निद्रा लकवा

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निंद्रा लकवा/पक्षाघात (अंग्रेज़ी: Sleep paralysis) एक परिघटना है जिसमें व्यक्ति निंद्रा में पड़ते समय या निंद्रा से निकलते समय कुछ समय के लिए हिलने, बोलने या कोई भी प्रतिक्रिया करने में असमर्थता महसूस करता है। कई सभ्यताओ में लोग इसे भूत पिसाच से जोड़कर देखते है और कोई प्रतिक्रिया करने में असमर्थता के कारण भयभीत हो जाते हैं। इस परिघटना की अबधि कुछ मिनट तक कि हो सकती है। यह एक बार या लगातार हो सकता है।यह समस्या आम है और अधिकांश तौर पर किसी गम्भीर समस्या की सूचक नहीं है। नींद वाला लकवा अक्सर उन लोगों को प्रभावित करता है जिन्हें बहुत ज़्यादा नींद आने का रोग (नार्कोलेप्सी) या सोते समय सांस रुक जाने का रोग (स्लीप एप्निया) होता है, लेकिन यह समस्या किसी को भी हो सकती है.[श्रेणी:मनोविज्ञान]]

सन्दर्भ[संपादित करें]

sleep peralases muje kahi bar huwa ase samjhe ki har roj 10 me se 6 din me bahut preshan hu is se me jab bhi sota hu to sote hi 5 mint ander meri ankhen khul jati hai or me sab kuch mesus kar sakta hu awaj kisi ke hone ka anbhau or me bahut koshish karta hu hath per hilane ki but nhi hila pata bahut prehshan ho jatu rone tak lag jata hu ek ajib hi lagta hai bahut dar lagta hai ek bar mene mesus kiya ki mera gala daba raha hai koi or bahut si bar sans lene me prob aa jati or body ka temperature bahut jada ho jata hai body vibration karne lag jati hai matlab bahut hi jada dikkat ati hai is bimari ke chalte me akela nhi so pata aj kal agr isko kuch solutions ho to plz...muje bataye 9783001199 mere sat roj hota hai sleep peralases or din me jab bhi japki ati hai us time bhi hota hai