पट्टदकल्लु (मन्दिर परिसर)

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युनेस्को विश्व धरोहर स्थल
पट्टदकल्लु मन्दिर परिसर
विश्व धरोहर सूची में अंकित नाम
विरुपाक्ष मंदिर, द्रविड़ शैली
देश  भारत
प्रकार सांकृतिक
मानदंड iii, iv
सन्दर्भ 239
युनेस्को क्षेत्र एशिया-प्रशांत
शिलालेखित इतिहास
शिलालेख 1987 (ग्यारहवां सत्र)

पट्टदकल्लु भारत के कर्नाटक राज्य में एक पट्टदकल्लु नामक कस्बे में स्थित एक मन्दिर परिसर है जिसमें ७वीं-८वीं शताब्दी में निर्मित कई हिन्दू एवं जैन मन्दिर हैं। यह युनेस्को विश्व धरोहर स्थल है अपने पुरातात्विक महत्व के कारण प्रसिद्ध है। चालुक्य वंश के राजाओं ने सातवीं और आठवीं शताब्दी में यहाँ कई मंदिर बनवाए। एहोल को स्थापत्यकला का विद्यालय माना जाता है, बादामी को महाविद्यालय तो पट्टदकल्लु को विश्वविद्यालय कहा जाता है।[1] यहाँ कुल दस मंदिर हैं, जिनमें एक जैन धर्मशाला भी शामिल है। इन्हें घेरे हुए ढेरों चैत्य, पूजा स्थल एवं कई अपूर्ण आधारशिलाएं हैं। यहाँ चार मंदिर द्रविड़ शैली के हैं, चार नागर शैली के हैं एवं पापनाथ मंदिर मिश्रित शैली का है। पट्टदकल्लु को १९८७ में युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।[2][3][4][5][6]

विरुपाक्ष मंदिर यहाँ का सर्वश्रेष्ठ मंदिर है। इसे महाराज विक्रमादित्य द्वितीय की पत्नी लोकमहादेवी ने ७४५ ई. में अपने पति की कांची के पल्लव वंश पर विजय के स्मारक रूप में बनवाया था। यह मंदिर कांची के कैलाशनाथ मंदिर से बहुत मिलता जुलता है। वही मंदिर इस मंदिर की प्रेरणा है। यही विरुपाक्ष मंदिर एल्लोरा में राष्ट्रकूट वंश द्वारा बनवाये गये कैलाशनाथ मंदिर की प्रेरणा बना। इस मंदिर की शिल्पाकृतियों में कुछ प्रमुख हैं लिंगोद्भव, नटराज, रावाणानुग्रह, उग्रनृसिंह, आदि।

इसके अलावा संगमेश्वर मंदिर भी काफी आकर्षक है। यह मंदिर अधूरा है। इसे महाराज विजयादित्य सत्याश्रय ने बनवाया था। यहाँ के काशी विश्वनाथ मंदिर को राष्ट्रकूट वंश ने आठवीं शताब्दी में बनवाया था। निकटस्थ ही मल्लिकार्जुन मंदिर है। इसे विक्रमादित्य की द्वितीय रानी त्रिलोकमहादेवी द्वारा ७४५ ई. में बनवाया गया था। यह विरुपाक्ष मंदिर का एक छोटा प्रतिरूप है। गल्गनाथ मंदिर में भगवान शिव को अंधकासुर का मर्दन करते हुए दिखाया गया है। कदासिद्धेश्वर मंदिर में शिव की त्रिशूल धारी मूर्ति है। जम्बुलिंग मंदिर में शिवलिंग स्थापित है। ये सभी नागर शैली में निर्मित हैं।

यहां के जैन मंदिर पट्टदकल्लु-बादामी मार्ग पर स्थित है। ये मयनाखेत के राष्ट्रकूटों द्वारा द्रविड़ शैली में निर्मित हैं। यहां नौवीं शताब्दी के कुछ बहुत ही सुंदर शिल्प के नमूने हैं। इन्हे अमोघवर्षा प्रथम या उसके पुत्र कृष्ण द्वितीय ने बनवाया था। यहां का पापनाथ मंदिर वेसारा शैली में निर्मित है। ६८० ई. में निर्मित यह मंदिर पहले नागर शैली में आरम्भ हुआ था, पर बाद में द्रविड़ शैली में बदला गया। यहां के शिल्प रामायण एवं महाभारत की घटनाओं के बारे में बताते हैं। इस मंदिर में आलमपुर, आंध्र प्रदेश के नवब्रह्म मंदिर की झलक दिखाई देती है। यह मंदिर भी इसी वंश ने बनवाया था।

यहाँ के बहुत से शिल्प अवशेष यहाँ बने प्लेन्स के संग्रहालय तथा शिल्प दीर्घा में सुरक्षित रखे हैं। इन संग्रहालयों का अनुरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग करता है। ये भूतनाथ मंदिर मार्ग पर स्थित हैं। इनके अलावा अन्य महत्त्वपूर्ण स्मारकों में, अखण्ड एकाश्म स्तंभ, नागनाथ मंदिर, चंद्रशेखर मंदिर एवं महाकुटेश्वर मंदिर भी हैं, जिनमें अनेक शिलालेख हैं।

सन्दर्भ

  1. "द चालुक्यन मैग्नीफीशियेंस". मूल से 10 मई 2009 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ५ मार्च २००९. |access-date= में 12 स्थान पर line feed character (मदद); |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  2. "द चालुक्यन मैग्नीफ़ीशियेंस". मूल से 10 मई 2009 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ५ मार्च २००९. |access-date= में 8 स्थान पर line feed character (मदद); |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  3. "पट्टदकल्लु". मूल से 11 सितंबर 2004 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ५ मार्च २००९. |access-date= में 12 स्थान पर line feed character (मदद); |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  4. "वर्ल्ड हैरिटेज साइट्स - पट्टदकल्लु, ग्रुप ऑफ मॉन्युमेंट्स ऐट पट्टदकल्लु (१९८७), कर्नाटक". मूल से 25 जून 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ६ मार्च २००९. |access-date= में 12 स्थान पर line feed character (मदद); |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  5. "ग्रुप ऑफ मॉन्युमेंट्स ऐट पट्टदकल्लु" (PDF). मूल से 4 जून 2011 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि ९ मार्च २००९. |access-date= में 12 स्थान पर line feed character (मदद); |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
  6. "अनुभाग-२, राष्ट्र पार्टी: भारत, प्रोपर्टी नाम: पट्टदकल्लु में स्मारक समूह" (PDF). मूल से 4 जून 2011 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि ९ मार्च २००९. |access-date= में 12 स्थान पर line feed character (मदद); |access-date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)

बाहरी कड़ियां

निर्देशांक: 15°56′45″N 75°49′00″E / 15.94583°N 75.81667°E / 15.94583; 75.81667