नीरूबेन अमीन

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नीरूबेन अमीन
Pujya Niruma (cropped).jpg
धर्म हिंदू
व्यक्तिगत विशिष्ठियाँ
राष्ट्रीयता भारतीय
जन्म 2 दिसम्बर 1944
औरंगाबाद, महाराष्ट्र, भारत
निधन 19 मार्च 2006(2006-03-19) (उम्र 61)
पद तैनाती
पूर्वाधिकारी दादा भगवान
उत्तराधिकारी दीपकभाई देसाई

डॉ नीरूबेन अमीन (2 दिसम्बर 1944 – 19 मार्च 2006[1]) एक भारतीय धार्मिक नेता और अक्रम विज्ञान दर्शन की प्रचारक थीं। वह पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ थी। वह अपने अध्ययन के वर्षों के दौरान दादा भगवान की शिष्या बन गईं। दादा भगवान की मृत्यु के उपरांत उन्होंने दादा भगवान फाउंडेशन का नेतृत्व किया।[2] डॉ निरुमा ने अध्यात्म पर कई सारी पुस्तकें भी लिखी है।

परिचय[संपादित करें]

1988 में दादा भगवान की मृत्यु के तुरंत बाद, उनका अक्रम विज्ञान आन्दोलन दो गुटों में विभाजित हो गया। एक का नेतृत्व कनुभाई पटेल और जय सच्चिदानंद संघ (दादा भगवान के अधीन स्थापित एक संगठन) ने किया और दुसरे गुट का नेतृत्व नीरूबेन अमीन ने किया। निरुबेन ने अपने कई संगठन बनाए। पहले चेन्नई और अहमदाबाद में दादा भगवान फाउंडेशन ट्रस्ट और बाद में अहमदाबाद में सिमंधर स्वामी आराधना ट्रस्ट और मुंबई में महाविदेह फाउंडेशन की स्थापना की। वह आंदोलन की एक लोकप्रिय नेता बन गईं और उन्हें 1999 से उनके अनुयायियों द्वारा निरूमाँ के रूप में संबोधित किया जाने लगा।[2][3]

नीरुबेन ने दादा भगवान के प्रवचनों को प्रकाशित करके, ज्ञानविद्धि को औपचारिक रूप देते हुए, मंदिरों का निर्माण कर आन्दोलन को अधिक व्यवस्थित रूप दिया।[2] 2002 में, उन्होंने गांधीनगर में त्रिमंदिर नामक मंदिर परिसर का उद्घाटन किया, जो उनके मार्गदर्शन और देखरेख में बनाया गया था। मंदिर में सिमंधर स्वामी, शिव और कृष्ण की मूर्तियाँ हैं। उन्होंने सिमंधर सिटी की स्थापना भी की।[3]

19 मार्च 2006 को पेट के कैंसर के कारण नीरुबेन अमीन की मृत्यु हो गई।.[4] उनका स्मारक (समाधि) त्रिमंदिर परिसर में बनाया गया है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Renowned Gujarati Spiritual Leader Passes Away" (अंग्रेज़ी में). हिन्दूज्म टुडे. 31 मार्च 2006.[मृत कड़ियाँ]
  2. फ़्लुगेल्, पीटर (2005). किंग, अन्ना एस॰; ब्रोकिंगटन, जॉन (संपा॰). Present Lord: Simandhara Svami and the Akram Vijnan Movement (PDF). The Intimate Other: Love Divine in the Indic Religions (सम्मेलन की अधिकृत रपट). नई दिल्ली: ओरिएंट लोंगमैन. पपृ॰ 194–243. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788125028017. मूल (PDF) से 12 अप्रैल 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 जून 2020.
  3. Wiley, क्रिस्टी एल॰ (17 जून 2009). The A to Z of Jainism. स्केयरक्रो प्रेस. पपृ॰ 167–168. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-8108-6337-8. मूल से 22 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 30 जून 2020.
  4. "Renowned Spiritual Exponent Dr. Niruben Passes Away". जैन समाज डॉट ओर्ग. 16 अप्रैल 2006. मूल से 7 जुलाई 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 21 मार्च 2017.