न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड

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न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
प्रकार सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम
उद्मोग परमाणु ऊर्जा, विद्युत उत्पादन
स्थापना सितंबर 1987[1]
मुख्यालय

मुंबई, भारत

16वां तल, सेंटर- I, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, कफ परेड, कोलाबा,[2]
प्रमुख व्यक्ति डॉ॰ एस. के. जैन, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक
उत्पाद विद्युत
राजस्व 99.9% वसूली
प्रचालन आय Green Arrow Up Darker.svgभारतीय रुपया3,806.82 करोड़ (US$555.8 मिलियन) (2009-2010)[3]
निवल आय भारतीय रुपया416.41 करोड़ (US$60.8 मिलियन) (2009-2010)
कुल संपत्ति Green Arrow Up Darker.svgभारतीय रुपया34,269 करोड़ (US$5 बिलियन) (2007-2008)
कुल इक्विटी Green Arrow Up Darker.svgभारतीय रुपया20,740 करोड़ (US$3.03 बिलियन) (2008-2008)
वेबसाइट www.npcil.nic.in

न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (अंग्रेजी: Nuclear Power Corporation of India Limited (NPCIL)), भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। सितंबर 1987 में कंपनी अधिनियम 1956 के अंतर्गत इस कंपनी को सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के तौर पर पंजीकृत किया गया था। इस कंपनी का उद्देश्य परमाणु ऊर्जा अधिनियम-1962 के तहत भारत सरकार की योजनाएं और कार्यक्रमों के अनुसरण में बिजली का उत्पादन करने हेतु परमाणु बिजली घर का परिचालन तथा नाभिकीय शक्ति परियोजनाएं कार्यान्वित करना है।

एनपीसीआईएल, परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के साथ ज्ञापन पत्र हस्ताक्षरित करनेवाली कंपनी है। वर्तमान में एनपीसीआईएल 4120 एमडब्ल्युई की कुल संस्थापित क्षमता के साथ 17 नाभिकीय उर्जा संयंत्र का प्रचालन कर रहा है जिसमें 5 रिएक्टर निर्माणाधीन है; दोनों की कुल क्षमता 2660 एमडब्ल्युई है। एनपीसीएल को 285 रिएक्टर वर्ष से अधिक वर्ष सुरक्षित तरीके से न्युक्लियर पावर प्लांट का प्रचालन करने का अनुभव प्राप्त है। “पहले संरक्षा फिर उत्पादन” के आदर्श के साथ एनपीसीआईएल अपने प्लांट का परिचालन करता है।

एनपीसीआईएल ने एक्स योजना (2002 - 2007) में करीबन 90 अरब युनिट बिज़ली का उत्पादन किया है जोकि तय किये गये लक्ष्य से 10% अधिक था और 1300 एमडब्ल्युई क्षमता के लक्ष्य के समक्ष 1180 एमडब्ल्युई का लक्ष्य प्राप्त किया जिससे जाहिर है कि तय किये गये क्षमता से 91% अधिक बढोत्तरी की है।

इकाई प्रकार क्षमता
(MWe)
आरंभ
TAPS-1 (तारापुर, महाराष्ट्र) BWR 160 अक्टूबर 28, 1969
TAPS-2 (तारापुर, महाराष्ट्र) BWR 160 28 अक्टूबर 1969
RAPS-1 (रावतभाटा, राजस्थान) PHWR 100shut down 16 दिसम्बर 1973
RAPS-2 (रावतभाटा, राजस्थान) PHWR 200 1 अप्रैल 1981
MAPS-1 (कालपक्कम, तमिलनाडु) PHWR 220 27 जनवरी 1984
MAPS-2 (कालपक्कम, तमिलनाडु) PHWR 220 21 मार्च 1986
NAPS-1 (नरौरा, उत्तर प्रदेश) PHWR 220 1 जनवरी 1991
NAPS-2 (नरौरा, उत्तर प्रदेश) PHWR 220 1 जुलाई 1992
KAPS-1 (काकरापार, गुजरात) PHWR 220 6 मई 1993
KAPS-2 (काकरापार, गुजरात) PHWR 220 1 सितंबर 1995
KGS-2 (कैगा, कर्नाटक) PHWR 220 6 मई 2000
RAPS-3 (रावतभाटा, राजस्थान) PHWR 220 1 जून 2000
KGS-1 (कैगा, कर्नाटक) PHWR 220 6 नवम्बर 2000
RAPS-4 (रावतभाटा, राजस्थान) PHWR 220 23 दिसम्बर 2000
TAPS-4 (तारापुर, महाराष्ट्र) PHWR 540 12 सितंबर 2005
TAPS-3 (तारापुर, महाराष्ट्र) PHWR 540 18 अगस्त 2006
KGS-3 (कैगा, कर्नाटक) PHWR 220 6 मई 2007
RAPS-5 (रावतभाटा, राजस्थान) PHWR 220 4 फ़रवरी 2010
RAPS-6 (रावतभाटा, राजस्थान) PHWR 220 31 मार्च 2010
कुल क्षमता 4560

सरकार द्वारा निजी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आने की अनुमति देने के फैसले के बाद से निगम अपने कर्मचारियों को निजी कंपनियों द्वारा प्रलोभन दिये जाने की समस्या से जूझ रहा है।[4]

निर्माणाधीन इकाइयां प्रकार क्षमता
(MWe)
अनुमानित तिथि
KNPP-1 (कूंडनकुलम, तमिलनाडु) दाभापारि 1000 दिसंबर-2010[5]
KNPP-2 (कूंडनकुलम, तमिलनाडु) दाभापारि 1000 जून-2011[5]
KGS-4 (कैगा, कर्नाटक) दाभापारि 220 अगस्त-2010[6]
KAPS-3 (काकरापार, गुजरात) दाभापारि 700 जून-2015[7]
KAPS-4 (काकरापार, गुजरात) दाभापारि 700 दिसंबर- 2015[7]
RAPS-7 (Rawatbhata, राजस्थान) दाभापारि 700 जून-2016[8]
RAPS-8 (रावतभाटा, राजस्थान) दाभापारि 700 दिसंबर-2016[8]
कुल क्षमता 5020

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]