निनवेह
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![]() निनेवेह का संवादात्मक मानचित्र | |
| अन्य नाम | निनुवा |
|---|---|
| अवस्थिति | मोसुल, इराक |
| क्षेत्र | मेसोपोटामिया |
| इतिहास | |
| निर्माता | सेनेकरिब |
| स्थापना | 7वीं सहस्राब्दी ईसा पूर्व (प्रारंभिक बसावट) |
| परित्याग | 612 ईसा पूर्व |
| काल | अक्कादी, अस्सीरी, बेबीलोनियन |
| टिप्पणी | |
| स्थिति | अवशेष |
| स्वामी | सार्वजनिक |
| सार्वजनिक पहुँच | हां |
निनेवेह प्राचीन असीरिया का सबसे महत्वपूर्ण नगर था। यह दजला नदी के पूर्वी तट पर स्थित था और वर्तमान में इराक के मोसुल शहर के पास इसके अवशेष मौजूद हैं। यह नगर 705 से 612 ईसा पूर्व तक असीरियन साम्राज्य की राजधानी रहा और अपने भव्य महलों, मंदिरों और विशाल पुस्तकालयों के लिए प्रसिद्ध था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
[संपादित करें]निनेवेह की सबसे प्रारंभिक बसावट सातवीं सहस्राब्दी ईसा पूर्व की है। चौथी सहस्राब्दी ईसा पूर्व में यह एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र बन चुका था। अक्कादियन राजा मनीश्तुशु (2269-2255 ईसा पूर्व) ने यहां निर्माण कार्य कराया था। बाद में यह नगर मित्तानी साम्राज्य और फिर मध्य असीरियन काल (13वीं-12वीं शताब्दी ईसा पूर्व) में असीरिया का महत्वपूर्ण भाग बन गया।[1]
नियो-असीरियन काल और स्वर्ण युग
[संपादित करें]सेनेकरिब (705-681 ईसा पूर्व) के शासनकाल में निनेवेह असीरियन साम्राज्य की राजधानी बना। उसने नगर का विस्तार किया और 12 किलोमीटर लंबी और 25 मीटर ऊँची विशाल दीवारें बनवाईं, जिनमें 18 भव्य द्वार थे। उसने एक भव्य महल बनवाया, जिसे "अतुलनीय महल" कहा जाता था।[2]
सेनेकरिब के पोते अश्शूरबनिपाल (668-631 ईसा पूर्व) ने यहाँ एक विशाल पुस्तकालय स्थापित की, जिसमें क्ले टैबलेट्स पर लिखित हजारों ग्रंथ रखे गए थे। यह प्राचीन विश्व की पहली "सार्वभौमिक पुस्तकालयों" में से एक मानी जाती है।[2]
पतन और विनाश
[संपादित करें]612 ईसा पूर्व में, बेबीलोन और मादियों के संयुक्त आक्रमण में निनेवेह पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके बाद यह नगर कभी अपनी प्राचीन महिमा प्राप्त नहीं कर सका।[3]
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
[संपादित करें]निनेवेह प्राचीन काल में देवी ईश्तर-शाऊश्का का प्रमुख पवित्र स्थल था। इसके अलावा, यह बाइबिल में भी प्रमुखता से वर्णित है। यह वही नगर है, जहाँ बाइबिल के अनुसार नबी योना ने प्रचार किया था।[3]
आधुनिक काल और पुरातत्व
[संपादित करें]निनेवेह के उत्खनन 1846 में अर्नेस्ट लैयार्ड द्वारा शुरू किए गए थे। 2014-2016 के दौरान, आतंकवादी संगठन ने यहाँ कई ऐतिहासिक स्थलों को नष्ट कर दिया।[4]
निष्कर्ष
[संपादित करें]निनेवेह प्राचीन विश्व के सबसे महत्वपूर्ण नगरों में से एक था। यह एक शक्तिशाली साम्राज्य की राजधानी, धार्मिक स्थल, और सांस्कृतिक केंद्र था। हालांकि यह 612 ईसा पूर्व में नष्ट हो गया, लेकिन इसके अवशेष आज भी प्राचीन मेसोपोटामिया की समृद्ध विरासत का प्रमाण हैं।[4]
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Frahm, Eckart (2018), "Nineveh", The Encyclopedia of Ancient Histroy (अंग्रेज़ी भाषा में), John Wiley & Sons, Ltd, pp. 1–3, डीओआई:10.1002/9781444338386.wbeah01143.pub2, ISBN 978-1-4443-3838-6, अभिगमन तिथि: 2025-01-28
- 1 2 Mark, Joshua J. "Nineveh". World History Encyclopedia (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-01-28.
- 1 2 "Nineveh | History, Map, & Significance | Britannica". www.britannica.com (अंग्रेज़ी भाषा में). 2025-01-07. अभिगमन तिथि: 2025-01-28.
- 1 2 Centre, UNESCO World Heritage. "The Ancient City of Nineveh". UNESCO World Heritage Centre (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-01-28.
