निश्चित अनुपात का नियम

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निश्चित अनुपात के नियम (law of definite proportion) या स्थिर अनुपात का नियम (law of constant composition) के अनुसार " किसी रासायनिक यौगिक में अवयवी तत्वों के भारों का सदैव एक निश्चित अनुपात रहता है। " इस नियम का प्रतिपादन सन् 1787 ई. में जोसेफ प्राउस्ट (Joseph Proust) ने किया था।

उदाहरण : H2O में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के भारों का अनुपात = 2 : 16 = 1 : 8 ; किसी भी स्त्रोत से प्राप्त जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के भारों का अनुपात सदैव 1 : 8 रहता है। इसी प्रकार, CO2 में C और O के भारों अनुपात 12 : 32 = 3 : 8 ; अतः किसी भी विधि प्राप्त CO2 में C तथा O के भारों का अनुपात सदैव 3 : 8 रहेगा।

सन्दर्भ[संपादित करें]