नैना साहनी

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नैना साहनी तन्दूर हत्याकांड की एक शिकार थी।[1] उनकी हत्या उनके पति सुशील शर्मा ने 2 जुलाई 1995 को की। दिल्ली युवक कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष और तत्कालीन विधायक सुशील शर्मा ने नैना के अन्य प्रेम सम्बंध होने के शक में उसकी हत्या की। नैना भी कांग्रेस कार्यकर्ता थी। सुशील के अनुसार नैना के सम्बंध उसके सहपाठी करीम मतलूब से थे।[2]

तन्दूर हत्याकांड[संपादित करें]

2 जुलाई 1995 को जब सुशील घर आया तो नैना फोन पर बात कर रही थी। उन्होंने पुनः डायल किया तो पत चला कि वो करीम से बात कर रहीं थी। उसने गुस्से में आकर नैना पर लाइसेंसी रिवाल्वर से ताबड़तोड़ तीन फायर कर दिए। इसमें नैना की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार सुशील नैना के शव को लपेटकर अशोक यात्री निवास (अब इन्द्रप्रस्थ होटल) स्थित बगिया रेस्टोरेंट ले गये। वहां उसने नैना के कई टुकड़े किए और तंदूर में झोंक दिए। सुशील ने रेस्टोरेंट के मैनेजर केशव की मदद से नैना के शव को तंदूर में जलाने की कोशिश की। इसी कारण इसे तन्दूरी हत्याकांड भी कहा जाता है।[2][3]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "TANDOOR MURDER CASE: Sushil Sharma found guilty" [तंदूर हत्याकांड: सुशील शर्मा दोषी पाये गए] (अंग्रेज़ी में). एक्सप्रेस इण्डिया. 28 अक्टूबर 2003. अभिगमन तिथि 8 अक्टूबर 2013.
  2. "लव ट्राइएंगल में गई नैना साहनी की जान!". पत्रिका डॉट कॉम. 8 अक्टूबर 2013. अभिगमन तिथि 8 अक्टूबर 2013.
  3. सलील कुमार (28 अक्टूबर 2003). "Tandoor case: Murder most foul" [तन्दूर कांड: सबसे कलुषित हत्या]. रीडिफ डॉट कॉम. अभिगमन तिथि 8 अक्टूबर 2013.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]