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नासाशोथ

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नासाशोथ
अन्य नामसर्दी-जुकाम
पराग विभिन्न प्रकार के सामान्य पौधों के कण परागज ज्वर का कारण बन सकते हैं।
उच्चारण
विशेषज्ञता क्षेत्रसंक्रामक रोग, एलर्जी और प्रतिरक्षा विज्ञान
आवृत्ति-1475 to 1525%

नासाशोथ (Rhinitis) जिसे कोरिज़ा भी कहा जाता है,[3]नासाशोथ की उत्पत्ति अनेक कारणों से हो सकती है, जिनमें विषाणु, जीवाणु, विभिन्न प्रकार के उत्तेजक पदार्थ तथा एलर्जी उत्पन्न करने वाले कारक प्रमुख हैं।[4] इसका सबसे सामान्य रूप एलर्जिक राइनाइटिस है,[5] जो सामान्यतः वायु में उपस्थित परागकणों, धूल, फफूँद के बीजाणुओं अथवा पशुओं की रूसी जैसे एलर्जी कारकों के संपर्क में आने से विकसित होता है।[6] परागज ज्वर में न केवल [छींक]] आना और नाक बहना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं,[7][8] बल्कि नाक में खुजली, खाँसी, सिरदर्द,[9] थकान, अस्वस्थता तथा कभी-कभी ध्यान और स्मृति संबंधी क्षमताओं में कमी जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न हो सकती हैं।[10][11]

एलर्जी उत्पन्न करने वाले कारक आँखों को भी प्रभावित कर सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आँखों से पानी आना, लालिमा, खुजली तथा आँखों के आसपास सूजन जैसी शिकायतें हो सकती हैं।[9] परागज ज्वर में यह सूजन नासिका की श्लेष्मा में उपस्थित मास्ट कोशिकाओं के सक्रिय होकर विघटित होने के कारण उत्पन्न होती है। इन कोशिकाओं से हिस्टामिन और अन्य रासायनिक मध्यस्थ मुक्त होते हैं,[12] जो एक जटिल सूजन प्रक्रिया को आरम्भ करते हैं। यही प्रक्रिया अत्यधिक श्लेष्मा उत्पादन, नाक बंद होने और नाक बहने जैसे लक्षणों के लिए उत्तरदायी होती है।[13] इसके अतिरिक्त, शरीर में उत्पन्न यह सूजन प्रतिक्रिया थकान और सामान्य अस्वस्थता जैसी व्यापक शिकायतों का भी कारण बन सकती है।

दूसरी ओर, संक्रामक नासाशोथ मुख्यतः विषाणुओं अथवा जीवाणुओं के संक्रमण के कारण होता है। अधिकांश मामलों में यह हल्का और स्वतः सीमित रहने वाला होता है, किंतु कुछ परिस्थितियों में संक्रमण श्वसन तंत्र के निचले भागों तक फैल सकता है और विषाणुजनित अथवा जीवाणुजनित न्यूमोनिया जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। संक्रामक नासाशोथ में होने वाली छींकें शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया होती हैं, जिनका उद्देश्य श्वसन पथ से रोगजनकों और अन्य हानिकारक कणों को बाहर निकालना होता है।

नाक बहना एक अत्यंत सामान्य चिकित्सीय समस्या है, जो विश्वभर में बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करती है। इसके विभिन्न रूपों में परागज ज्वर सबसे अधिक प्रचलित है, हालांकि इसकी व्यापकता विभिन्न देशों और भौगोलिक क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न पाई जाती है। उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिवर्ष लगभग 10 से 30 प्रतिशत वयस्क परागज ज्वर से प्रभावित होते हैं।[14] यह दर्शाता है कि पर्यावरणीय परिस्थितियाँ, आनुवंशिक प्रवृत्ति तथा जीवनशैली संबंधी कारक इस रोग की आवृत्ति को प्रभावित कर सकते हैं।

नासाशोथ का एक विशिष्ट रूप मिश्रित नासाशोथ (एमआर) है, जिसमें रोगी में परागज ज्वर और गैर-परागज ज्वर दोनों की विशेषताएँ एक साथ उपस्थित होती हैं। ऐसे रोगियों में एलर्जी कारकों के अतिरिक्त धुआँ, तीव्र गंध, तापमान में परिवर्तन अथवा अन्य उत्तेजक पदार्थ भी लक्षणों को उत्पन्न या बढ़ा सकते हैं। मिश्रित नासाशोथ को नासाशोथ का एक पृथक उपप्रकार माना जाता है, क्योंकि इसके नैदानिक लक्षण और उपचार संबंधी आवश्यकताएँ अन्य प्रकारों से भिन्न हो सकती हैं।

उपलब्ध अध्ययनों के अनुसार, मिश्रित नासाशोथ परागज ज्वर से पीड़ित लगभग 50 से 70 प्रतिशत रोगियों में पाया जा सकता है। हालांकि, इसकी वास्तविक व्यापकता अभी भी पूर्णतः स्पष्ट नहीं है,[15] क्योंकि विभिन्न अध्ययनों में प्रयुक्त निदान मानदंडों और अनुसंधान पद्धतियों में अंतर पाया जाता है।

सन्दर्भ

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  1. "rhinitis | Definition, meaning & more | Collins Dictionary". www.collinsdictionary.com. अभिगमन तिथि: 4 जनवरी 2017.
  2. "coryza | Definition, meaning & more | Collins Dictionary". www.collinsdictionary.com. अभिगमन तिथि: 4 जनवरी 2017.
  3. फाल्ट्ज़, सीआर; बेकर, डब्ल्यू; नौमन, एचएच (2009). Ear, nose, and throat diseases: with head and neck surgery (3rd ed.). स्टटगार्ट: थीमे. p. 150. ISBN 978-3-13-671203-0.
  4. मोसेस, डॉ. आर. फ्रांसिस; गुप्ता, आंचल; श्रीवास्तव, सौम्य प्रकाश (2022). Medical Surgical Nursing-II (मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग-II) (Bilingual Format). ठाकुर पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड. ISBN 9789354803079.
  5. सेट्टीपेन आर.ए. (2003). "Rhinitis: a dose of epidemiological reality". लर्जी अस्थमा प्रोक. 24 (3): 147–54. पीएमआईडी 12866316.
  6. सुलिवन, जेबी; क्रीगर, जीआर (2001). Clinical environmental health and toxic exposures. p. 341.
  7. शर्मा, डॉ. राजीव. एलर्जी और अस्थमा का उपचार. डायमंड पॉकेट बुक्स (पी) लिमिटेड. ISBN 9788128805899.
  8. "Nonallergic rhinitis". मूल से से 2008-09-24 को पुरालेखित।.
  9. 1 2 "Allergic rhinitis".
  10. क्विलन डीएम, फेलर डीबी (May 2006). "Diagnosing rhinitis: allergic vs. nonallergic". अमेरिकन फैमिली फिजिशियन. 73 (9): 1583–90. पीएमआईडी 16719251.
  11. मार्शल पी.एस., ओ'हारा सी., स्टाइनबर्ग पी. (April 2000). "Effects of seasonal allergic rhinitis on selected cognitive abilities". एलर्जी, अस्थमा और इम्यूनोलॉजी के इतिहास. 84 (4): 403–10. डीओआई:10.1016/S1081-1206(10)62273-9. पीएमआईडी 10795648.{{cite journal}}: CS1 maint: multiple names: authors list (link)
  12. "Inflammatory Nature of Allergic Rhinitis: Pathophysiology".
  13. "Immunopathogenesis of allergic rhinitis" (PDF). मूल से (PDF) से 2017-08-09 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2012-01-11.
  14. "Economic Impact and Quality-of-Life Burden of Allergic Rhinitis: Prevalence".
  15. बर्नस्टीन, जोनाथन ए. (सितंबर 2010). "Allergic and mixed rhinitis: Epidemiology and natural history". एलर्जी और अस्थमा प्रोसीडिंग्स. 31 (5): 365–369. डीओआई:10.2500/aap.2010.31.3380. आईएसएसएन 1539-6304. पीएमआईडी 20929601.