नीरजा भनोट

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नीरजा भनोट
Neerja Bhanot (1963 – 1986).jpg
नीरजा भनोट (1963 – 1986)
जन्म 7 सितम्बर 1963
चंडीगढ़, भारत
मृत्यु 5 सितम्बर 1986(1986-09-05) (उम्र 22)
कराची, पाकिस्तान
राष्ट्रीयता भारत
अन्य नाम लाडो
शिक्षा प्राप्त की St. Xavier's College[*]
व्यवसाय विमान परिचारिका (एयर होस्टेस)
माता-पिता Harish Bhanot[*]
Rama Bhanot[*]
पुरस्कार अशोक चक्र पुरस्कार

नीरजा भनोट (7 सितंबर 1963- 5 सितंबर 1986[1]) मुंबई में पैन ऍम एयरलाइन्स (Pan Am Airlines) की विमान परिचारिका थीं। 5 सितंबर 1986 के मुम्बई से न्यूयॉर्क जा रहे पैन एम फ्लाइट 73 के अपहृत विमान में यात्रियों की सहायता एवं सुरक्षा करते हुए वे आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हो गईं थीं।[1] उनकी बहादुरी के लिये मरणोपरांत उन्हें भारत सरकार ने शान्ति काल के अपने सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया और साथ ही पाकिस्तान सरकार और अमरीकी सरकार ने भी उन्हें इस वीरता के लिये सम्मानित किया है।

वर्ष 2011 में उनके ऊपर एक फ़िल्म के निर्माण की घोषणा हुई, जिसमें उनका किरदार सोनम कपूर अदा करेंगी।[2] फ़िल्म की शुरूआत 2015 में हुई और इसे 19 फ़रवरी 2016 को रिलीज किया गया।

प्रारंभिक जीवन[संपादित करें]

नीरजा का जन्म 7 सितंबर 1963 को पिता हरीश भनोट और माँ रमा भनोट की पुत्री के रूप में चंडीगढ़ में हुआ। उनके पिता बंबई (अब मुंबई) में पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत थे और नीरजा की प्रारंभिक शिक्षा अपने गृहनगर चंडीगढ़ के सैक्रेड हार्ट सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में हुई। इसके पश्चात् उनकी शिक्षा मुम्बई के स्कोटिश स्कूल और सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज में हुई।[1]

नीरजा का विवाह वर्ष 1985 में संपन्न हुआ और वे पति के साथ खाड़ी देश को चली गयी लेकिन कुछ दिनों बाद दहेज के दबाव को लेकर इस रिश्ते में खटास आयी और विवाह के दो महीने बाद ही नीरजा वापस मुंबई आ गयीं। इसके बाद उन्होंने पैन एम में विमान परिचारिका की नौकरी के लिये आवेदन किया और चुने जाने के बाद मियामी में ट्रेनिंग के बाद वापस लौटीं।[1]

विमान अपहरण घटनाक्रम[संपादित करें]

मुम्बई से न्यूयॉर्क के लिये रवाना पैन ऍम-73 को कराची में चार आतंकवादियों ने अपहृत कर लिया और सारे यात्रियों को बंधक बना लिया। नीरजा उस विमान में सीनियर पर्सर के रूप में नियुक्त थीं और उन्हीं की तत्काल सूचना पर चालक दल के तीन सदस्य विमान के कॉकपिट से तुरंत सुरक्षित निकलने में कामयाब हो गये। पीछे रह गयी सबसे वरिष्ठ विमानकर्मी के रूप में यात्रियों की जिम्मेवारी नीरजा के ऊपर थी और जब १७ घंटों के बाद आतंकवादियों ने यात्रियों की हत्या शुरू कर दी और विमान में विस्फोटक लगाने शुरू किये तो नीरजा विमान का इमरजेंसी दरवाजा खोलने में कामयाब हुईं और यात्रियों को सुरक्षित निकलने का रास्ता मुहैय्या कराया।

वे चाहतीं तो दरवाजा खोलते ही खुद पहले कूदकर निकल सकती थीं किन्तु उन्होंने ऐसा न करके पहले यात्रियों को निकलने का प्रयास किया। इसी प्रयास में तीन बच्चों को निकालते हुए जब एक आतंकवादी ने बच्चों पर गोली चलानी चाही नीरजा के बीच में आकार मुकाबला करते वक्त उस आतंकवादी की गोलियों की बौछार से नीरजा की मृत्यु हुई। नीरजा के इस वीरतापूर्ण आत्मोत्सर्ग ने उन्हें अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हीरोइन ऑफ हाईजैक के रूप में मशहूरियत दिलाई।

सम्मान[संपादित करें]

नीरजा को भारत सरकार ने इस अदभुत वीरता और साहस के लिए मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया जो भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।अपनी वीरगति के समय नीरजा भनोट की उम्र २३ साल थी। इस प्रकार वे यह पदक प्राप्त करने वाली पहली महिला और सबसे कम आयु की नागरिक भी बन गईं।[3] पाकिस्तान सरकार की ओर से उन्हें तमगा-ए-इन्सानियत से नवाज़ा गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीरजा का नाम हीरोइन ऑफ हाईजैक के तौर पर मशहूर है। वर्ष २००४ में उनके सम्मान में भारत सरकार ने एक डाक टिकट भी जारी किया[4] और अमेरिका ने वर्ष २००५ में उन्हें जस्टिस फॉर क्राइम अवार्ड दिया है।[5]

स्मृति शेष[संपादित करें]

नीरजा की समृति में मुम्बई के घाटकोपर इलाके में एक चौराहे का नामकरण किया गया जिसका उद्घाटन ९० के दशक में अमिताभ बच्चन ने किया। इसके अलावा उनकी स्मृति में एक संस्था नीरजा भनोट पैन ऍम न्यास की स्थापना भी हुई है जो उनकी वीरता को स्मरण करते हुए महिलाओं को अदम्य साहस और वीरता हेतु पुरस्कृत करती है। उनके परिजनों द्वारा स्थापित यह संस्था प्रतिवर्ष दो पुरस्कार प्रदान करती है जिनमें से एक विमान कर्मचारियों को वैश्विक स्तर पर प्रदान किया जाता है और दूसरा भारत में महिलाओं को विभिन्न प्रकार के अन्याय और अत्याचार के खिलाफ़ आवाज़ उठाने और संघर्ष के लिये।[6] प्रत्येक पुरास्कार की धन्राषित १,५०,००० रुपये है और इसके साथ पुरस्कृत महिला को एक ट्रोफी और स्मृतिपत्र दिया जाता है।[7] महिला अत्याचार के खिलाफ़ आवाज़ उठाने के लिये प्रसिद्ध हुई राजस्थान की दलित महिला भंवरीबाई को भी यह पुरस्कार दिया गया था।[8]

फ़िल्म[संपादित करें]

नीरजा के इस साहसिक कार्य और उनके बलिदान को याद रखने के लिये उन पर फ़िल्म निर्माण की घोषणा वर्ष २०१० में ही हो गयी थी परन्तु किन्हीं कारणों से यह कार्य टलता रहा। अप्रैल २०१५ में यह खबर आयी कि राम माधवानी के निर्देशन में इस फ़िल्म की शूटिंग शुरू हुई है। इस फ़िल्म में नीरजा का किरदार अभिनेत्री सोनम कपूर अदा किया है। यह फ़िल्म 19 फ़रवरी 2016 को रिलीज हुई है।[2] [2] इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर अतुल काशबेकर हैं।[9]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Brave in life, brave in death by Illa Vij". The Tribune. 13 नवम्बर 1999. http://www.tribuneindia.com/1999/99nov13/saturday/head10.htm. 
  2. "सोनम बनेंगी जान पर खेलने वाली 'नीरजा'". बी बी सी (हिन्दी). 5 मई 2015. http://www.bbc.com/hindi/entertainment/2015/05/150504_mumbai_diary_sonam_kapoor_sp. अभिगमन तिथि: 11 जून 2015. 
  3. "Nominations invited for Neerja Bhanot Awards". The Indian Express. 5 सितंबर 2006. http://cities.expressindia.com/fullstory.php?newsid=199839. 
  4. "Stamp on Neerja released". द ट्रिब्यून. 9 अक्टूबर 2004. http://www.tribuneindia.com/2004/20041009/nation.htm#2. अभिगमन तिथि: 11 जून 2015. 
  5. "इस एयर होस्टेस ने आतंकियों से बचाई थी 360 पैसेंजर्स की जान". दैनिक भास्कर. http://www.bhaskar.com/news-hf/NAT-NAN-flight-attendant-neerja-bhanot-saved-360-passengers-from-terrorist-5017601-PHO.html. अभिगमन तिथि: 11 जून 2015. 
  6. सुन्दर, पुष्पा (2001). McCarthy, Kathleen D.. ed. Women, Philanthropy, and Civil Society. Indiana University Press, 2001. प॰ 280. https://books.google.co.in/books?id=XTAcDUja3VkC&lpg=PA280&dq=neerja%20bhanot&pg=PA280#v=onepage&q=neerja%20bhanot&f=false. अभिगमन तिथि: 11 जून 2015. 
  7. नीरजा न्यास, न्यास की वेबसाइट
  8. पाण्डेय, मृणाल (1998). परिधि पर स्त्री. नई दिल्ली: राजकमल प्रकाशन. प॰ 39. https://books.google.co.in/books?id=0d-o_7hGqrsC&lpg=PA39&dq=%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%BE%20%E0%A4%AD%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9F&pg=PA39#v=onepage&q=%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%BE%20%E0%A4%AD%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9F&f=false. अभिगमन तिथि: 11 जून 2015. 
  9. "Sonam begins filming Neerja Bhanot biopic". द हिन्दू. http://www.thehindu.com/entertainment/sonam-begins-filming-neerja-bhanot-biopic/article7119567.ece. अभिगमन तिथि: 11 जून 2015. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]