नारायण राव पवार
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नारायण राव पवार | |
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| व्यक्तिगत जानकारी | |
| जन्म | 1925 |
| मृत्यु | 12 दिसम्बर 2010 (aged 85) हैदराबाद |
| पत्नी | विजयलक्ष्मी पवार |
| बच्चे | 6 (प्रभाकर पवार, निर्मला माकने,किरन गोजे,सुधाकर पवार,मधुकर पवार) |
नारायण राव पवार (1925-12 दिसंबर 2010) एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और आर्य समाज के सदस्य थे। उन्होंने हैदराबाद के अंतिम निजाम मीर उस्मान अली खान को मारने की योजना बनायी थी और उसे कार्यान्वित भी किया। उसके बाद लोकप्रिय हो गये।[1]
करियर
[संपादित करें]नारायण राव पवार ने दो अन्य लोगों (जगदीश आर्य और गंडैया आर्य) के साथ 4 दिसंबर 1947 को किंग कोठी पैलेस के पास अंतिम निजाम पर बम फेंका। सत्र न्यायालय ने उन्हें मौत की सजा और जगदीश आर्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
तत्पश्चात् 17 सितंबर 1948 को उनका मृत्य्दण्ड आजीवन कारावास में बदल दिया गया।
21 महीने जेल में रहने के बाद, उन्हें 10 अगस्त 1949 को रिहा कर दिया गया।
12 दिसंबर 2010 को उनकी मृत्यु हो गई।
वह हैदराबाद सशस्त्र संघर्ष के प्रमुख रवि नारायण रेड्डी के अनुयायी थे।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Ayakrishnan (17 September 2017). "Remembering the forgotten heroes who fought to free Hyderabad". The Times of India.