सामग्री पर जाएँ

न्यूक्लाइड

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
स्थिर न्यूक्लाइड H से B
न्यूक्लियस का अणुओं में टूटना।

न्यूक्लाइड (न्यूक्लीसाइड, न्यूक्लियस से व्युत्पन्न; जिन्हें 'परमाणु प्रजाति' भी कहा जाता है) परमाणु का वर्ग है जिसमें एक ही तत्त्व के एक से अधिक प्रकार के परमाणु मिलते हैं। इन परमाणु की पहचान उनके भीतर मौजूद प्रोटॉन, न्यूट्रॉन तथा उनकी नाभिकीय ऊर्जा के स्तर से होती है।[1] उदाहरण के लिए- कार्बन की 2 द्रव्यमान संख्या 12 और 13 वाले परमाणु।

इस शब्द का सबसे पहला प्रयोग 1947 में अमेरिकी भौतिक विज्ञानी ट्रूमैन पी. कोहमन ने किया था। उनके अनुसार न्यूक्लाइड का तात्पर्य परमाणुओं का वह प्रकार है जिसे उसके केंद्र (नाभिक) की बनावट से समझा जा सके। सरल शब्दों में कहा जाए तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि परमाणु के केंद्र में कितने प्रोटॉन और न्यूट्रॉन विद्यमान हैं।

न्यूक्लाइड बनाम आइसोटोप

[संपादित करें]
हाइड्रोजन के तीन आइसोटोप।

न्यूक्लाइड एक ऐसा परमाणु है जिसके नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की एक विशिष्ट संख्या होती है; उदाहरण के लिए, कार्बन-13 (साँचा:Nuclide) जिसमें 6 प्रोटॉन और 7 न्यूट्रॉन होते हैं। इस शब्द का गठन 'आइसोटोप' से भिन्न अर्थ के संदर्भ में किया गया था, ताकि परमाणु के रासायनिक गुणों के बजाय उसके नाभिकीय गुणों पर स्वतंत्र रूप से विचार किया जा सके। हालाँकि, 'आइसोटोप' शब्द का प्रयोग अभी भी उसी संदर्भ में किया जाता है, विशेष रूप से परमाणु प्रौद्योगिकी और परमाणु चिकित्सा के क्षेत्र में, जहाँ 'न्यूक्लाइड' शब्द अधिक प्रचलित नहीं है।

न्यूक्लाइड के प्रकार

[संपादित करें]

यद्यपि 'न्यूक्लाइड' और 'आइसोटोप' (समस्थानिक) शब्दों का उपयोग प्रायः एक-दूसरे के पूरक के रूप में किया जाता है, परंतु 'आइसोटोप', न्यूक्लाइडों के बीच का केवल एक विशिष्ट संबंध है।

न्यूक्लाइड का वह समूह जिनमें प्रोटॉन की संख्या (परमाणु क्रमांक) समान होती है, अर्थात वे एक ही रासायनिक तत्व के होते हैं लेकिन उनकी न्यूट्रॉन संख्या भिन्न होती है, उस तत्व के समस्थानिक (आइसोटोप) कहलाते हैं। विशिष्ट न्यूक्लाइड को आम बोलचाल की भाषा में "आइसोटोप" कह दिया जाता है, लेकिन सामान्य संदर्भ में 'न्यूक्लाइड' शब्द को ही सही माना जाता है, विशेषकर तब जब किसी एक विशिष्ट तत्व (ज़ैड मान) की बात न हो रही हो। इसी तरह समान द्रव्यमान संख्या (ए) परंतु भिन्न परमाणु क्रमांक वाले न्यूक्लाइड के समूह को समभारिक (आइसोबार = भार में समान) कहा जाता है। आइसोटोन (समन्यूट्रॉनिक) वे न्यूक्लाइड हैं जिनमें न्यूट्रॉन की संख्या समान होती है लेकिन प्रोटॉन की संख्या भिन्न होती है। इसी तरह, समान न्यूट्रॉन आधिक्य (एन−ज़ैड) वाले न्यूक्लाइड को आइसोडायफर कहा जाता है।[2] 'आइसोटोन' नाम 'आइसोटोप' से ही व्युत्पन्न किया गया था ताकि इस बात पर जोर दिया जा सके कि पहले समूह (आइसोटोन) में न्यूट्रॉन (एन) की संख्या स्थिर रहती है, जबकि दूसरे (आइसोटोप) में प्रोटॉन (पी) की संख्या स्थिर रहती है।

इन्हें भी देखें

[संपादित करें]
  1. "nuclide" [न्यूक्लाइड]. goldbook.iupac.org (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 21 फरवरी 2026.
  2. बी.के., शर्मा (2001). Nuclear and Radiation Chemistry [परमाणु और विकिरण रसायन विज्ञान] (अंग्रेज़ी भाषा में) (7 ed.). कृष्णा प्रकाशन मीडिया. p. 78. ISBN 978-81-85842-63-9.