नांगल सिरोही

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नांगल सिरोही
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य हरियाणा
ज़िला महेन्द्रगढ़
Sarpanch
जनसंख्या
घनत्व
10,000 (2001 के अनुसार )
• 962/किमी2 (2,492/मील2)
क्षेत्रफल 10.4 कि.मी² (4 वर्ग मील)

निर्देशांक: 28°11′50″N 76°08′02″E / 28.197321°N 76.133881°E / 28.197321; 76.133881 नांगल सिरोही भारत के हरियाणा राज्य के महेंद्रगढ़ जनपद का एक क़स्बा है।

भोगोलिक स्थिति[संपादित करें]

यह महेंद्रगढ़ से नारनौल की तरफ़ ९ किलोमीटर की दूरी पर है। (नारनौल से १६ किलोमीटर पहले) यह दक्षिणी हरियाणा है जन्हा जंगली झाड़ और लंबे चौड़े रेत के टीले, धूल भरी आंधिया और बहुत ही मेहमान नवाजी पसंद और प्यारे लोग रहते हैं। नांगल गाँव नारनौल से २० किमी की दूरी पर है। इस गाँव में एक मंदिर है जिसका नाम गुसाई है। गाँव में एक सुंदर सी पहाङी भी है। जिस पर बाबा कालिया टोडा का मंदिर बना हुआ है। यहाँ पर सभी जाति के लोग रहते हैं।

इतिहास[संपादित करें]

नांगल सिरोही ग्राम की स्थापना खोश्या गोत्र के अहीरों ने की थी। जिनके पूर्वज पड़ोस के डेरोली गाँव से आए थे। कहा जाता है कि ४०० वर्ष पूर्व डेरोली गाँव मे एक द्रोपाल नाम का आदमी रहता था उसका अपने खानदान पर अच्छा रौब था। सिरोही उस समय गुर्जरों के स्वमित्व मे था जो की नारनौल के निजाम को कर न देने के लिए बदनाम थे। जब भी कर अधिकारी कर वसूली के लिए गाँव मे आते वो लोग पास के जंगलों मे जा कर छुप जाते थे। जब स्थिति किसी भी तरह नही सुधरी तो एक बार ऐसी स्थिति मे दिल्ली के मुग़ल अधिकारियो ने द्रोपाल को खाली जमीन पर अधिकार करने का अधिकार दे दिया

लोग[संपादित करें]

यह गाव फौजियो और व्यापारियों के लिए जाना जाता है। यहाँ के अहीरों के ज़्यादातर परिवारों से कम से कम एक आदमी सेना या अर्ध सैनिक बलों मे है। नांगल सिरोही ने बहुत से कामयाब व्यापारी भी दिये है। बड़े भारतीय कंपनी मोदी ग्रुप के स्थापक और आपकाडोमेन डॉट कॉम और बीइ सोफ्तवेअर सोल्युसन के स्थापक के सम्बन्ध यंहा से रहे है। गाव के ज़्यादातर निवासी अहीर है जिनका पेशा खेतीबाड़ी और पशुपालन है उंह पर अहिरो के लगभग ५०० परिवार है।

कृषि[संपादित करें]

गाव के पूराने हिस्से ऊपला बास (ऊपरी वास) मे बहुत सी शानदार हवेलिया है। जो की माना जाता है की श्तानिया व्यापारियों मे १८वि और १९वि सदी मे बनवाई थी। ये हवेलिया राजपूताना के भूतपूर्व जैपुर राज्य के शेखावटी क्षेत्र से बुलवाये गए चेजरासो और चित्रासो ने बनाई थी। और सवाभाविक्ताया उनमे उनके अपने राज्य की कला का असर दिखता है जैसे की शेखावटी के सरदार और आदिवासी लडाका जीवन।

सन्दर्भ[संपादित करें]