न्यूज़ीलैण्ड का राजतंत्र
| न्यूज़ीलैण्ड के के राजा | |
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न्यूज़ीलैण्ड का कुलांक | |
| पदस्थ | |
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| चार्ल्स तृतीय | |
| विवरण | |
| संबोधन शैली | महामहिम |
| उत्तराधिकारी | राजकुमार विलियम, कैम्ब्रिज के ड्यूक |
| प्रथम एकाधिदारुक | विक्टोरिया |
| स्थापना | 26 सितंबर 1907 |
न्यूज़ीलैण्ड का राजतंत्र, न्यूज़ीलैण्ड की संवैधानिक राजतंत्र है। न्यूज़ीलैण्ड के एकाधिदारुक को न्यूज़ीलैण्ड और यूनाइटेड किंगडम समेत कुल १५ प्रजाभूमियों, का सत्ताधारक एकराजीय संप्रभु होने का गौरव प्राप्त है। वर्तमान सत्ता-विद्यमान शासक, 8 सितंबर वर्ष 2022 से महाराजा चार्ल्स तृतीय हैं। अन्य राष्ट्रमण्डल देशों के सामान ही न्यूज़ीलैण्ड की राजनीतिक व्यवस्था वेस्टमिंस्टर प्रणाली पर आधारित है, जिसमें राष्ट्रप्रमुख का पद नाममात्र होता है, और वास्तविक प्रशासनिक शक्तियां शासनप्रमुख पर निहित होती हैं। न्यूज़ीलैण्ड सैद्धांतिक रूप से एक राजतंत्र है, और न्यूज़ीलैण्ड के शासक के पदाधिकारी इसके राष्ट्रप्रमुख होते हैं, हालाँकि शासक की सारी संवैधानिक शक्तियों का अभ्यास, उनके प्रतिनिधि के रूप में, न्यूज़ीलैण्ड के गवर्नर-जनरल करते हैं। अधिराट् यदी स्त्री हो तो उन्हें " न्यूज़ीलैण्ड की रानी" के नाम हे संबोधित किया जाता है, और एक पुरुष अधिराट् को " न्यूज़ीलैण्ड के राजा" के नाम से संबोधित किया जाता है।
व्युत्पत्ति
[संपादित करें]न्यूज़ीलैण्ड में राजतंत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, ब्रिटिश औपनिवेशिकता में है, जब १८वीं सदी में ब्रिटेन ने अपने साम्राज्य का विस्तार किया और विश्व के विभिन्न कोनों में अपने उपनिवेश स्थापित किया। धीरे-धीरे इन उपनिवेशों को अपनी प्रशासन पर संप्रभुता प्रदान कर दी गई, और वेस्टमिंस्टर की संविधि, 1931 द्वारा इन सारे राज्यों को राष्ट्रमण्डल के अंदर, पूर्णतः समान पद दे दिया गया था। जो पूर्व उपनिवेश, ब्रिटिश शासक को आज भी अपना शासक मानते है, उन देशों को राष्ट्रमण्डल प्रजाभूमि या राष्ट्रमण्डल प्रदेश कहा जाता है। इन अनेक राष्ट्रों के चिन्हात्मक समानांतर प्रमुख होने के नाते, ब्रिटिश एकराट् स्वयं को राष्ट्रमण्डल के प्रमुख के ख़िताब से भी नवाज़ते हैं। हालांकि शासक को आम तौरपर ब्रिटिश शासक के नाम से ही संबोधित किया जाता है, परंतु सैद्धान्तिक तौर पर सारे राष्ट्रों का संप्रभु पर सामान अधिकार है, तथा राष्ट्रमण्डल के तमाम देश एक-दुसरे से पूर्णतः स्वतंत्र और स्वायत्त हैं।
राजपरिवार
[संपादित करें]संप्रभु के परिवार के सबसे करीबी सदस्यों के समूह को कहाजाता है। हालाँकि, ऐसा कोई दृढ़ नियम या विधान नहीं है, जो यह सुनियोजित करता हो की किन व्यक्तियों को इस विशेष समूह में रखा जाए, नाही कोई ऐसा विधान है जो राजपरिवार को विस्तृत रूप से परिभाषित करता हो। आम तौर पर ब्रिटेन के उन व्यक्तियों को जिनपर हिज़/हर मैजेस्टी(HM) या हिज़/हर रॉयल हाइनेस (HRH) का संबोधन रखते हैं, को आम तौर पर राजपरिवार का सदस्य माना जाता है। राजपरिवार में केवल संप्रभु को ही संवैधानिक कर्तव्य व पद प्राप्त हैं। संप्रभु और उसके तत्काल परिवार के सदस्य देश के विभिन्न आधिकारिक, औपचारिक और प्रतिनिधित्वात्मक कार्यों का निर्वाह करते हैं।
उत्तराधिकार
[संपादित करें]राष्ट्रमण्डल प्रदेशों के बीच का संबंध इस प्रकार का है की उत्तराधिकार को अनुशासित करने वाले किसी भी बिधान का सारे देशों की एकमत स्वीकृति आवश्यक है। यह बाध्यता वेस्टमिंस्टर की संविधि, १९३१ द्वारा लागू की गयी थी। सिंघासन पर उत्तराधिकार, विभिन्न ऐतिहासिक संविधिओं द्वारा अनुशासित है। ऐतिहासिक रूप से उत्तराधिकार को पुरुष-वरियति सजातीय ज्येष्ठाधिकार के सिद्धान्त द्वारा अनुशासित किया जाता रहा है, जिसमे पुत्रों को ज्येष्ठ पुत्रियों पर प्राथमिकता दी जाती रही है, तथा एक ही लिंग के ज्येष्ठ संतानों को पहली प्राथमिकता दी जाती है। उत्तराधिकार संबंधित नियम केवल संसदीय अधिनियम द्वारा परिवर्तित किये जा सकते हैं, जिन्हें सारे प्रजाभूमियों की स्वीकृति समेत पारित होना अनिवार्य है। २०११ में राष्ट्रमण्डल की बैठक में ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने यह घोषणा की थी कि तमाम राष्ट्रमण्डल प्रदेश पुरुष प्राथमिकता की परंपरा को समाप्त करने के लिए राज़ी हो गए हैं, तथा भविष्य के शासकों पर कैथोलिक व्यक्तियों से विवाह करने पर रोक को भी रद्द करने पर सब की स्वीकृति ले ली गयी थी। परंतु क्योंकि ब्रिटिश अधिराट् चर्च ऑफ़ इंग्लैंड के प्रमुख भी होते हैं, अतः कैथोलिक व्यक्तियों को सिंघासन उत्तराधिकृत करने पर रोक लगाने वाले विधान को यथास्त रखा गया है। इस विधेयक को २३ अप्रैल २०१३ को शाही स्वीकृति मिली, तथा सारे राष्ट्रमण्डल प्रदेशों में सम्बंधित विथान पारित होने के पश्चात् मार्च २०१५ को यह लागू हुआ। सिंघासन का कोई उत्तराधिकारी, स्वेच्छा से अपना उत्तराधिकार त्याग नहीं कर सकता है।
वित्त
[संपादित करें]न्यूज़ीलैण्ड की सरकार संप्रभु, राजपरिवार या देश के बाहर स्थित शाही निवासों के रखरखाव के समर्थन हेतु किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं प्रदान करती है। हालांकि, संप्रभु या शाही परिवार के दौरे के समय आने वाले खर्चों का प्रभार सरकार उठाती है। इसके अलावा, गवर्नर-गवर्नर-जनरल के आधिकारिक खर्चे भी सरकार उठाती है।
कार्यपद के कर्तव्य
[संपादित करें]सत्ताधारी रानी/राजा पर सैद्धांतिक रूप से एक संवैधानिक शासक के अधिकार निहित है, परंतु परंपरानुसार इन सारी शक्तियों का अभ्यास केवल संसद और सरकार के विनिर्देशों के अनुसार ही, शासक के प्रतिनिधि होने के नाते, महाराज्यपाल द्वारा कार्यान्वित करने के लिए बाध्य हैं। अतः अन्य राष्ट्रमण्डल प्रजाभूमियों के समान ही, यह एक संसदीय सम्राज्ञता है। संसदीय शासक होने के नाते, शासक के सारे संवैधानिक अधिकार, निष्पक्ष तथा गैर-राजनैतिक कार्यों तक सीमित हैं, जो सैद्धान्तिक तौर पर शासक के अधिकार हैं, परंतु वास्तविक रूप से इन्हें केवल गवर्नर-जनरल द्वारा ही उपयोग किया जाता है। जबकि राजनैतिक-शक्तियों का अभ्यय गवर्नर-जनरल द्वारा सरकार और अपने मंत्रियों की सलाह और विनिर्देशों पर ही करते हैं।
राजाओं की सूची
[संपादित करें]Listed here are the seven monarchs who have reigned over New Zealand[1]—the British colony of New Zealand, from 1840; followed by the Dominion of New Zealand, beginning in 1907; and finally the present-day sovereign state of New Zealand. Originally, these monarchs reigned in their right as British sovereigns.
Timeline of kings and queens regnant
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इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Based on "List of British monarchs", Encyclopædia Britannica, अभिगमन तिथि: 25 October 2021
- ↑ "Māori text – Read the Treaty". nzhistory.govt.nz. 17 January 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 17 January 2018.
- ↑ "Queen Victoria". maoridictionary.co.nz (अंग्रेज़ी भाषा में). Te Aka Māori Dictionary. अभिगमन तिथि: 23 September 2022.
- ↑ "Pātete, Haimona".
- ↑ "Tēnei ētehi mahara ruarua nei: How some of my whanaunga were named".
- ↑ "Māori rugby – whutupaoro".
- ↑ "Ohinemutu 1943: Governor General gives speech | 28 Māori Battalion".
- ↑ "Oaths Modernisation Bill 264-1 (2005), Government Bill 7 New sections 17 to 21 substituted – New Zealand Legislation".
- ↑ "Citizenship ceremonies".
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- ↑ Queen Victoria reigned as British sovereign from 20 June 1837. British sovereignty over New Zealand was proclaimed on 21 May 1840 by Lieutenant-Governor William Hobson.
- ↑ Saxe-Coburg and Gotha until 1917, and Windsor thereafter
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