न्यू टाउन, एडिनबर्ग

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युनेस्को विश्व धरोहर स्थल
एडिनबर्ग का ओल्ड और न्यू टाउन
विश्व धरोहर सूची में अंकित नाम
प्रकार सांस्कृतिक
मानदंड ii, iv
सन्दर्भ 728
युनेस्को क्षेत्र युरोप और उत्तरी अमरीका
शिलालेखित इतिहास
शिलालेख 1995 (19th सत्र)

एडिनबर्ग के न्यू टाउन को 18 वीं सदी में ओल्ड टाउन में बढ़ती जनसंख्या के समाधान के तौर पर बनाया गया था। बढ़ती जनसंख्या के कारण शहर में आवास की असुविधाएं बढ़ गई थीं। इस नए शहर के नक़्शे को तईयार करने के लिए सन 1766 में, एक वास्तुप्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसे जेम्स क्रैग नामक एक 22 साल के वास्तुकार ने जीता था। इसे पूरे शहर को 1767 से 1850 के बीच के चरणों में बनाया गया था। हालांकी प्राथमिक चरण को जेम्स क्रैग नहीं बनवाया था परंतु इस शहर के, बाद के चरणों को बनाने में अन्य कई प्रमुख स्कॉट वास्तुकारों ने अपना योगदान दिया है। इस शहर के नक्शे एवं इमारतों को नव-शास्त्रीय(नियो-क्लासिकल) व ज्याॅर्जियन वास्तुशैली में बनाया गया था जिन्हें आज भी अच्छी तरह संरक्षित देखा जा सकता हैं। इसे अक्सर विश्व में ज्याॅर्जियन शैली में नगर निर्माण के सबसे बढिया नमूने के रूप में देखा जाता है। योजना अनुसार इस शहर मैं सड़कों का अभिन्यास, ग्रेड के आकार का था, जिनहे सड़को और गलियों के योग से, इस तरह तैयार किया गया था कि वे शहर के रिहाइशी इलाके को कई वर्गाकार टुकड़ों में बाटेंगे। इस परियोजना के अनुसार शहर की मुख्य सड़क जॉर्ज स्ट्रीट थी जोकि ढलान के बराबर, पूर्व ओर से पश्चिम की ओर जाती थी इस के समानांतर प्रिंसेस स्ट्रीट और क्वीन स्ट्रीट को निर्मित किया गया था इन मुख्य लंबी सड़कों को कई छोटी समकोणीया सड़कों से जोड़ा गया था। जो मिल कर एक ग्रेड रूपीस समझना निर्मित करते हैं। इस के बनने के बाद से ही प्रिंसेस स्ट्रीट एडिनबर्ग का मुख्य बाजार व खरीदारी साड़क बन गया, जो वह आज भी है। पूर्वी और पश्चिमी छोर पर सेंट ऐन्ड्र्यूज़ स्क्वैर(Saint Andrews Square; संत ऐन्ड्रू चौक) और शार्लाॅट स्क्वैर(Charlotte Square; शार्लौट चौक) स्थित है। शार्लाॅट स्क्वैर को रॉबर्ट ऐडम ने बनाया था और इसे अक्सर ज्याॅर्जियन शैली मैं चौक निर्माण के सबसे बेहतरीन नमूने के रूप में देखा जाता है। ब्यूट हाउस स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री का आधिकारिक निवास इसी के उत्तर में स्थित है।

ओल्ड टाउन और न्यू टाउन के बीच, किसी समय, नाॅर लाॅच नामक एक झील हुआ करती थी, जिसे मूल रूप से शहर की सुरक्षा के लिए निर्मित किया गया था परंतु बाद में उसे नागरिकों द्वारा अपशिष्ट विक्रय के लिए भी उपयोग किया जाने लगा। 1820 के समय, यह झील सूख गई। कुछ परियोजनाओं एवं दस्तावेजों के अनुसार यहां पर, उसके स्थान सौनदर्य-निखार के लिये, एक नहर बनाने की योजना भी प्रस्तावित की गई थी। परंतु किसी वजह से ऐसा नहीं किया गया, और इसके बजाए प्रिंसेस स्ट्रीट गार्डन को बनाया गया। न्यू टाउन के निर्माण के लिए खनन से प्राप्त की गई अतिरिक्त मिट्टी को झील के गड्ढे में ही डाल दिया गया, जो की सूख कर दल-दल बन चुकी थी, इस अतिरिक्त मिट्टी से बने टीले को आजकल द माउंड के नाम से जाना जाता है। मध्य 19वीं सदी में स्कॉटलैंड की राष्ट्रीय प्रदर्शनी और राॅयल स्कॉटिश अकैडमी बिल्डिंग को द माउंड पर निर्मित किया गया और वेवर्ली स्टेशन को भी बनाया गया।[1] न्यू टाउन की परियोजना इतनी सफल रही थी की इसका कई बार विस्तार भी किया गया। हालांकि, आगे के निर्माण कार्यों में प्राथमिक दृढ़ ग्रेड रचना को थोड़ा ढीला छोड़ दिया गया और पूरी तरह अनुरक्षित नहीं रखा गया था। आज इस शहरी निर्माण को जॉर्जियन शैली में नगर निर्माण का सबसे बेहतरीन नमूना माना जाता है।


एडिनबर्ग के स्काॅट स्मारक पर से ली गई पैनोरामिक तस्वीर, इसमें बाईं ओर की ईमारतें ओल्ड टाउन हैं, और दाहिने छोर पर न्यू टाउन है। मध्य में दिख रही सीधी सड़क प्रिन्सेस् स्ट्रीट है, और उसके बाएं पक्ष पर स्थित हरियाली, प्रिन्सेस् स्ट्रीट् गार्डेन है। बीच में, ओल्ड टाउन का एडिनबर्ग कासल भी दृश्यमान है

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. History of princes Street, hämtad 8 januari 2011