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नाओमी ब्लेक

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नाओमी ब्लेक
जन्म ज़िसल डुम (Zisel Dum)
11 मार्च 1924
मुकाचेवो
मौत 7 नवंबर 2018 (उम्र 94)
उत्तरी लंदन, यूनाइटेड किंगडम
राष्ट्रीयता ब्रिटिश
शिक्षा हॉर्नसी स्कूल ऑफ आर्ट
पेशा मूर्तिकार
प्रसिद्धि का कारण कांस्य मूर्तिकला, होलोकॉस्ट उत्तरजीवी

नाओमी ब्लेक (11 मार्च 1924 – 7 नवंबर 2018) एक ब्रिटिश मूर्तिकार थीं। वे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान होलोकॉस्ट (यहूदी नरसंहार) से जीवित बची थीं। उनकी कलाकृतियां मुख्य रूप से शांति, मानवीय सहनशीलता और धार्मिक सद्भाव के विषयों पर केंद्रित हैं।

प्रारंभिक जीवन और होलोकॉस्ट

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नाओमी का जन्म 1924 में मुकाचेवो (Mukachevo) के एक रूढ़िवादी यहूदी परिवार में हुआ था। उनका मूल नाम ज़िसल डुम (Zisel Dum) था। 1944 में, उनके परिवार को ऑशविट्ज़ (Auschwitz) एकाग्रता शिविर (कॉन्सेंट्रेशन कैंप) भेज दिया गया। उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों की वहां मृत्यु हो गई।[1]

ऑशविट्ज़ में नाओमी को एक नाज़ी हथियार कारखाने में काम पर लगाया गया। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, वहां उन्होंने अन्य महिला कैदियों के साथ मिलकर बमों के निर्माण तंत्र में छेड़छाड़ (सबोटेज) की थी, ताकि हथियार काम न कर सकें। 1945 की शुरुआत में, नाजियों ने कैदियों को 'डेथ मार्च' (Death March) पर भेजना शुरू किया। इस मार्च के दौरान, नाओमी वहां से भागने में सफल रहीं।[2]

इस्राइल प्रवास और मूर्तिकला की शुरुआत

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द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, 1947 में नाओमी ब्रिटिश शासनादेश वाले फ़िलिस्तीन (Mandatory Palestine) चली गईं। वहां वे यहूदी सैन्य संगठन पामच (Palmach) में शामिल हुईं और 1947–1949 के युद्ध में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें गले में गोली लगी और वे घायल हो गईं। अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ के दौरान उन्होंने लकड़ी की नक्काशी (woodcarving) करना शुरू किया, जहाँ से उनकी मूर्तिकला की शुरुआत हुई। 1952 में, वे अपने पति के साथ यूनाइटेड किंगडम आ गईं और वहां हॉर्नसी स्कूल ऑफ आर्ट (Hornsey School of Art) से मूर्तिकला की औपचारिक शिक्षा प्राप्त की।

नाओमी ब्लेक की कलाकृतियां मुख्य रूप से कांस्य (Bronze), फ़ाइबरग्लास और रेज़िन से बनी हैं। कला समीक्षकों के अनुसार, उनके कार्यों में होलोकॉस्ट के अनुभवों के साथ-साथ आशा, मानवीय करुणा और धार्मिक सद्भाव के विषय दिखाई देते हैं। उनकी शैली आधुनिक और अर्ध-अमूर्त (semi-abstract) है।[3]

उनकी मूर्तियां यूनाइटेड किंगडम के कई सार्वजनिक स्थानों, चर्चों और यहूदी संस्थानों में प्रदर्शित हैं। ब्रिस्टल, लंदन शहर और बेन उरी गैलरी (Ben Uri Gallery) में उनकी कलाकृतियां स्थापित हैं।[4][5] वह 'रॉयल वेस्ट ऑफ इंग्लैंड एकेडमी' और 'रॉयल सोसाइटी ऑफ ब्रिटिश स्कल्पटर्स' की फेलो भी रहीं।[6]

7 नवंबर 2018 को 94 वर्ष की आयु में उत्तरी लंदन में उनका निधन हो गया।[7]

सन्दर्भ

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  1. Platt, Gareth (2015-01-26). "Beating Hitler: How Naomi Blake survived Auschwitz and escaped the death march". International Business Times UK (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-03-20.
  2. Blake, Lucy (2018-11-22). "Obituary: Naomi Blake". The Jewish Chronicle (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-03-20.
  3. Windsor, Alan (2003). British Sculptors of the Twentieth Century. Ashgate. p. 19. ISBN 1859284566.
  4. Ward-Jackson, Philip (2003). Public Sculpture of Britain Volume 7: Public Sculpture of the City of London. Liverpool University Press. ISBN 0-85323-977-0.
  5. Merritt, Douglas (2002). Sculpture in Bristol. Redcliffe Press Ltd. ISBN 1900178834.
  6. Buckman, David (2006). Artists in Britain Since 1945 Vol 1, A to L. Art Dictionaries Ltd. ISBN 0-953260-95-X.
  7. Schwab, W.M, ed. (1987). Jewish Artists The Ben Uri Collection. Lund Humphries Publishers Ltd. ISBN 0-85331-537-X.

बाहरी कड़ियाँ

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