नौरादेही संरक्षित वन और अभयारण्य

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अपनी बायो डायवर्सिटी के कारण नौरादेही वन्य जीव सेंक्चुरी का स्थान सबसे अलग है। सागर, दमोह और नरसिंहपुर जबलपुर(Jaswant nirala (वार्ता) 06:36, 25 अगस्त 2019 (UTC)) जिलों में फैली इस वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में ट्रैकिंग, एडवेंचर और वाइल्ड सफारी का आनंद लिया जा सकता है। नौरादेही सेंक्‍चुरी की स्‍थापना सन् 1975 में की गई थी। यह करीब 1200 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली है।

इस सेंक्चुरी में वन्यजीवों की भरमार है, जिनमें तेंदुआ मुख्य है। एक समय यहां कई बाघ भी पाए जाते थे लेकिन संरक्षण नहीं मिलने के कारण अब वे लुप्त हो चुके हैं। तेंदुआ भी इसी हश्र की ओर अग्रसर है। चिंकारा, हरिण, नीलगाय, सियार, भेडि़या, जंगली कुत्ता, रीछ, मगर, सांभर,मोर, चीतल तथा कई अन्य वन्य जीव इस क्षेत्र में पाए जाते हैं। वनविभाग इसके संरक्षण का काम करता है।

यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ नई योजनाएं बनाई गई हैं। नौरादेही सेंक्‍चुरी में पहुंचने के लिए डीजल या पैट्रोल स चलने वाले ऐसे किसी भी वाहन के प्रयोग की छूट है जो पांच वर्ष से अधिक पुराना ना हो। यह MP राज्य का सबसे बडा अभ्यारण है। इसमे सागौन,साल,बांस और तेंदु के पेड बहुत मात्रा मे पाये जाते है। यहाँ मृगन्नाथ(MRAGENDRANATH) की गुफाएँ बहुत ही रोमान्चक तथा धार्मिक है। नये जंगली पक्षी - डस्की ईगल ओउल ,पेंडेट सैडग्राउज ,जो पहली बार अभ्यारण में देखे गए गिद्धों की 3 प्रजातियां इंडडियन पिट्टा किंग वल्चर इंडियन वल्चर सामने आई है प्रमुख पक्षियों मैं सिने रस टीट,मोर ग्रीन सैड पाइपर क्रेस्टेड ट्रीरिवफ्ट क्रेस्टेड वॉर्डिंग सल्फर वैली बाँब्लर पैंटेड स्टार्क यूरिशियन डार्टर ब्राउन ओउल बोनिली ईगल ओरियंटल हनीबजार्ड भी देखे गयेJaswant nirala (वार्ता) 06:36, 25 अगस्त 2019 (UTC))