन है, तथा जो पूर्व दिशा से संगत है।[17]

713 ई. में तांग राजवंश ने जिन के शासक को "बोहाई (पढ़े) मंडल के राजकुमार" (渤海郡王) की उपाधि प्रदान की।[18]:§5.1 ¶3[19] 762 ई. में तांग ने औपचारिक रूप से पढ़े को राज्य के स्तर तक उन्नत किया।[20][21][18]:§5.1 ¶11 इस राज्य का भूभाग बोहाई मंडल के भूभाग के साथ अतिव्यापी नहीं था। नव तांग ग्रंथ के अनुसार, 713 ई. में तांग से अभिषेक प्राप्त करने तथा बोहाई (पढ़े) नाम धारण करने से पूर्व इस राज्य को मोहे (靺鞨, कोरियाई: मलगल, इस जनजाति का नाम) कहा जाता था।[22][19] इतिहासकार जिन युफू ने भी यह तर्क दिया कि तांग उस समय तक इस राज्य को मोहे ही कहते रहे तथा यह कि "पढ़े" संभवतः उसी नाम का एक अन्य लिप्यंतरण रहा होगा।[23] भाषाविद् कार्ल हाइनरिख़ मेंगेस और रॉय एंड्र्यू मिलर ने एक अन्य सिद्धांत प्रस्तुत करते हुए सुझाव दिया कि 'पढ़े' नाम के मूल में एक देशज नाम अंतर्निहित रहा होगा, जो मंचू भाषा के शब्द butha ('आखेट') का सजातीय था।[24]

बोहाई[9] (Bohai; चीनी पिनयिन लिप्यंतरण), पो-हाई[25] (Po-hai; चीनी वेड-जाइल्स लिप्यंतरण), तथा बल्है (Balhae; कोरियाई का संशोधित रोमनीकरण) — ये लिप्यंतरण भी आधुनिक शैक्षणिक जगत् में प्रचलित हैं। कोरियाई अध्ययन क्षेत्र को छोड़कर, अधिकांश पाश्चात्य-भाषी विद्वानों ने 'बोहाई' (Bohai) को ही अपनाया है; तथापि, कुछ विद्वानों ने पिनयिन लिप्यंतरण के प्रयोग से प्रचारित होने वाले "चीनी" आख्यान से बचने हेतु कोरियाई रोमनीकरण को चुना है।[26] पामेला काइल क्रॉस्ली के अनुसार, न तो चीनी और न ही कोरियाई लिप्यंतरण को सही माना जा सकता है। उन्होंने आधुनिक चीनी लिप्यंतरण के प्रयोग को इसलिए चुना "ताकि यह दर्शाया जा सके कि हमारे पास एकमात्र संदर्भ चीनी अक्षर ही हैं।"[25] जेसी डी. स्लोन ने "पढ़े" शब्द का चुनाव इसलिए किया क्योंकि इसे चीन के राजकीय रूप से अनिवार्य पाठ्यक्रम में गहनता से सम्मिलित नहीं किया गया था, परंतु पढ़े से संबंधित अन्य उन समस्त शब्दों के लिए जो पहले चीनी स्रोतों में प्रकट हुए थे, उन्होंने चीनी रोमनीकरण का ही प्रयोग किया। न तो क्रॉस्ली और न ही स्लोन का आशय पढ़े को मूलतः चीनी के रूप में चित्रित करने का था, अपितु उन्होंने सुविधा की दृष्टि से तथा पढ़े-संबंधी विमर्श की बहुराष्ट्रीय उत्पत्ति को स्वीकार करने हेतु चीनी रोमनीकरण का प्रयोग किया।[27][25]

शोकु निहोंगी के अनुसार, पढ़े के साथ जापान के राजनयिक संचार में इसे "को[कु]र्यौ का राज्य" के रूप में मान्यता दी गई थी।[21][28] 727 अथवा 728 ई. में जापान गए एक राजनयिक शिष्टमंडल के समय, पढ़े के दूत ने कहा कि पढ़े ने "गोगुर्यो की खोई हुई भूमि पुनः प्राप्त कर ली है तथा बुयो की प्राचीन परंपराओं को उत्तराधिकार में प्राप्त किया है।"[21][29] नारा प्रान्त में प्राप्त काष्ठ-फलकों में उल्लिखित है कि 758 ई. में पढ़े को भेजे गए एक दूत को गोर्यो का दूत कहा गया था।[28] पढ़े के मून ने स्वयं को "गोर्यो का राजा" कहा, परंतु रेइसा शिमोदा का सुझाव है कि ऐसा प्राचीन नाम को पुनःस्थापित करने के लिए नहीं था, जैसा कि दाई निहोन्शी में उल्लिखित है, अपितु गोर्यो का उल्लेख करके जापान की कृपा प्राप्त करने के एक साधन के रूप में था। चो ली-ओक का सुझाव है कि मून द्वारा "स्वर्गिक वंशज" (Heavenly Descendant) की उपाधि पर जताया गया अधिकार गोगुर्यो से उत्तराधिकार में प्राप्त हुआ था।[30][31][32] पढ़े के दूतों को गोर्यो के दूत कहे जाने तथा पढ़े के राजाओं को गोर्यो का राजा कहे जाने के उदाहरण नारा काल (710–794 ई.) में व्यापक रूप से पाए जाते हैं, परंतु परवर्ती हेइआन काल (794–1185 ई.) में ऐसे उदाहरण नहीं पाए गए हैं।[33]

  1. 동북아역사재단 편 (Northeast Asian History Foundation) (2007). 새롭게 본 발해사. 동북아역사재단. p. 62. ISBN 978-89-6187-003-0.
  2. "渤海の遼東地域の領有問題をめぐって : 拂涅・越 喜・鉄利等靺鞨の故地と関連して" (PDF). Kyushu University Institutional Repository. 2003.
  3. ↑ 동북아역사재단 편 (Northeast Asian History Foundation) (2007). 새롭게 본 발해사. 동북아역사재단. p. 62. ISBN 978-89-6187-003-0.
  4. ↑ "渤海の遼東地域の領有問題をめぐって : 拂涅・越 喜・鉄利等靺鞨の故地と関連して" (PDF). Kyushu University Institutional Repository. 2003.
  5. ↑ Kradin Nikolai Nikolaevich (2018). "Динамика урбанизационных процессов в средневековых государствах Дальнего Востока" [Dynamics of urbanization processes in the medieval states of the Far East]. Siberian historical research. अभिगमन तिथि: 5 February 2019.
  6. ↑ Stoyakin Maxim Aleksandrovich (2012). Культовая архитектура Бохайского времени в северной части Кореского Полуострова [Religious cult architecture of the Bohai time in the northern part of the Korean Peninsula]. BUDDHIST RELIGIOUS ARCHITECTURE OF PARHAE (BOHAI) LOCATED IN NORTHERN PART OF KOREAN PENINSULA (रूसी भाषा में). अभिगमन तिथि: 5 February 2019.
  7. ↑ 古畑徹 (2017). 渤海国とは何か 歴史文化ライブラリー (जापानी भाषा में). 吉川弘文館. ISBN 978-4642058582.
  8. ↑ "Буддийская культовая архитектура бохайского времени в северной части корейского полуострова".
  9. 1 2 Crossley 1997, p. 18.
  10. ↑ 정석배 JUNG Suk-bae (2016). 발해의 북방경계에 대한 일고찰 (Study on northern borders of Balhae). 고구려발해연구 the Koguryo Parhae Yongu (कोरियाई भाषा में). 54. 고구려발해학회 Association of Koguryo Parhae: 88.
  11. ↑ Injae, Lee; Miller, Owen; Jinhoon, Park; Hyun-Hae, Yi (15 December 2014). Korean History in Maps (अंग्रेज़ी भाषा में). Cambridge University Press. pp. 64–65. ISBN 9781107098466. अभिगमन तिथि: 24 February 2017.
  12. ↑ 渤海/海東の盛国. www.y-history.net (जापानी भाषा में). अभिगमन तिथि: 19 February 2019.
  13. ↑ Lee, Ki-baik (1988). A New History of Korea. Edward W. Wagner, Edward J. Schultz. Cambridge. pp. 90–91. ISBN 978-0-674-25526-5. ओसीएलसी 1203951892.{{cite book}}: CS1 maint: location missing publisher (link)
  14. ↑ Baxter & Sagart; p. 20.
  15. ↑ "「渤海と古代の日本」" (PDF). 2010 年度第 6 回日本海学講座. 酒寄 雅志.
  16. ↑ Baxter, William H.; Sagart, Laurent (2014), Old Chinese: A New Reconstruction, Oxford University Press, p. 181, ISBN 978-0-19-994537-5.
  17. ↑ "Chinese character 震 - HangulHanja - Korean-English Dictionary". HangulHanja (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-04-08.
  18. 1 2 उद्धरण त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; OldTangBook2019 नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  19. 1 2 "동북아역사넷 < 동북아역사재단". contents.nahf.or.kr. अभिगमन तिथि: 2026-04-08.
  20. ↑ उद्धरण त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; Dillon2016 नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  21. 1 2 3 उद्धरण त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; Kim2012 नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  22. ↑ Kim 2015, p. 8.
  23. ↑ 金毓黻. 东北通史(再版). 社会科学战线杂志社 (1981). pp. 253–264.
  24. ↑ Janhunen, Juha (2008). "Liao: A Manchurian hydronym and its ethnohistorical context" (PDF). Studia Etymologica Cracoviensia. 13: 94.
  25. 1 2 3 Crossley 2016, p. 12.
  26. ↑ Sloane 2014, p. 366.
  27. ↑ Sloane 2014a, p. 4.
  28. 1 2 उद्धरण त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; soo नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  29. ↑ Sloane 2014a, p. 14.
  30. ↑ 石井正敏 (2001),"日本渤海関係史の研究" 吉川弘文館,. ISBN 4642023631. p 416-417
  31. ↑ Cho (조이옥), lee ok (2006). "Diplomatic relations and Trade of Balhae-Japan in the later 8th century (8世紀 後半 渤海의 對日本外交와 交易)". The Review of Korean History (사학연구) (अंग्रेज़ी भाषा में) (81): 127–155. आईएसएसएन 1225-133X.
  32. ↑ "Northeast Asian History Network". contents.nahf.or.kr. अभिगमन तिथि: 2026-04-07.
  33. ↑ 石井正敏 (2001), "日本渤海関係史の研究" 吉川弘文館,. ISBN 4642023631. p 425-426
  1. ↑ With the multiple capitals system; a Supreme capital with four secondary capitals (c.820-926)[5]
  2. ↑ (हंगुल: 발해; कोरियाई उच्चारण: [pa̠ɽɦɛ̝], चीनी भाषा: 渤海; पिनयिन: Bóhǎi, रूसी: Бохай, romanized: Bokhay, Manchu: साँचा:ManchuSibeUnicode)
  3. ↑ हंगुल: 진국; हांजा: 震國; कोरियाई उच्चारण: [tɕinguk̚]
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