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नाना भोपटकर

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नाना भोपटकर झाँसी राज्य के न्यायमूर्ति (न्यायाधीश) थे और वहाँ की न्याय व्यवस्था का संचालन करते थे। वे प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।[1] वे रानी लक्ष्मीबाई के विश्वसनीय और करीबी सहयोगियों में से एक थे।[2] रानी के शासन में वे न्याय और प्रशासनिक मामलों में सलाहकार के रूप में भी माने जाते थे।[3][4]

1857 का भारतीय विद्रोह के दौरान नाना भोपटकर ने रानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया। उन्होंने प्रशासनिक सहयोग के साथ-साथ संघर्ष के समय रणनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।[5]नाना भोपटकर उन प्रमुख व्यक्तियों में थे जिन्होंने झांसी के शासन को संगठित रखने और संकट के समय रानी लक्ष्मीबाई का समर्थन करने में अहम भूमिका निभाई।

सन्दर्भ

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  1. जैन, अंकिता (7 मई 2021). झांसी की रानी लक्ष्मीबाई. ऋतुराज बुक्स.{{cite book}}: CS1 maint: year (link)
  2. सक्सेना सैनिक, नरेश चंद्र (2002). Amara balidānī Jhalakārībāī. साहित्य संगम.
  3. हार्डिकर, श्रीनिवास बालाजी (1968). Rānī Lakshmībāī. Neśanala Pabliśiṅga Hāusa.
  4. वर्मा, वृन्दावनलाल (1993). Jhansi Ki Rani. प्रभात प्रकाशन.
  5. वृन्दावनलाल वर्मा, विश्वनाथ प्रसाद (1991). Vr̥ndāvanalāla Varmā samagra. प्रचारक ग्रंथावली परियोजना, हिंदी प्रचारक संस्थान.