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निलंबन (रसायन विज्ञान)

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एक गिलास पानी में मिला हुआ आटा टिण्डल प्रभाव दिखाता है।

रसायन विज्ञान में, तरल पदार्थ के किसी विषमांगी मिश्रण को निलंबन (Suspension) कहते हैं जिसमें अवसादन के लिए पर्याप्त रूप से बड़े ठोस कण होते हैं। ये कण नग्न आंखों से दिखाई दे सकते हैं। ये कण प्रायः एक माइक्रोमीटर से बड़े होते हैं जो अंततः बैठ जाते हैं। हालांकि किसी मिश्रण को केवल तभी 'निलंबन' कहा जाता है जब कण बैठ नहीं गए हों।

गुणधर्म

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निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें ठोस कण घुलते नहीं हैं बल्कि विलायक के स्थूलतः निलंबित हो जाते हैं और माध्यम में स्वतंत्र रूप से तैरते रहते हैं।[1] निलंबन का एक उदाहरण पानी में रेत हो सकता है। निलम्बित कण सूक्ष्मदर्शी के से देखने पर दिखाई देते हैं और अगर उन्हें बिना छेड़े छोड़ दिया जाए तो समय के साथ नीचे बैठ जाएंगे। यह निलंबन को कोलॉइड से अलग करता है जिसमें कोलॉइड कण छोटे होते हैं और समय के साथ स्वतः अलग नहीं होते हैं। कोलॉइड और निलंबन विलयन से भिन्न होते हैं जिसमें घुला हुआ पदार्थ (विलेय) ठोस के रूप में मौजूद नहीं होता है और विलायक और विलेय समांगी रूप से मिश्रित होते हैं।

पदार्थ (Matter)
शुद्ध पदार्थअशुद्ध पदार्थ / मिश्रण
विषमांगी (Heterogeneous)समांगी (Homogeneous)
रासायनिक यौगिकरासायनिक तत्व
गैसीय मिश्रणमिश्र धातुविलयन
आणविकआयनिक
झाग (Foam)ठोस झागप्रश्लिष (एयरोसोल)निलंबन (Suspension)पायस (Emulsion)ठोस मिश्रण
धुआँधुंध/कोहरा

तकनीक प्रबोधन

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रक्त भी एक निलंबन है।

ऊर्ध्वाधर स्कैनिंग के साथ युग्मित बहु प्रकाश बिखराव एक उत्पाद के फैलाव की स्थिति की निगरानी करने के लिए सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक है जिससे अस्थिरता की घटनाओं की पहचान और मात्रा का पता लगाया जा सकता है। यह बिना तनुकरण के सांद्रित परिक्षेपण पर काम करता है। शुद्ध और अनुप्रयोगिक रसायन का अंतरराष्ट्रीय संघ के अनुसार तरल में ठोस कणों का परिक्षेपण ही निलंबन है।[2]

इन्हें भी देखें

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सन्दर्भ

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  1. Brady, James E.; Senese, Frederick. Chemistry: matter and its changes (अंग्रेज़ी भाषा में) (4th ed.). Hoboken, NJ: Wiley. ISBN 978-0-471-21517-2. अभिगमन तिथि: 21 फरवरी 2026.
  2. Slomkowski, Stanislaw; Alemán, José V.; Gilbert, Robert G.; Hess, Michael; Horie, Kazuyuki; Jones, Richard G.; Kubisa, Przemyslaw; Meisel, Ingrid; Mormann, Werner; Penczek, Stanisław; Stepto, Robert F. T. (10 सितम्बर 2011). "Terminology of polymers and polymerization processes in dispersed systems (IUPAC Recommendations 2011)". Pure and Applied Chemistry (जर्मन भाषा में). 83 (12): 2229–2259. डीओआई:10.1351/PAC-REC-10-06-03. आईएसएसएन 1365-3075. अभिगमन तिथि: 21 फरवरी 2026.